जालोर की ग्रेनाइट इण्डस्ट्री में टैक्स चोरी के एक के बाद एक मामले आ रहे सामने

Dharmendra Ramawat

Updated: 16 Mar 2019, 11:23:32 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. सैंट्रल जीएसटी टीम की ओर से जालोर की ग्रेनाइट इण्डस्ट्री से लगातार टैक्स चोरी को लेकर की जा रही एक के बाद एक कार्रवाई के बावजूद यह सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इससे साफ-सुथरा काम करने वाले उद्यमी भी शक के दायरे में आने के कारण परेशान हो रहे हैं। गुरुवार रात को सैंट्रल जीएसटी टीम ने ग्रेनाइट से भरे तीन ट्रेलर और एक ट्रक सीज कर करीब ढाई लाख की टैक्स और पैनल्टी वसूल की है। इनमें से एक ट्रेलर में एक ही ई-वे बिल से दूसरी बार माल भेजा जा रहा था। वहीं दो ट्रेलर में एक्सेस क्वांटिटी थी। जबकि चौथे में ई-वे बिल से बचने के लिए 50 हजार रुपए से कम की राशि के चार अलग-अलग बिल काटे गए थ। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार रात सैंट्रल जीएसटी टीम के अधिकारियों ने लेटा क्रॉसिंग के निकट ग्रेनाइट स्लेब से भरे तीन ट्रेलर रुकवाए। इनमें से पहला ट्रेलर जालोर के टुलीप स्टोन से गुडग़ांव हरियाणा के लिए जा रहा था। इस टे्रलर के चालक से जब टीम ने पूछताछ की तो सामने आया कि यह माल एक ही ई-वे बिल से दूसरी बार गुडगांव भेजा जा रहा था। इस पर ट्रेलर को सीज किया गया। वहीं अगले दिन शुक्रवार को 88 हजार रुपए का टैक्स और पैनल्टी वसूल की गई।
बिल के मुकाबले डेढ़ गुना माल
इसी तरह जीएसटी टीम की ओर से पकड़े गए दो ट्रेलर में बिल के मुकाबले एक्सेस क्वांटिटी पाई गई। एक ट्रेलर में काटे गए बिल में 2400 स्क्वायर फीट माल दिखा रखा था, जबकि चेक करने पर यह माल 5800 स्क्वायर फीट निकला। यह माल रुकमणि ग्रेनीमार्मो किशनगढ़ की जालोर स्थित ब्रांच से राजसमंद भेजा जा रहा था। इस पर टीम ने 63 हजार की टैक्स-पैनल्टी वसूल की वहीं दूसरे ट्रेलर में जालोर की तिरुपति ग्रेनाइट से दिल्ली के लिए माल भेजा जा रहा था। इसके बिल में करीब 2400 स्क्वायर फीट माल दर्शा रखा था, जबकि जांच में 4400 स्क्वायर फीट माल पाया गया। जिस पर 38 हजार की टैक्स-पैनल्टी वसूली गई।
ई-वे बिल से बचने का ये तरीका
जीएसटी टीम की ओर से पकड़े गए चौथे ट्रक में भी ग्रेनाइट स्लेब भरे थे, लेकिन ई-वे बिल से बचने के लिए पाली की फर्म मंगलम ग्रेनाइट एंड मार्बल ने जालोर से माल भरवाकर अलग-अलग एरिया के चार बिल कटवाए। ये चारों बिल ५० हजार से कम राशि से कम के थे। कारण कि नियमानुसार ५० हजार से कम राशि का बिल होने पर ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यह सारा माल एक साथ एक ही ट्रक में था। ऐसे में टीम को सारा माल एक ही जगह भेजे जाने का शक हुआ। इस ट्रक में भरे माल में तीन का बिल जैतारण के निकट कालू गांव व एक मेड़ता का था। टीम को मुखबिर से इसकी सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने गुरुवार रात करीब साढ़े बारह बजे पीछा करते हुए कानीवाड़ा के निकट इस ट्रक को रुकवाया और बाद में इसे जालोर लाया गया। जहां शुक्रवार को ६४ हजार की टैक्स-पैनल्टी वसूलने के बाद ट्रक छोड़ा गया।
एक दिन में ढाई लाख का राजस्व
सैंट्रल जीएसटी विभाग की ओर से गुरुवार को सीज किए गए इन तीन ट्रेलर और एक ट्रक से एक ही दिन में करीब 2 लाख 53 हजार की टैक्स और पैनल्टी वसूल की है। इधर, लगातार ग्रेनाइट इण्डस्ट्री में एक के बाद एक टैक्स चोरी के मामले सामने आने के बाद उद्यमियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
अब तक 18 पकड़े 17 ग्रेनाइट के
गौरतलब है कि सैंट्रल जीएसटी टीम की ओर से अब तक जालोर में 18 कार्रवाई की गई है और इनमें से 17 मामले गे्रनाइट से जुड़े थे। वहीं एक मामला ब्रांडेड कंपनी के पान मसाले और जर्दे से जुड़ा था।

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