जनप्रतिनिधियों ने उठाया बंद पड़े आरओ सिस्टम व जवाई पुनर्भरण का मुद्दा

Dharmendra Ramawat

Updated: 10 Jan 2019, 11:45:44 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक बुधवार को प्रधान संतोषकुमारी की अध्यक्षता, जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग व आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित के मुख्य आतिथ्य में हुई। बैठक में बीडीओ कुलवंत कालमा ने गत बैठक की कार्यवाही का पठन किया। जिसके बाद सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। बैठक में चर्चा के दौरान क्षेत्र में क्षेत्र में बंद पड़े आरओ सिस्टम शुरू करने व नए शुरू करने को लेकर जनप्रतिनिधियों ने चर्चा की। साथ ही आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या के समाधान की पूर्व तैयारी के लिए सदस्यों ने जलदाय विभाग से समय पर प्लान बनाने की मांग की। इस दौरान आहोर विधायक राजपुरोहित ने भी सियाणा में नया ट्यूबवेल स्वीकृत करने की मांग की। सदन के कई सदस्यों ने जालोर व आहोर विधायक से राज्य स्तर पर जवाई पुनर्भरण कार्य में प्रगति की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की। जालोर विधायक गर्ग ने लेटा-धवला-बागरा सड़क के चौड़ाईकरण की स्वीकृति व कानीवाड़ा मोड से उम्मेदपुर चौराहे तक की सड़क को स्टेट हाईवे घोषित करवाने का प्रस्ताव सदन में रखा जो सर्वसम्मति से चर्चा उपरान्त पारित किया गया। बीडीओ कुलवंत कालमा ने मनरेगा योजना वर्ष 2019-20 व जीपीडीपी प्लान प्रस्तुत किया। जिसका चर्चा के बाद सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों से नरेगा योजना में काम मांगो अभियान के तहत ज्यादा से लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों को पूर्ण करवाने की भी अपील की। उपप्रधान उम्मेदसिंह राजपुरोहित, पंचायत समिति सदस्य मंजुदेवी, भीखाराम सरगरा, प्रहलादसिंह राजपुरोहित, नरपतीकुमारी, सरपंच इंद्रकुमार, नाथीदेवी, निरमा सामतीपुरा, प्रेमसिंह, तिलोकाराम , भंवरसिंह रेवत, महिपालसिंह, तुलसीराम मीणा, किशोरकुमार, दिपीका राजपुरोहित मौजूद थे।
जताई नाराजगी
बैठक में रसद, प्रारम्भिक व माध्यमिक शिक्षा, नर्मदा पेयजल परियोजना, महिला एवं बाल विकास सहित जालोर और आहोर के राजस्व विभाग के अधिकारी अनुपस्थित रहे। इसको लेकर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई।
खुद जनप्रतिनिधि ही लें भाग
बैठक में जालोर विधायक गर्ग ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई जाने वाली समस्याओं को गम्भीरता से लेते हुए समय पर समस्या का समाधान करें। ताकि जनप्रतिनिधि व अधिकारी के प्रति एक दूसरे के सम्मान व आत्मीयता का भाव पैदा हो सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि सदन में जो सदस्य हैं वे ही नियमानुसार अपनी मांग लिखित या मौखिक तौर पर उठा सकते हैं। जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार बैठक में भाग नहीं ले सकते।

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