व्यापारी ऐसे कर रहे चोरियां, 10 दिन में तीन के खिलाफ कार्रवाई

Dharmendra Ramawat

Updated: 16 Feb 2019, 10:48:39 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. राज्य भर में सालों पहले बोर्डर एरिया पर कर चोरी रोकने के लिए स्थापित वाणिज्यिक कर विभाग की चौकियां हटा देने के कारण व्यापारी टैक्स की खुलकर चोरी कर रहे हैं। मौजूदा समय की बात करें तो राज्य के किसी भी जिले में वाणिज्यिक कर विभाग की एक भी चौकी नहीं है। हालांकि कर चोरी रोकने के लिए एंटीईवेजन टीम जरूर लगा रखी हैं, लेकिन वह भी इक्का-दुक्का होने के कारण कर चोरी को पूर्णतया रोकने में नाकाम नजर आ रही है। जबकि विभाग के आला अधिकारी भी अब सिर्फ शिकायतों के आधार पर ही कार्रवाई कर पाते हैं। इसके अलावा जांच का पूरा का पूरा दारोमदार अब सैंट्रल एक्साइज विभाग को दे रखा है। जिसके कारण कर चोरी पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग पा रहा है। बीते कुछ महीनों की बात करें तो सैंट्रल जीएसटी टीम ने शक और शिकायत के आधार पर दो-तीन कार्रवाई जरूर की थी। जिससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि क्षेत्र में कर चोरी का सिलसिला अभी भी बदस्तूर जारी है।
केस-1
जिला मुख्यालय पर सैंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने गत २९ अगस्त को भागली टोल प्लाजा पर पान मसाले और तम्बाकू से भरा कंटेनर जब्त कर १६ लाख का टैक्स और पैनल्टी वसूली थी। छानबीन में सामने आया था कि इस कंटेनर में एक ही ई-वे बिल के जरिए उतना ही माल सोनीपत से दूसरी बार रानीवाड़ा के लिए सप्लाई किया जा रहा था। अगर यह कंटेनर इस बार भी नहीं पकड़ा जाता तो इसी बिल के आधार पर तीसरी बार भी माल की डिलीवरी हो सकती थी।
केस-2
गत 10 जनवरी को शाम पौने छह बजे सांकरणा टोल पर जीएसटी टीम ने एक ट्रेलर को सीज किया था। जिसमें कुल ३ लाख ९ हजार का माल (ग्रेनाइट स्लेब) था। फर्म के मालिक ने दिल्ली के छतरपुर डिलीवरी के लिए गत ४ जनवरी को ई-वे बिल बनाया था। इसके बाद पहली बार जालोर से 7 जनवरी को माल डिलीवर हो चुका था। वहीं 10 जनवरी को शाम पौने छह बजे यही ट्रेलर दोबारा डिलीवरी के लिए दिल्ली जा रहा था। जिस पर टे्रलर जब्त कर ४७ हजार १७० रुपए टैक्स और इतनी ही पैनल्टी यानी कुल 94 हजार 398 रुपए का टैक्स व पैनल्टी वसूली गई।
केस-3
इसी तरह गत 10 जनवरी को ही सांकरणा टोल पर एक और ट्रेलर रुकवाकर जीएसटी टीम ने तलाशी ली। चालक से मिले बिल के मुताबिक इसमें टैक्स सहित कुल 1 लाख 60 हजार का माल भरा होना बताया गया था और वजन 2885 फुट था, जबकि ट्रेलर में भरे माल का नाप किया गया तो माल दोगुना निकला। इस पर टीम ने एक्सेस क्वांटिटी पर 24 हजार 400 रुपए टैक्स और इतनी ही पैनल्टी यानी कुल 48 हजार 800 रुपए टैक्स और पैनल्टी वसूल की।
फिलहाल सिर्फ दो उडऩदस्ते
पाली, जालोर और सिरोही जिले में फिलहाल करचोरी रोकने के लिए महज दो उडऩदस्ते ही काम कर रहे हैं। इनमें से एक आबूरोड, जबकि दूसरी एंटीईवेजन की टीम पाली की है। इससे पहले पाली और आबूरोड के अलावा जालोर व सिरोही में जिले में कुल पांच उडऩदस्ते की टीमें थीं, लेकिन अब इन सात में से महज दो टीमें ही काम कर रही है।
पूरे राज्य में एक भी चेकपोस्ट नहीं
छह से सात साल पहले अकेले जालोर व सिरोही जिले में गुजरात बोर्डर से सटे करीब ८ इलाकों में सेलटैक्स की चेकपोस्टें थीं। इनमें सांचौर, मंडार, माखुपुरा, मावल, मंडार-डी, रेवदर, आबूरोड व अंबाजी रोड आबूरोड चेकपोस्ट मुख्य रूप से थी। गुजरात से आने वाले सभी वाहन इन्हीं चेकपोस्ट से होकर गुजरते थे। ऐसे में यहां कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी वाहनों की जांच के दौरान करचोरी करने वालों के खिलाफ टैक्स और पेनल्टी भी वसूलते थे, लेकिन इन सभी चेकपोस्टों को राज्य सरकार की ओर से करीब 7 साल पहले ही हटा दिया गया। जिसके कारण कर चोरी बढऩे लगी है।
तो लग सकता है करचोरी पर अंकुश
जिले के गुजरात बोर्डर व अन्य हाइवे जो एक से दूसरे जिले को जोड़ते हैं। पूर्व में वहां कर चोरी रोकने के लिए चौकियां स्थापित की गई थी, लेकिन अब राज्य में कहीं भी वाणिज्यिक कर विभाग की चौकियां नहीं हैं। मौजूदा समय में अगर जिला मुख्यालय पर भी चेकपोस्ट लगती है तो निजी ट्रावेल्स, रोडवेज, ट्र्रांसपोर्ट कंपनियों के वाहनों और अन्य वाहनों में आने वाले बिना बिल के माल की भी जांच की जा सकती है।

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