डूब क्षेत्र में अतिक्रमण,नगर परिषद मौन

डूब क्षेत्र में अवैध रूप से किए गए कब्जों को हटाने में नगर परिषद ने मौन धारण कर लिया है। इतना ही नहीं नगर परिषद के अधिकारियों ने कईभू-खंडों के पट्टे तक जारी कर दिए हैं

By: शंकर शर्मा

Published: 11 Aug 2015, 11:27 PM IST

जालोर। डूब क्षेत्र में अवैध रूप से किए गए कब्जों को हटाने में नगर परिषद ने मौन धारण कर लिया है। इतना ही नहीं नगर परिषद के अधिकारियों ने कईभू-खंडों के पट्टे तक जारी कर दिए हैं।

जबकि, डीएलबी की जांच रिपोर्ट में भी डूब क्षेत्र में जारी किए गए पट्टों का गलत माना गया था। लेकिन नगर परिषद के अधिकारी डृूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के बजाय अवैध रूप से कब्जा जमा रहे लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। ऎसे में परिषद के अधिकारियों की शह पर ही अतिक्रमी कब्जा जमाकर रातों-रात पक्का निर्माण करते रहे। इसके बाद परिषद के अधिकारी डूब क्षेत्र में कईलोगों को पट्टे तक जारी कर दिए। मामला स्वायत्त शासन विभाग के पास पहुंचने के बाद नगर परिषद ने अप्रेल में नाडी व डूब क्षेत्र में किए गए अतिक्रमणों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए। लेकिन अब तक कोई कार्रवाईनहीं की। नगर परिषद ने नोटिस जारी कर महज खानापूर्ति कर दी। ऎसे में अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

कागजी खानापूर्ति
नगर परिषद के अधिकारियों ने डूब क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के बजाय महज नोटिस जारी कर कागजी खानापूर्ति पूरी कर दी। लेकिन अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। इतना ही नहीं नगर परिषद की ओर से जारी नोटिसों में यह हवाला भी दिया गया है कि उच्चतम न्यायालय की ओर से नाडी व डूब क्षेत्र में अतिक्रमण प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन अब तक कोईकार्रवाई नहीं की गईहै। नगर परिषद की ओर से अप्रेल में जारी किए गए नोटिसों में अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी गई थी, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है।

यहां जारी किए थे पट्टे
दरअसल, शहर के हनुमान नगर क्षेत्र को नगर परिषद की ओर से डूब क्षेत्र घोषित कर रखा है। यह जमीन गैर मुमकिन नाडी है। इसका खसरा नम्बर 18 76 व 18 77 जालोर ए है। जबकि इसके पास स्थित खसरा नम्बर 18 75 की जमीन गैर मुमकिन गोचर भूमि है। उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार गैर मुमकिन नाडी एवं गोचर में नियमन व आवंटन नहीं किए जा सकते हैं। बावजूद इसके यहां स्टेट ग्रांट के तहत कई लोगों को पट्टे जारी कर दिए गए हैं।

जांच के बाद कार्रवाई करेंगे
नगर परिषद की ओर से जांच कराई जा रही है। वहीं डूब क्षेत्र व आबादी भूमि की पैमाइश को लेकर भी लिखा गया है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। भंवरलाल माली, सभापति, नगर परिषद जालोर
शंकर शर्मा
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