सांचौर के हिट एंड रन केस में आरोपी गिरफ्त से दूर

सांचौर के हिट एंड रन केस में आरोपी गिरफ्त से दूर
सांचौर के हिट एंड रन केस में आरोपी गिरफ्त से दूर

Dharmendra Ramawat | Updated: 09 Jul 2019, 10:59:10 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

www.patrika.com/rajasthan-news

सांचौर. सांचौर क्षेत्रसे गुजर रहे एनएच-6 8 पर रविवार शाम को हिट एंड रन केस में पुलिस की ढिलाई से अब तक आरोपी गिरफ्त से दूर है। जबकि मामले में शहर के विभिन्न क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में इस गाड़ी के फुटेज कैद हुई है। इस घटनाक्रम में लग्जरी गाड़ी ने 8 लोगों को चपेट में लिया और उसमें से 3 की मौत हो गई।
चर्चित और आमजन को झकझौर देने वाले इस मामले में सोमवार को पुलिस ने कागजी औपचारिकता निभाई और शवों को पीएम के बाद परिजनो को सांैप दिया। इधर, हादसे में घायल हुए लोग अभी जिन्दगी और मौत की जंग लड़ रहे है। वहीं दूसरी ओर हादसे को लेकर पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई सवालों के घेरे में है। हादसे को लेकर पुलिस धारा ३०४ के तहत प्रकरण तो दर्ज कर दिया है। लेकिन अभी तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। बेकाबू लग्जरी वाहन का चालक कौन था इस मामले में पुलिस मौन है।
सवालों के जवाब तलाशने होंगे पुलिस को
- हादसे के 24 घंटे बाद भी पुलिस अब तक कार्रवाई को लेकर कार्ययोजना तय नहीं कर पाई है कि आखिर इतनी बड़ी भीषण हादसे का जिम्मेदार कौन है?
- शहर के हाइवे स्थित नामचीन होटल पर युवकों के फोटो वायरल होने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर क्यों?
- हादसे से पूर्व लज्जरी वाहन शहर के पुलिस थाने के आगे से गाड़ी निकली, फुटेज में गाड़ी गुजरती हुई दिखाई दे रही है, लेकिन कार्रवाई में देरी क्यों?
- ऐसे हादसे को रोकने के लिए नियम विरुद्ध तेज गति से चलने वाले वाहनों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
- हाइवे पर दौडऩे वाले बिना नंबर के वाहन व काले शीशे लगे वाहनों पर आखिर पुलिस कार्रवाई को लेकर परहेज क्यों?
पुलिस की ढिलाई का असर
शहर में बने फोर लाईन हाइवे पर निरन्तर अन्तराल से हादसे होते हैं, किन्तु तत्काल परिस्थतियों में लोगों का आक्रोश शंात करने के लिए पुलिस व प्रशासन सख्ती दिखाते है। किन्तु वक्त के साथ हादसे को भुला दिया जाता है। सितंबर २०१७ में शहर के चार रास्ता पर दिन को अखबार बेचते ट्रेलर की चपेट में आने से एक हॉकर की मौत हो गई थी। वहीं चार रास्ता पर ही टे्रलर की चपेट में आने से २०१८ में एक युवक मौत हो गयी थी। जिसके बावजूद भी पुलिस न तो हाईवे पर खड़े ट्राफिक को हटाने का साहस दिखाया और न ही हाईवे से तेज गति से गुजरने वाहानो के कभी चालान बनाए। इतना ही नहीं हाईवे पर दिन दहाड़े नशे का सेवन वाहन चलाने वाले वाहनो की भी पुलिस कभी जांच नहीं करती है।
जिन्दगी और मौत की जंग
रविवार को हाइवे पर हुए हादसे के कुछ दिन बाद पुलिस व प्रशासन भी उक्त हादसे को फाइलों में दफन कर देगा, किन्तु हादसे का शिकार हुए मृतकों के परिजनों के जख्म नहीं भरे जा सकेंगे।। हादसे में मौत का शिकार हुआ एक अधेड़ रसोई बनाने का कार्य करता था, जिसकी मौत हो गई। वहीं हादसे में घायल हुआ कारोला निवासी सुरेश गर्ग परिवार का इकलौता वारिस था। जो हादसे में घायल हो गया। ऐसे में परिवार के समक्ष रोजी रोटी का सकट भी पैदा हो गया है।
हाइवे के फुटपाथ पर कब्जा
शहर से गुजरने वाले 4 किमी लंबे हाईवे के दोनों ओर बनाए गए फुटपाथ को लोगो ने कॉमर्शिलय प्वाइंट बना दिया है। हाइवे के फुटपाथ पर चाय की थड़ी, नास्ते का ठैला सहित ज्यूस सेन्टर तक लगा रखे है। किन्तु उनको हटाने की न तो पुलिस पहल करती है और न ही नगरपालिका इस ओर ध्यान देती है।
इनका कहना
हादसे को लेकर धारा ३०४ के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। जिसमें वाहन मालिक को बुलाया गया है। वहीं चालक कौन है जिसका पता लगाया जा रहा है। जो भी होगा हरसंभव कार्रवाई की जाएगी।
- कैलाशदान, थाना प्रभारी, पुलिस थाना, सांचौर

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