17 दिन में तीसरी बार वाहन से लुढ़के पत्थर, उडऩदस्तों को नजर नहीं आ रहा ओवरलोड

सुरक्षा प्रबंधों की अनदेखी के साथ परिवहन हो रहे भारी-भरकम पत्थर कब नीचे गिर जाते हैं पता ही नहीं रहता। ओवरलोड चल रहे वाहनों से आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन पुलिस व परिवहन विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं

By: Jitesh kumar Rawal

Updated: 29 Mar 2019, 12:10 PM IST

हाइवे पर वाहनों से लुढ़क रहे भीमकाय पत्थर, उडऩदस्तों को नहीं दिख रहा ओवरलोड , आए दिन गिर रहे ब्लॉक, न सबक ले रहे और न कार्रवाई , सुरक्षा प्रबंधों की अनदेखी में हरदम हादसे की आशंका


जालोर. वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में परिवहन विभाग के उडऩदस्ते हाइवे पर मुस्तैदी दिखा रहे हैं, लेकिन ओवरलोड शायद नजर नहीं आ रहा। सुरक्षा प्रबंधों की अनदेखी के साथ परिवहन हो रहे भारी-भरकम पत्थर कब नीचे गिर जाते हैं पता ही नहीं रहता। ओवरलोड चल रहे वाहनों से आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन पुलिस व परिवहन विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं। अतिव्यस्ततम मार्गों पर चल रहे वाहनों से आए दिन पत्थर गिर रहे हैं। आबादी क्षेत्रों में गिर रहे भीमकाय ब्लॉक की चपेट में आकर जनहानि भी हो सकती है, लेकिन इन हादसों के बावजूद न तो वाहन चालक सबक ले रहे हैं और न ही जिम्मेदार कार्रवाई कर रहे हैं। मार्च माह में ही इस तरह के तीन हादसे सामने आ चुके हैं। हालांकि जनहानि से बचाव हो गया, लेकिन हल्की सी चूक भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती थी। ठोस कार्रवाई के अभाव में ओवरलोड वाहन संचालन को शह मिल रही है। गुरुवार को ही बागरा कस्बे में मुख्य मार्ग स्थित बिजलीघर के पास मोड में ट्रोलर से ग्रेनाइट ब्लॉक फिसल गए। नजदीक ही ढाबे पर लोग खाना खा रहे थे। गनीमत रही कि कोई चपेट में नहीं आया, अन्यथा जनहानि से इनकार नहीं कर सकते थे। गत ११ मार्च को आहोर में कई टन वजनी पत्थर ट्रोलर से गिरकर पुलिया को तोड़ते हुए कई फीट लुढ़क गया था। इसके दो दिन बाद ही अगवरी में ओवरलोड डम्पर पलट चुका है।


दावों को झूठला रहे हादसे
हालांकि विभागीय अधिकारी ओवरलोड वाहन चलने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन वाहनों से आए दिन गिर रहे पत्थर उनके दावों को झूठला रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रोलर में रखे ब्लॉक किसी तरह से बांधकर नहीं रखे जाते। बगैर बांधे पत्थर मोड में असंतुलित होकर लुढ़क जाते हैं। इस तरह के हादसे होने का एक अहम कारण यही है। हालांकि इस तरह से ब्लॉक का परिवहन करना भी गलत है, लेकिन परिवहन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
जिम्मेदारों की नजरंदाजी में होते पार
बिना किसी बेल्ट से बांधे ब्लॉक रखे वाहन आए दिन आबादी क्षेत्र से गुजर रहे हैं। आहोर व जालोर शहर समेत विभिन्न जगहों से आसानी से पार हो जाते हैं, लेकिन जिम्मेदारों को नजर नहीं आ रहे। इन दिनों परिवहन विभाग के ऐन बाहर ही अस्थायी काउंटर लगा रखा है, जिस पर पूरी टीम बैठी रहती है। उडऩदस्ते राउंड द क्लॉक हाइवे पर दौड़ रहे हैं, लेकिन इस तरह के वाहनों को नजरंदाज किया जा रहा है।
कोई भी चपेट में आ सकता है
भारी वाहनों पर लदे ब्लॉक लुढ़ककर पास से गुजर रहे किसी अन्य वाहन पर गिरने का हर समय अंदेशा बना रहता है। हाल ही में हुए इन हादसों में ब्लॉक लुढ़ककर आबादी क्षेत्रों में ही गिरे हैं। ऐसे में कोई बाइक या अन्य हल्का वाहन या आसपास से गुजर रहा कोई भी इसकी चपेट में आ सकता था। इस तरह के हादसे में जान-माल की हानि हो जाए तो हाथ मलने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा।

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