आबादी क्षेत्र में खड़े कर दिए टॉवर बढ़ा रहे रेडिएशन का खतरा

नियम विरुद्ध लगा दिए एक दर्जन से अधिक मोबाइल टॉवर

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Updated: 20 Feb 2019, 11:14 AM IST

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

आहोर. आबादी क्षेत्र में ग्राम पंचायत की बिना अनुमति नियम विरूद्ध एक दर्जन से अधिक मोबाइल टॉवर लगे हुए है। जहां आबादी क्षेत्र में मोबाइल टॉवर खड़े होने से आमजन को हर वक्त हादसे का डर सताता रहता है।वहीं मोबाइल टॉवर से रेडिएशन का खतरा भी बना हुआ है। इधर, ग्राम पंचायत का कहना है कि कस्बे में मात्र तीन मोबाइल टॉवर को नियमानुसार एनओसी जारी की हुई है। शेष सभी मोबाइल टॉवर बिना अनुमति के ही लगे हुए है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में यह लापरवाही कभी भी आमजन पर भारी पड़ सकती है।
हाई स्पीड नेटवर्क के चक्कर में कस्बे में जगह-जगह मोबाइल टॉवरों का जाल बिछाया जा रहा है। इससे रेडिएशन का खतरा बढ़ता जा रहा है। टॉवर लगाने के दौरान मापदंडों की अनदेखी की जा रही है। मोबाइल कंपनियां भी अपनी मर्जी से सुविधा अनुसार टॉवर खड़ी कर रहे हैं।
अनदेखी क असर, मनमर्जी के टॉवर
मोबाइल व टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा और बेहतर सुविधा बताकर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कई तरह के ऑफर व स्कीम चला रहे हैं। ग्राहकों को सुविधा देने के नाम पर टेलीकॉम कंपनियों ने तो सारी हदें पार कर रही हैं। इसलिए ये कंपनियां शैक्षणिक संस्थाओं, अस्पतालों के समीप, ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल व आबादी के समीप भी टॉवर लगा दिए गए हैं। घनी आबादी इलाके को भी नहीं छोड़ रहे हैं। स्कूल, अस्पताल, घनी आबादी जैसे क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर लगाना प्रतिबंधित है, पर यहां तो कंपनियों की मनमानी चल रही है। यहां कंपनियों को किसी की सेहत से कोई मतलब नहीं दिख रहा है।
खतरनाक है रेडिएशन
मोबाइल टॉवरों से रेडिएशन निकलती है। जो लोगों के सेहत के लिए काफी नुकसानदायक मानी जाती है। यह बात चिकित्सक भी कहते है। चिकित्सक के मुताबिक अधिक समय तक रेडिएशन के संपर्क में रहने से कोई भी स्वस्थ इंसान असाधारण बीमारियों की चपेट में आ सकता है।
नियमानुसार अनुमति आवश्यक
मोबाइल टॉवर से रेडिएशन का खतरा रहता है। मोबाइल टॉवर आबादी क्षेत्र में खड़े किए हुए है तो यह सरासर गलत व नियम विरूद्ध है। मोबाइल टॉवर लगाने के लिए मोबाइल कम्पनियों को नियमानुसार ग्राम पंचायत से अनुमति लेनी चाहिए।
- डॉ.मंजू मेघवाल, सरपंच, ग्राम पंचायत आहोर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned