जालोर: हाड़ेचा में नुकसान हुआ किसी और का और भुगतान कर रहे चहेतों को

जालोर: हाड़ेचा में नुकसान हुआ किसी और का और भुगतान कर रहे चहेतों को

Shrawan Sharan Bishnoi | Publish: Mar, 14 2018 10:25:55 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India


बाढ़ के दौरान जिन्हें नुकसान नहीं हुआ उस एक ही परिवार के कई सदस्यों को बाट दी लाखों की राशि, जिनका घर बह गया उन परिवारों को रखा वंचित

हाड़ेचा. बावरला ग्राम पंचायत में पटवारी व प्रेरक ने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए बाढ़ के बाद किए सर्वे के दौरान ऐसे कई परिवारों को वंचित रख दिया गया जिन्हें वास्तविक तौर पर नुकसान पहुंचा था, वहीं बिना किसी नुकसान के एक ही परिवार के कई सदस्यों को लाखों रुपए बांट दिए गए। इधर, ग्रामीणों ने पटवारी लाधाराम सहित सर्वे टीम की ओर से किए गए भेदभाव को लेकर कलक्टर व एसडीएम सहित कई अधिकारियों को शिकायत की। इसके बावजूद विभाग की ओर से इस बारे में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गौरतलब है कि बाबरला, डडूसन, शिवनगर व गोदरों की ढाणी सहित कई घरों में बाढ़ से नुकसान हुआ था, लेकिन सर्वे टीम ने जानबूझकर इन परिवारों को वंचित रख दिया। जबकि एक ही परिवार के मुखिया, पत्नी, पुत्र व पुत्रवधु सहित कई जनों को लाखों रुपए की अनुदान राशि बांटकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। खास बात तो यह है कि एक ही परिवार के सदस्यों ने लाखों रुपयों का भुगतान भी बैंक खातों से उठा लिया है।
सर्वे टीम ने चहेतों को पहुंचाया लाभ
बावरला ग्राम पंचायत में बाढ़ के दौरान बावरला कस्बे सहित राजस्व गांव डडूसन के कई घर पानी में बह गए थे। इसके बाद कई माह तक पानी भरा रहने से लोगों को रिश्तेदारों व टीलों पर रहने को मजबूर होना पड़ा था। इधर, बाढ़ से हुए नुकसान के तहत सरकार की ओर प्रत्येक प्रभावित के लिए 95 हजार रुपए की राशि का आवंटन किया गया था, लेकिन सर्वे टीम में शामिल पटवारी व अन्य ने प्रभावितों को वंचित रख दिया।
इन्हें नहीं मिली राशि
बावरला गांव की मुख्य आबादी में जनकसिंह पुत्र भंवरसिंह, छायाकंवर पत्नी पीरसिंह, जवानसिंह पुत्र भंवरसिंह, अनोपसिंह, भैरूसिंह व भीखसिंह सहित कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पक्के मकान पानी के भराव से खण्डहर हो गए और कई कच्चे घर बह गए। इसके बावजूद पटवारी सहित सर्वे टीम की ओर से इन परिवारों को मुआवजा राशि से वंचित रख दिया गया। इसी तरह डडूसन स्थित चौधरियों का वास, राजपूतों का वास व विश्रोइयों की ढाणी के कई परिवार भी वंचित रहे हैं।
ग्रामीणों ने दिया था ज्ञापन
बाढ़ पीडि़तों को मुआवजे से वंचित रखने के मामले में सांचौर विधायक सुखराम विश्रोई के नेतृत्व में सुमेरसिंह, सांवलाराम, हरजीराम, सांवलसिंह, वरजागांराम देवासी, दुर्गसिंह, गणेशाराम व भंवरलाल गोदारा सहित कई ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया था। वहीं एक ही परिवार के सभी सदस्यों को दी गई राशि फिर से सरकार के खाते में डालने की मांग की गई, लेकिन विभागीय शिथिलता के चलते यह राशि खातों से उठा ली गई।
इसके बावजूद कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं करने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

बिना नुकसान के आवंटन
&ऐसे कई परिवार थे, जिन्हें बाढ़ से काफी नुकसान पहुंचा था। उन्हें सर्वे टीम ने मुआवजे से वंचित रखा है। जबकि जिन्हें नुकसान हुआ ही नहीं उन्हें राशि आवंटित कर दी।
- भंवरलाल गोदारा, ग्रामीण
सर्वे टीम ने किया भेदभाव
&राजस्व विभाग की सर्वे टीम ने जिन्हें नुकसान हुआ हैं, उन्हें मुआवजे से वंचित रखा गया है। जबकि ऐसे परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है, जिन्हें नुकसान तक नहीं हुआ है।
- सुमेरसिंह राजपूत, ग्रामीण
मांगी रिपोर्ट
&ग्रामीणों न अवगत करवाया था। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद दुबारा सर्वे करवाकर हकदारों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
- मुरारीलाल शार्मा, एसडीएम
जांच करवाई जाएगी..
&जिन्हें नुकसान हुआ है, उन्हें सर्वे टीम की ओर से वंचित रखा गया है। जबकि एक ही परिवार में सर्वे टीम ने कई जनों को मुआवजा राशि दिलवाई है। मामले की जांच करवाई जाएगी।
- वन्नेसिंह गोहिल, जिला प्रमुख,

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