आवासीय कॉलोनियों में बहुमंजिला इमारतें बन सकती हैं बड़े हादसे की वजह

Dharmendra Ramawat

Publish: May, 15 2019 11:56:20 AM (IST) | Updated: May, 15 2019 11:56:21 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. शहर की आवासीय कॉलोनियों में बहुमंजिला इमारतों और कॉम्पलेक्स का निर्माण आज भी बदस्तूर जारी है, लेकिन नगरपरिषद इस ओर किसी तरह की सख्ती नहीं बरत रही है। खास बात तो यह है कि कई जगहों पर भूखण्ड मालिकों ने नगरपरिषद से आवासीय निर्माण की स्वीकृति ले रखी है, लेकिन कहीं नियम विरुद्ध बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी गई हैं तो कहीं कॉमर्शियल बिल्डिंग और कॉम्पलेक्स का निर्माण कर दिया गया है। ऐसे में शहर के विभिन्न मौहल्लों व संकरी गलियों में बनाए गए ये कॉम्पलेक्स और बहुमंजिला इमारतें कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं। इसके बावजूद इस बारे में परिषद कोई सख्ती नहीं बरत रही है। जिसके कारण भूखण्ड मालिक भी मनमर्जी से इमारतों का निर्माण करवा रहे हैं। देखा जाए तो शहर के सरावास, नया बस स्टैंड के निकट हनुमान नगर, तिलक गेट से गांधी चौक जाने वाले मार्ग व शिवाजी नगर समेत विभिन्न इलाकों में बड़े-बड़े कॉम्पलेक्स और इमारतें बनाई गई हैं। वहीं इनमें पार्किंग समेत विभिन्न नियमों की भी अनदेखी की गई है जो भविष्य में यहां रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत बन सकती है।
दिया अंतिम नोटिस
शहर के नया बस स्टैंड के निकट हनुमान नगर स्थित आवासीय कॉलोनी में निर्माणाधीन एक व्यवसायिक कॉम्पलेक्स के मालिकों को नगरपरिषद ने गत 3 मई को अंतिम नोटिस देकर २४ घंटे में स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों सहित जवाब मांगा था। नोटिस में बताया था कि नगरपरिषद से जारी आज्ञा पत्र में अनुमोदित नक्शा प्लान के विरुद्ध निर्माण किया जा रहा है। भवन मालिक ने जी प्लस 2 की स्वीकृति लेकर जी प्लस 3 का निर्माण किया। वहीं जी प्लस 4 के निर्माण के लिए ढांचा खड़ा किया। वहीं मौके पर शटर लगाकर व्यवसायिक निर्माण किया गया है। इस बारे में पूर्व में भी नोटिस देने के बावजूद अनुमोदित नक्शा प्लान के विरुद्ध निर्माण जारी रखा गया। इसके बाद मालिक ने नगरपरिषद में जवाब तो पेश किया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी दिए थे नोटिस
देखा जाए तो इससे पहले भी नगरपरिषद ने नियम विरुद्ध निर्माण कार्य को लेकर करीब ५३ जनों को नोटिस दिए थे। जिनमें से महज 18 जनों ने ही जवाब पेश किया था। इनमें वन वे रोड, शिवाजी नगर, लेटा रोड, सरावास व नगरपरिषद के सामने सहित विभिन्न जगहों पर नियम विरुद्ध बने कॉम्पलेक्स व भवनों को लेकर मालिकों को नोटिस दिए थे। इसके बावजूद शहर में नियम विरुद्ध निर्माण कार्य अभी भी हो रहे हैं।
नक्शा और प्लान से अलग निर्माण...
नगरपरिषद क्षेत्र में भूखण्ड मालिकों की ओर से आवासीय कॉलोनियों में भवन या कॉमर्शियल बिल्डिंग बनाने के लिए नगरपरिषद से स्वीकृति जरूर ली जाती है, लेकिन अधिकतर भूखण्ड मालिकों की ओर से इसके लिए नक्शा व प्लान समेत पेश किए गए अन्य दस्तावेजों के अनुसार निर्माण नहीं किया जाता है।
निर्माण के बाद नोटिस!
नगरपरिषद क्षेत्र के 30 वार्डों में बिना अनुमति निर्माण व नक्शा प्लान के विपरीत बन रही इमारतों पर नजर रखने की जिम्मेदारी संबंधित जमादारों को दे रखी है। जमादार ये सूचना अधिकारियों को समय पर तो देते हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों व मौके की जांच निर्माण कार्य पूरा होने या अंतिम चरण में की जाती है। तब तक निर्माण कार्य पूरा हो चुका होता है। हालांकि इसकी वजह नगरपरिषद में कार्मिकों व अधिकारियों की कमी भी है, लेकिन इससे राजस्व को भी हानि पहुंच रही है।
इनका कहना...
शहर की आवासीय कॉलोनियों में नियम विरुद्ध बनी इमारतों को लेकर संबंधित वार्ड के जमादारों को निर्देश दे रखे हैं। इस बारे में पूर्णतया सख्ती बरती जाएगी। वहीं हनुमान नगर में बहुमंजिला इमारत के मालिक को अनुमोदित नक्शा प्लान के विरुद्ध निर्माण करने पर नोटिस जारी किया था। जिसका जवाब मालिक ने पेश किया है। जवाब को पत्रावली में लेकर जांच की जाएगी। वहीं नियम विरुद्ध निर्माण होने पर भवन ध्वस्त या सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
- शिकेश कांकरिया, आयुक्त, नगरपरिषद जालोर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned