संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा आधे सिपाहियों के भरोसे

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सांचौर. जिले में सुरक्षा व्यवस्था व अपराधिक गतिविधियों में टॉप माने जाने वाला सांचौर पुलिस थाना फिलहाल बिना कप्तान के ही संचालित हो रहा है। अपराधिक गतिविधियों लेकर संवदेनशील रहने वाला सांचौर पुलिस थाना उपेक्षा का शिकार है। जहां पर कानून व्यवस्था संभालने वाले थानाप्रभारी का पद पखवाड़े से ज्यादा समय से रिक्त पड़ा है। स्थानीय थाने में कार्यरत थानाप्रभारी कैलाशदान को एसपी ने तत्काल प्रभाव से कुछ दिन पूर्व लाइन हाजिर कर दिया था। जिसका अतिरिक्त चार्ज एसआई रेंक के पुलिस कार्मिक को दे रखा है। इतना ही नहीं सांचौर थाने में स्वीकृत पदों की तुलना में आधा स्टाफ भी नहीं है। जिससे स्थानीय कानून व्यवस्था को लेकर जालोर पुलिसलाइन से कांस्टबेल बुलाने पड़ते हैं या फिर पड़ोसी पुलिस थाने के जवानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके अलावा सांचौर में एएसपी कार्यालय होने के बावजूद पर्याप्त जाब्ता तैनात नहीं रहने से व पदों के खाली रहने की स्थिति में क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन भी उदासीन बना हुआ है। ऐसे में जिले के सबसे संवेदनशील पुलिस थाने में थानाप्रभारी का पद रिक्त होने से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के साथ अपराधिक गतिविधियों पर पुलिस की पकड़ नहीं बन पा रही है।
आठ माह से नहीं एएसपी
सांचौर उपखंड मुख्यालय पर आमजन की सुविधा व बढ़ती अपराधिक गतिविधियों को लेकर खोला गया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पिछले आठ माह से ज्यादा वक्त से सूना पड़ा है। यहां ना तो किसी अधिकारी की सरकार की ओर से नियुक्ति की गई और ना ही जिला पुलिस इस मामले को लेकर गंभीर है। ऐसे में स्थानीय लेागों को एएसपी कार्यालय होने के बावजूद आवश्यक कार्य व न्याय की मांग को लेकर जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
शराब तस्करी का गढ़ बन रहा सांचौर
क्षेत्र की सीमा पड़ोसी राज्य गुजरात से सटी होने से यह मादक पदार्थों की तस्करी का मुख्य केंद्र है। ऐसे में क्षेत्र में शराब, पोस्त डोडा, स्मैक व एमडी सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी भी बढ़ी है। इसके बावजूद क्षेत्र की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
50 पद स्वीकृत
सांचौर पुलिस थाने में कुल 50 पद स्वीकृत हंै। जबकि वर्तमान में आधे पद रिक्त पड़े हंै। जिससे गश्त, नाकाबंदी व बीट चार्ट के आधार पर कार्य करने सहित अन्य मामलों में पुलिसकर्मी परेशान हो रहे हैं। इधर, शहर में कोरोना को लेकर शटडाउन की घोषणा के बाद कानून व्यवस्था को लेकर पर्याप्त पुलिस जाब्ता नहीं होने से जालेार या अन्य जगह से बुलाए गए जवानों के सहारे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को अंजाम दिया जा रहा है।

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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