सभापति व उपसभापति के करीबियों के यहां पहुंचे अधिकारी, खंगाले दस्तावेज

Dharmendra Ramawat

Updated: 16 May 2019, 11:36:33 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. शहर की आवासीय कॉलोनियों व जगह-जगह हो रहे नियम विरुद्ध निर्माण को लेकर बुधवार को नगरपरिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया, एईएन भवानीसिंह भाटी, जेईएन हरीश गहलोत व कुलदीप मीणा समेत कार्मिकों की टीम ने तीन जगह मौका मुआयना किया। इस दौरान अधिकारियों व भवन मालिक की मौजूदगी में स्वामित्व संबंधी दस्तावेज खंगाले गए। साथ ही इमारतों का नापतोल कर रिपोर्ट तैयार की गई। जानकारी के अनुसार नगरपरिषद टीम ने जमादारों से मिली रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को तिलक द्वार के पास व सर्किट हाऊस के सामने स्थित भवनों का मौका मुआयना किया। वहीं डीएलबी के निर्देशों पर शिवाजी नगर स्थित एक बहुमंजिला इमारत के दस्तावेज खंगालते हुए नापतोल किया। खास बात तो यह है कि ये तीनों ही मामले नगरपरिषद सभापति भंवरलाल माली व उपसभापति मंजू सोलंकी से जुड़े हुए हैं। इनमें से शिवाजी नगर स्थित बहुमंजिला इमारत उपसभापति के पति राजेंद्र सोलंकी की है, जबकि तिलक द्वार के पास स्थित भवन सभापति की सास मोहिनी देवी पत्नी अम्बालाल व सर्किट हाऊस के सामने स्थित भवन उनकी पत्नी के भाई विजय पुत्र अम्बालाल माली के हैं। इन तीनों जगहों पर टीम ने मौका स्थिति की जांच कर रिपोर्ट तैयार की।
शिवाजी नगर में तीसरी बार हुई जांच
गौरतलब है कि शिवाजी नगर स्थित बहुमंजिला इमारत उपसभापति सोलंकी के पति के नाम से है। इस भवन के निर्माण को लेकर पूर्व में आरटीर्आ कार्यकर्ता हीराचंद भण्डारी ने शिकायत की थी। इस इमारत में नियम विरुद्ध निर्माण को लेकर दो बार जेईएन की ओर से जांच कर मौका रिपोर्ट तैयार की गई। उच्च न्यायालय के निर्देश पर तत्कालीन आयुक्त सौरभकुमार जिंदल के कार्यकाल में भी नगर परिषद ने 9 नवम्बर 2017 को उपसभापति के पति को व्यक्तिगत तौर पर पेश होकर जवाब नोटिस का जवाब पेश करने को कहा था। जिसके बाद 17 नवम्बर को उपसभापति ने जवाब पेश किया था। अब डीएलबी ने नए सिरे से इसकी जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद बुधवार को फिर से मौका स्थिति की जांच कर रिपोर्ट तैयार की गई।
पहले की रिपोर्ट बताई थी अनियमितताएं
नगरपरिषद की ओर से न्यायालय के निर्देशों पर २० फरवरी २०१७ को तैयार की गई मौका रिपोर्ट में बताया गया था कि निरीक्षण के दौरान भवन के पूर्व में 44.10 फीट चौड़ी सड़क मिली, जबकि पट््टे में चौड़ाई 50 फीट थी। मौके पर रोड सेंटर से भवन की ऊंचाई 19.74 मीटर मिली, जबकि निर्माणकर्ता को 15 मीटर ऊंचाई तक निर्माण की इजाजत दी थी। अनुमोदित प्लान के विरुद्ध मालिक ने 5वीं मंजिल का अतिरिक्त निर्माण करवाया व उक्त तल पर 1000 लीटर क्षमता का 10 पीवीसी वॉटर टैंक तथा लिफ्टनुमा बनाया गया था, जो अवैध था। इसी तरह रिपोर्ट में अन्य कई अनियमितताएं बताई गई थीं।
सोलंकी ने पेश किया था जवाब
उपसभापति सोलंकी ने व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान जवाब में भूतल पर व्यवसायिक गतिविधि नहीं चलने, सालों से गैर व्यवसायिक सरकारी कार्यालय का संचालन होने, भवन की पहली से तीसरी मंजिल के निर्माण की स्वीकृति २१ फरवरी २०१४ को लेने, भवन निर्माण नक्शे के अनुसार होने, भूतल का निर्माण सालों पहले होने व स्वीकृति ऊपरी मंजिल की मांगने से सेटबैक छोडऩा लागू नहीं होने, नक्शे के अनुसार भूतल में पार्किंग छोडऩे व चौथी मंजिल की स्वीकृति १८ फरवरी २०१६ को लेने समेत कई पक्ष रखे थे।
कार्रवाई की मांग, दिया ज्ञापन
इधर, शहरवासी हीराचंद भण्डारी व सुखराज सुथार ने बुधवार को आयुक्त को ज्ञापन देकर राजस्थान उच्च न्यायालय में पारित आदेश का हवाला देते हुए शिवाजी नगर स्थित बहुमंजिला इमारत के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि न्यायालय ने सोलंकी को सुनवाई का उचित अवसर देकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन करीब 15 माह गुुजरने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं 1 फरवरी 2018 को जांच में रास्ते पर अतिक्रमण व स्वीकृति के विपरीत निर्माण करना पाया गया था। जबकि शहर में अन्य जगहों पर परिषद की ओर से अनावश्यक कार्रवाई कर लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में शिकायतकर्ताओं ने नियम विरुद्ध निर्माण ध्वस्त करने की मांग की है।
इनका कहना...
शहर में तीन जगह हुए निरीक्षण की मुझे विभागीय जानकारी नहीं है। आयुक्त को यूओ नोट जारी कर शहर में सभी जगहों पर चल रहे बिना इजाजत और नियम विरुद्ध निर्माण को लेकर सर्वे करवाया जाएगा। उसके बाद प्रकरणों का आमजन के हित में नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
- भंवरलाल माली, सभापति, नगरपरिषद जालोर

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