प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ, जैन मुनियों का नगर प्रवेश

Dharmendra Ramawat

Updated: 03 Feb 2019, 06:45:19 PM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

सियाणा. मारवाड़ी वेशभूषा से सजी धजी महिलाएं, सिर पर साफा धारण किए पुरूष, बैंड की मधुर धुन, सजे हाथी व घोड़े, थिरकते युवक-युवतिया व गंूजते जैकारे। कुछ ऐसा ही नजारा सियाणा में जैन समाज द्वारा आयोजित केसरिया नाथ राजेन्द्रसूरी अंजन श्लाका प्रतिष्ठा महा महोत्सव कार्यक्रम में जैन मुनियों के नगर प्रवेश के दौरान देखने को मिला। सियाणा जैन समाज के लोगों ने बताया कि 2 फरवरी से 12 फरवरी तक आयोजित होने वाली केसरिया नाथ राजेन्द्रसूरी अंजन श्लाका प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सवेरे जैन मुनियों का नगर प्रवेश हुआ। आचार्य विजय नित्य सेन सूरीश्वर महाराज, आचार्य विजय जयरत्न सूरीश्वर महाराज,मुनी मण्डल व साध्वियों के नगर प्रवेश को लेकर सियाणा उच्च माध्यमिक विद्यालय से वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़े में हाथी, घोड़े व रथों के साथ अलग-अलग वाद्य यंत्रों की धुन से माहौल भक्तिमय हो गया।कोर्द सारंगी वादक तो कोई ढोल, कोई शंखनाद करते हुए तो कोई नाचती कला दिखाने लगे। जैकारों के साथ वरघोड़ा शुरू हुआ। यह वरघोड़ा मुख्य बस स्टैण्ड से होता हुआ पटवार भवन होते हुए भट्टों का चौक पहुंचा।वहां महिलाओं ने सामेया कर स्वागत किया। वरघोड़ा खोखा निंबडा, कोलरी मार्ग होते, मुख्य बाजार से गंतव्य स्थान पहुंचा। वरघोड़े में शामिल जिनदेवों की मूर्तियों को हवन-यज्ञ में रखा गया। इस मौके बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
पाण्डालों का किया उद्घाटन
केसरिया नाथ राजेन्द्रसूरी अंजन श्लाका प्रतिष्ठा महोत्सव कार्यक्रम को लेकर बने केशरिया नगर में पाण्डालों का आचार्य श्रीमद विजय नित्य सेन सूरीश्वर महाराज, आचाय श्रीमद विजय जयरत्न सूरीश्वर महाराज ने मुनि मण्डलों, चढ़ावा लाभार्थियों व जैन समाज के लोगों की मौजूदगी में फीता काटकर उद्घाटन किया।
इनका नगर प्रवेश
सियाणा में 2 फरवरी से 11 फरवरी
को आयोजित होने वाली केसरिया नाथ राजेन्द्रसूरी अंजन श्लाका प्रतिष्ठा महोत्सव में आचार्य श्रीमद विजय नित्य सेन सूरीश्वर महाराज की निश्रा व आचार्य श्रीमद विजय जयरत्न सूरीश्वर महाराज का मार्ग दर्शन रहेगा। कार्यक्रम में मुनिराज वीररत्न विजय, अशोक विजय, आंनद विजय, सिद्धरत्न विजय, विद्वदरत्न विजय, विनीतरत्न विजय, प्रशमसेन विजय, जिनरत्न विजय, तारकरत्न विजय,निर्भयरत्न विजय समेत अन्य मुनियों समेत साध्वी कल्पलताश्री, सूर्याकिरणाश्री, अनुपमद्रष्टाश्री, दर्शितकलाश्री, दर्शन कलाश्री, शासनलताश्री, विज्ञान लताश्री, चारित्र कलाश्री, भक्तिरसाश्री, काव्य रत्नाश्री, प्रीति दर्शनाश्री, संवेगप्रियाश्री समेत कई अन्य साध्वीवृंद का प्रवेश हुआ।

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