नियम विरुद्ध काम के लिए नगर परिषद मांग रही जनता से आपत्ति!

नियम विरुद्ध काम के लिए नगर परिषद मांग रही जनता से आपत्ति!
नियम विरुद्ध काम के लिए नगर परिषद मांग रही जनता से आपत्ति!

Dharmendra Ramawat | Publish: Sep, 23 2018 11:01:15 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

नगरपरिषद आयुक्त की ओर से 30 अगस्त को जारी उजरदारी इश्तिहार में एक ही परिवार से नियमन और स्टेट ग्रांट के 4 पट्टों के लिए आवेदन

जालोर. शीर्षक पढ़कर आप चौंक गए होंगे पर यह हकीकत है। नगरपरिषद के आबादी क्षेत्र में एक ओर खांचा भूमि, नियमान और स्टेट ग्रांट के तहत पात्र लोग पट्टों के लिए चक्कर काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुद परिषद के अधिकारी ही नियमों को ठेंगा दिखाकर रसूखदारों को पट्टे देने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में नगरपरिषद में ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक ही आवेदक ने नगरपरिषद में नियमन और स्टेट ग्रांट के 3 पट्टों के लिए आवेदन किया गया है। खास बात तो यह है कि इस मामले में परिषद के अधिकारियों को किसी तरह की आपत्ति नहीं है, बल्कि समाचार पत्र में इसके लिए इश्तिहार जारी कर लोगों से आपत्ति मांगी गई है। जानकारी के अनुसार इसके लिए गत 30 अगस्त को नगरपरिषद की ओर से एक समाचार पत्र में उजरदारी इश्तिहार जारी किया गया था। जिसमें एक आवेदक की ओर से गणेश चौक स्थित गुर्जरों का वास में नियमन का 1 (40 वर्गगज) और स्टेट ग्रांट के 2 अलग-अलग (54.23 व 87.68 वर्गगज) पट्टे बनवाने के लिए आवेदन करना बताया गया। और तो और इश्तिहार में इसी आवेदक के पिता के नाम से भी गुजरों का वास में स्टेट ग्रांट के तहत आवेदन करना दर्शाया गया है। नगरपरिषद आयुक्त ने इस इश्तिाहर में सात दिन तक आपत्ति पेश करने की बात भी लिखी है। इसके बाद ५ सितम्बर को उपसभापति मंजू सोलंकी ने उच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए इस पर आपत्ति जताई है।
आयुक्त को लिखा था पत्र
नगरपरिषद उपसभापति की ओर से इश्तिहार जारी करने से पहले इस संबंध में गत 10 अगस्त को आयुक्त को पत्र भी लिखा था। जिसमें बताया गया कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नियमन व स्टेट ग्रांट के तहत स्थगन आदेश जारी हो रखे हैं। इसके बावजूद भूमि शाखा में इसके कार्य निष्पादित किए जा रहे हैं जो विधिसम्मत नहीं है। ऐसे में उपसभापति ने इन आदेशों का अवलोकन करने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा था।
डीएलबी से मांगा मार्गदर्शन
नगरपरिषद आयुक्त ने इस संबंध में गत 21 अगस्त को डीएलबी डायरेक्टर से पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा था। पत्रमें बताया गया क उपसभापति सोलंकी ने जोधपुर उच्च न्यायालय के निर्णय दिनांक 14 अक्टूबर 2017 के तहत कार्रवाई करने व लीजडीड जारी नहीं करने की मांग की है। जबकि नगरपरिषद की ओर से मास्टर प्लान के अनुसार दिए गए निर्देशों के तहत ही लीजडीड जारी की जा रही है। ऐसे में आयुक्त ने न्यायालय के निर्णय व आवेदन पत्र डीएलबी को भेजकर मार्गदर्शन मांगा था। इधर, उपसभापति ने इश्तिहार जारी होने के बाद गत 5 सितम्बर को दोबारा आयुक्त को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मिलने की प्रति मांगते हुए आपत्ति दर्ज कराई है।
इनका कहना...
नगरपरिषद उपसभापति मंजू सोलंकी ने इस बारे में अवगत करवाया था। यह मामला मेरे ध्यान में है और इसकी जांच की जाएगी।
- शिकेश कांकरिया, आयुक्त, नगरपरिषद जालोर
नगर निकायों में नियमन और स्टेट ग्रांट के संबंध में जोधपुर उच्च न्यायालय के निर्णय के बावजूद नगरपरिषद क्षेत्र में इससे संबंधित कार्य किए जा रहे हैं जो विधिसम्मत नहीं है। ऐसे में मेरी ओर से 30 अगस्त 2018 के उजरदारी इश्तिहार पर आपत्ति दर्ज करवाई गई है।
- मंजू सोलंकी, उपसभापति, नगरपरिषद जालोर

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