होटल-ढाबों की आड़ में चल रहे हैं मयखाने!

जिले अवैध रूप से शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। लेकिन आबकारी व पुलिस महकमा की सुस्ती से प्रभावी कार्रवाईनहीं हो पा रही है

By: शंकर शर्मा

Published: 22 Dec 2015, 11:51 PM IST

जालोर. जिले अवैध रूप से शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। लेकिन आबकारी व पुलिस महकमा की सुस्ती से प्रभावी कार्रवाईनहीं हो पा रही है। हाल यह है कि होटलों  की आड़ में अवैध रूप से शराब बिक्री की जा रही है। जहां पर बार की तरह ग्राहकों को शराब परोसी जाती है।

हाल में जालोर डीएसपी ने एक होटल पर दबिश दी थी, जहां अवैध रूप से ग्राहकों को शराब परासने का भंडाफोड़ हुआ था। इतना ही नहींं पुलिस ने होटल से दो कार्टन शराब भी बरामद की थी। ऐसे में जाहिर है कि जिले में होटल-ढाबों की आड़ में शराब परोसने का कारोबार पांव पसार है। शहर सहित जिलेभर में कईहोटल-ढाबों में देर रात तक शराब उपलब्ध रहती है।

 
सूत्रों का कहना हैकि कई होटलों में इस गोरखधंधे में होटल के नौकरों से शराब मंगवाईजाती है तथा ग्राहक को उपलब्ध करा दी जाती है। कई जगह होटल या इसके आस-पास शराब का स्टाक कर लिया जाता है और ग्राहकों को शराब दी जाती है। जिले में होटल-ढाबों पर अवैध रूप से शराब परोसने के कारोबार को लेकर पुलिस व आबकारी विभाग की ओर से कोई कार्रवाईनहीं की जा रही है।

शाही अंदाज में परोसी जा रही थी शराब
शहर के सामतीपुरा रोड पर शनि मंदिर से आगे स्थित एक होटल में सोमवार रात पुलिस की ओर से दी गईदबिश में सामने आया कि होटल में शराब परोसने के लिए शाही व्यवस्था की हुईथी, जबकि होटल संचालकों के पास बीयर बार तक का लाइसेंस नहीं था। शहर के नजदीक इस तरह का कारोबार बेरोक-टोक चल रहा था, तो इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले के बड़े कस्बों की क्या स्थिति होगी।

होटल-ढाबों की पड़ताल से परहेज!
जिले में राज्य व राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य सड़कों के किनारे होटल-ढाबों का मनमर्जीसे संचालन किया जा रहा है। लेकिन इन होटल-ढाबों की पड़ताल करने को लेकर ना तो जिला प्रशासन को फिक्र है और ना ही पुलिस विभाग को परवाह। ऐसे में जिले में मुख्य मार्गों पर मनमर्जीसे सैकड़ों होटल-ढाबों का संचालन किया जा रहा है। इनमें कई होटल-ढाबों में वाहन चालकों व ग्राहकों को आसानी से शराब तक उपलब्ध कराईजा रही है, लेकिन पुलिस की ओर से होटल-ढाबों की पड़ताल तक नहीं की जा रही है। इतना ही नहीं शहर में संचालित होटल-ढाबों पर भी पुलिस की ओर से अब कोई पड़ताल नहीं की गई।

ठेके भी बने बीयर बार!
शहर सहित जिले में संचालित शराब के अधिकतर ठेके बीयर बार का रूप ले चुके हैं। शराब के ठेकों पर ना सिर्फ अवैध रूप से शराबबियों को बिठाया जाता है, बल्कि उन्हें हर सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। जिला प्रशासन व पुलिस की नाक के नीचे चल रहे खेल को लेकर आला अधिकारी भी आंखे मूूंदे हुए हैं।

यहां तक कि जिम्मेदार महकमा आबकारी विभाग भी कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। ऐसे में ठेके संचालकों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। लेकिन खुले आम चल रहे ऐसे अवैध बार हो या रात 8  बजे बाद शराब परोसने वाले ठेका संचालक पर आबकारी विभाग व पुलिस ने लम्बे समय से कोई कार्रवाई नहीं की है। इतना ही नहीं इस पर नजर रखने के बनाई गई विजिलेंस टीम भी बेमानी साबित हो रही है। यही वजह है कि जिले में धड़ल्ले से शराब की अवैध बीयर बार संचालित हो रहे हैं।
शंकर शर्मा
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