बोर्ड का आखिरी साल, अब तक हुई सिर्फ 6 बैठकें

Dharmendra Ramawat

Updated: 08 Feb 2019, 05:30:53 PM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. नगरपरिषद में भाजपा बोर्ड के कार्यकाल का यह अंतिम साल है, लेकिन जनता की ओर से चुने गए जनप्रतिनिधियों को शहर के विकास की कोई फिक्र तक नहीं है। बोर्ड बनने से लेकर अब तक यानी बीते चार साल में सिर्फ 6 बार ही साधारण बैठकें आयोजित हुई हैं और इन बैठकों में भी विकास के मुद्दों पर नाम मात्र की ही चर्चा हो पाई है। जबकि नियमों की बात करें तो कम से कम 60 दिन में एक बार बोर्ड की बैठक होना जरूरी है। ऐसे में नगरपरिषद बैठकों के अभाव में ना तो आय के स्रोत बढ़ाने पर कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और ना ही शहर के विकास जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय हो पा रहे हैं। गौरतलब है कि भाजपा का बोर्ड बने दिसम्बर 2014 में बना था। इस बोर्ड को बने चार साल से ज्यादा का समय बीत चुका है और वर्ष 2018 में बोर्ड की अंतिम और छठी साधारण बैठक बुलाई गई थी। इसके बाद से लेकर अब तक एक बार भी साधारण सभा की बैठक नहीं हो पाई है।
फिर कैसे बढ़ेगी आय
नगरपरिषद की आर्थिक हालत सुधारने के लिए आय के स्रोत बढ़ाने बेहद जरूरी हैं, लेकिन इसको लेकर भी कोई ठोस नीति नहीं बनाई जा रही है। इसके अलावा सुंदेलाव तालाब का सौंदर्यकरण, शहर में सुव्यवस्थित कॉलोनियां, सुदृढ़ सफाई व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं, पार्किंग स्थलों का विकास व आयोजन स्थलों का निर्माण जैसी कवायद भी बैठकों के अभाव में सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं।
होनी थी 24, हुई सिर्फ 6
नियमानुसार नगरपरिषद की साधारण सभा का आयोजन हर दो माह में एक बार होना जरूरी है। इस तरह बीते चार साल में कुल २४ बार साधारण बैठक बुलाई जा सकती थी, लेकिन इसके मुकाबले अब तक महज 6 बार ही बैठक का आयोजन हो पाया है।
आज भी विकास को तरस रहा शहर
आधे शहरवासी आज भी सीवरेज सुविधा से वंचित हैं, जबकि इसके लिए परिषद सर्वे भी करवा चुकी है। शहर की कई कॉलोनियों में सीवरेज का यह काम दूसरे चरण में होना था। ऐसे में बढ़ती महंगाई के कारण अब इसका बजट भी कई गुना बढ़ गया है। इसके अलावा सिटी पार्क, सुंदेलाव का सौंदर्यकरण व हाऊसिंग बोर्ड समेत कई मुद्दों पर कोई ठोस योजना नहीं बन पाई है।
पिछले साल हुई थी अंतिम बैठक
वर्ष 2015 व 2016 में नगरपरिषद की कुल 4 बार साधारण बैठकें हुईं। इसके बाद वर्ष 2017 में 1 और 2018 में भी सिर्फ एक बार ही नगरपरिषद की साधारण बैठक हुई। इसके अलावा 8 जून 2018 को सभापति ने अति आवश्यक बैठक जरूर बुलाई थी, लेकिन यह साधारण बैठक नहीं थी। इस तरह भाजपा का बोर्ड बनने के बाद से लेकर अब तक महज 6 बार ही साधारण बैठक बुलाई गई है।
इनका कहना...
शहर के सभी वार्डों में भाजपा बोर्ड के कार्यकाल में सीसी सड़क व नाली निर्माण समेत विकास के कई कार्य हुए हैं। हाल ही में 6 करोड़ के कार्यों के टेंडर भी किए गए हैं। सभी पार्षदों को आपसी मतभेद भुलाकर मिलजुल कर प्रयास करना चाहिए। तभी शहर का विकास संभव है। आगामी 14 फरवरी को नगरपरिषद की साधारण बैठक बुलाई गई है। इसमें बजट सहित नगरपरिषद की आर्थिक स्थिति मजबूत करने को लेकर चर्चा कर प्रस्ताव लिए जाएंगे।
- भंवरलाल माली, सभापति, नगरपरिषद जालोर
कोई विकास चाहता ही नहीं
चार साल में बोर्ड की साधारण बैठकें गिनती की हुई हैं और उनमें लिए लिए गए कई प्रस्तावों की आज तक क्रियान्विति नहीं हो पाई है। शहर के विकास की किसी को भी फिक्र नहीं है। बिना बैठकों के विकास के मुद्दे और प्रस्ताव कैसे आते। अब कुछ दिन बाद साधारण बैठक जरूर बुलाई गई है, लेकिन उसके एजेंडे में भी महज बजट का एकमात्र बिंदू शामिल कियाा गया है।
- मिश्रीमल गहलोत, नेता प्रतिपक्ष, नगरपरिषद जालोर

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