यहां गली-मौहल्लों में बने हैं कॉम्पलेक्स, फायर सेफ्टी तो दूर, सुरक्षा मानकों का भी ध्यान नहीं

यहां गली-मौहल्लों में बने हैं कॉम्पलेक्स, फायर सेफ्टी तो दूर, सुरक्षा मानकों का भी ध्यान नहीं
यहां गली-मौहल्लों में बने हैं कॉम्पलेक्स, फायर सेफ्टी तो दूर, सुरक्षा मानकों का भी ध्यान नहीं

Dharmendra Ramawat | Updated: 28 May 2019, 10:20:00 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. शहर के मुख्य रोड पर स्थित नामी होटल में रविवार सुबह आग लगने के बाद पूरा प्रशासन घंटों तक सकते में रहा। हर कोई अधिकारी आग पर काबू पाने के लिए इधर से उधर भाग दौड़ में लगा रहा। तब जाकर करीब चार घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। ऐसे में फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों को लेकर पत्रिका टीम ने रविवार को शहर की विभिन्न होटलों और बहुमंजिला इमारतों में व्यवस्थाएं देखी। इस दौरान अधिकतर जगहों पर फायर सेफ्टी के कोई प्रबंध नजर नहीं आए। कई जगहों पर स्थिति ऐसी थी कि अगर आग लग भी जाए तो इन इमारतों में घुसे लोगों का बाहर आना तो दूर आस पास रहने वाले लोग भी इसकी चपेट में आसानी से आ सकते हैं। शहर की एक भी होटल या बहुमंजिला इमारत में इस स्थिति से निपटने के प्रबंध नहीं हैं। ना तो कहीं पर्याप्त मात्रा में फायर फाइटर और ईमरजेंसी निकासी के मार्ग हैं और ना ही दमकल और अन्य संसाधनों के पहुंचने से पहले खुद के स्तर पर निपटने के कोई प्रबंध हैं। ऐसे में अगर समय रहते प्रशासन ने इस बारे में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो शहरवासियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
पहले भी जा चुकी है दो सगे भाइयों की जान
गौरतलब है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में भी इससे पहले भीषण आग लगने से दो सगे भाइयों की मौत हो चुकी है। घांचियों की पिलानी स्थित एक घी की दुकान में आग लगने के बाद सिलेंडर फट गया था। वहीं संकरा मार्ग होने के कारण दमकल के यहां पहुंचने के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। शहर के सरावास, गांधी चौक, हनुमान नगर, शिवाजी नगर और मुख्य बाजार में भी ऐसी कई इमारतें हैं, जहां आग लगने के दौरान गंभीर हादसे हो सकते हैं। शहर के भीतरी भागों में बनी इन इमारतों और कॉम्पलेक्स में भी फायर सेफ्टी के कोई प्रबंध नहीं। ऐसे में प्रशासन को इस बारे में सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
भीतरी इलाके में नहीं पहुंच पाती है दमकल
जालोर नगरपरिषद में कहने को दो दमकलें ठीक ठाक हालात में जरूर हैं, लेकिन शहर के भीतरी भागों में अगर आग लग जाए तो ये किसी काम की नहीं हैं। मार्ग संकरा होने के कारण यहां छोटी दमकल की जरूरत है और पिछले दस साल से इसकी मांग भी की जाती रही है, लेकिन अब तक नगरपरिषद इसकी खरीद नहीं कर पाई है। जिसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned