परिषद की पीठ पीछे ही होता रहा नियम विरुद्ध निर्माण, अब तक 12 को नोटिस

नगरपरिषद ने बीते एक पखवाड़े में 12 जनों को दिए नोटिस

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 25 Apr 2018, 09:42 AM IST

जालोर. नगरपरिषद क्षेत्र में जगह-जगह हो रहे नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों को लेकर अब सख्ती बरती जा रही है। नगरपरिषद टीम की ओर से की गई जांच के दौरान इन सभी जगहों पर प्लान के विपरीत और बिना इजाजत के निर्माण करना पाया गया। ऐसे में बीते पखवाड़े भर में परिषद ने ऐसे 12 भवन मालिकों को नोटिस देकर काम रुकवाया है। वहीं मौके से निर्माण सामग्री और उपकरण भी जब्त किए हैं। खास बात तो यह है कि गत 16 अप्रेल को नगरपरिषद की ओर से जिस भवन मालिक को नोटिस थमाया गया है, नगरपरिषद परिसर के ठीक पीछे लम्बे समय से निर्माण कार्य करवा रहा था। जबकि इस बारे में तत्कालीन अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद उन्होंने भवन मालिक के विरुद्ध ना तो कोई कार्रवाई की और ना ही नियम विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्य को रुकवाया। आयुक्त शिकेश कांकरिया का कहना हैकि यहां मालिक की ओर से प्लान के विपरीत निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। इसलिए मालिक को नोटिस देकर काम रुकवाया गया। इसके अलावा सुंदेलाव तालाब के कैचमेंट एरिया में नींव खोदकर किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर भी परिषद ने कार्रवाई।
इन जगहों पर परिष ने रुकवाया काम
आयुक्त कांकरिया ने बताया कि नगरपरिषद टीम की ओर से बीते पंद्रह दिन में नगरपरिषद के ठीक पीछे ममता पत्नी गणपतकुमार की ओर से करवाए जा रहे भवन निर्माण, रोडवेज डिपो के पास अनिल चाण्डक की ओर से स्वीकृत प्लान के विपरीत अस्पताल निर्माण, गिरीराज बिलुभाई के भवन का निर्माण, आहोर रोड पर विजय पुत्र अम्बालाल, गौरव पथ रोड पर नरपत कुमार माली का भवन निर्माण व वार्ड 7 में हीराचंद भण्डारी की ओर से करवाया जा रहा भवन निर्माण समेत दर्जन भर भवन मालिकों को नोटिस देकर काम रुकवाया गया है।
पत्रिका ने प्रकाशित किए थे समाचार
सुंदेलाव तालाब की पाल पर बीएसएनएल निगम कार्यालय के पास डूब क्षेत्र में नींव खोदकर किए जा रहे अतिक्रमण के मामले में पत्रिका ने गत 11 अप्रेल को 'कागजों में दफन हो रहा सुंदेलाव का सौंदर्य, कैचमेंट में बढ़ रहे कब्जेÓ समाचार प्रकाशित किया था। वहीं इससे पहले 24 नवम्बर 2017 को 'अनधिकृत निर्माण पर 52 के नाम जारी किए नोटिस, जवाब आए 18 केÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए थे।
52 में से 18 के ही आए थे जवाब
नगरपरिषद क्षेत्र में चल रहे अनधिकृत व बिना स्वीकृति के निर्माण कार्यों को लेकर इससे पहले तत्कालीन आयुक्त सौरभकुमार जिंदल ने ऐसी 52 जगहें चिह्नित कर सम्बंधित के नाम नोटिस जारी किए थे, लेकिन इनमें से जवाब महज 18 जनों ने ही दिए थे। जबकि 8 जनों ने नोटिस तामिल ही नहीं नहीं किए या कार्मिकों को मौके पर कोई मिला ही नहीं। इसके साथ ही न्यायालय के निर्देशों पर नगरपरिषद क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण हटाने को लेकर भू-स्वामियों व भवन निर्माताओं को तत्कालीन आयुक्त जिंदल ने नवम्बर २०१७ में 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन यह अल्टीमेटम बीते करीब 4 महीने हो गए हैं। इसके बावजूद कहीं कोई सख्ती नहीं बरती गई। अब बीते पखवाड़े भर में 12 भवन मालिकों को नोटिस देकर काम रुकवाया गया है।
कार्रवाई कर रहे हैं...
नगरपरिषद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के अलावा बिना इजाजत और नियम विरुद्ध निर्माण को लेकर टीम की ओर से सर्वे किया जा रहा है। पंद्रह दिन में 12 भवन मालिकों को नोटिस जारी कर काम भी रुकवाया गया है। वहीं तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण को लेकर भी निगरानी रखी जा रही है। अनधिकृत निर्माण व अतिक्रमण को लेकर आगे भी सख्ती बरती जाएगी।
- शिकेश कांकरिया, आयुक्त, नगरपरिषद जालोर

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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