हाइवे अथॉरिटी की मनमर्जी ऐसी बिना नोटिस और मुआवजे के तोड़ डाले मकान और टांके

हाइवे अथॉरिटी की मनमर्जी ऐसी बिना नोटिस और मुआवजे के तोड़ डाले मकान और टांके
हाइवे अथॉरिटी की मनमर्जी ऐसी बिना नोटिस और मुआवजे के तोड़ डाले मकान और टांके

Dharmendra Ramawat | Updated: 02 Jun 2019, 10:40:39 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

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वेडिय़ा (सांचौर). क्षेत्र के सेसावा सरहद में सड़क निर्माण के दौरान किसानों के खातेदारी खेतों में बिना सूचना हाइवे की परिधी से बाहर निर्माण करने व सड़क किनारे बने किसानों के मकानों को तोडऩे के बाद शुक्रवार को मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इक_ा हो गई। इस दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कार्य को रुकवाकर कार्यवाही की मांग की। ग्रामीणों ने हाइवे अथॉरिटी पर बिना सूचना मकानों को तोडऩे व खातेदारी खेत में सड़क निर्माण करने का आरोप लगाया। किसानों ने बताया कि विभाग ने किसानों के खातेदारी खेत में निर्माण से पूर्व ना तो कोई नोटिस दिए और ना ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया है। ऐसे हाइवे अथॉरिटी की ओर से मनमर्जी से ग्रामीणों के खेतों में बने मकान व पानी के टांके तोड़ दिए गए। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। हंगामे की सूचना पर विभागीय अधिकारियों ने मौका स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश की। इस दौरान ग्रामीणों ने बिना नोटिस व बिना मुआवजे के किसानों के खेतों में बने मकान व पानी के टांके तोडऩे के मामले में कार्यवाही की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके खेत में खड़े हरे वृक्ष व बगीचों को भी सड़क निर्माण की सीमा से बाहर कर तोड़ दिया गया। इस दौरान सेसाव सरपंच प्रतिनिधि जगदीश कड़वासरा भी मौका स्थल पर पहुंचे और हाइवे निर्माण के दौरान की जा रही मनमर्जी को लेकर विरोध जताया। इस दौरान ग्रामीणों ने भी नियम विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्य का विरोध जताते हुए कार्यवाही नहीं होने तक कार्य बंद करने की मांग की।
भारत माला के तहत हो रहा निर्माण
क्षेत्र के सेसावा व अगड़वा सरहद में भारतमाला परियोजना के तहत विभाग की ओर से हवाई पट्टी का निर्माण करवाया जा रहा है। जिसकी चौड़ाई ज्यादा होने से सड़क से सटे किसानों के खेत भी चपेट में आ रहे हैं। जबकि किसानों का कहना है कि विभाग ने इस निर्माण से पूर्व ना तो उन्हें कोई नोटिस दिया और ना ही उन्हें मुआवजे के लिए कोई प्रक्रिया अपनाई गई है। इसको लेकर उन्होंने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
इनका कहना...
भारत माला परियोजना के तहत सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है। विभागीय नियमों के आधार पर ही कार्य किया जा रहा है। अगर किसी को मुआवजा नहीं मिला है, तो उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
- नवरत्न, डिप्टी मैनेजर, भारतमाला परियोजना
भारतमाला परियोजना के तहत हो रहे निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों की सूचना पर मैं स्वयं मौका स्थल पर गया था। नियमानुसार जो भी होगा कार्यवाही की जाएगी।
- प्रेमाराम, तहसीलदार, चितलवाना
भारत माला परियोजना के तहत हो रहे सड़क निर्माण से किसानों को नुकसान हो रहा है। विभागीय अधिकारी किसानों को बिना नोटिस, बिना मुआवजा व बिना भूमि आवाप्ति के कृषि भूमि में निर्माण करवा रहे हैं। कई किसानों के पक्के मकान, टांके व हरे पेड़ उखाड़ दिए गए हैं। मामले में कार्यवाही होनी चाहिए। प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीण धरना प्रदर्शन करेंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की रहेगी।
- जगदीश कडवासरा, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत सेसावा

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