जवाई पर मनमर्जी हावी, खतरे में जालोर

khushal bhati

Publish: Sep, 17 2017 10:43:43 (IST)

Jalore, Rajasthan, India
जवाई पर मनमर्जी हावी, खतरे में जालोर

कारण - बांध से निश्चित मात्रा में पानी छोडऩे की मांग लगातार उठ रही है, लेकिन अधिकारी अनसुनी कर रहे हैं। लेकिन शुक्रवार रात को एक बार फिर से कैचमेंट एर



जालोर. जवाई बांध के पानी पर अभी भी अधिकारियों की हठधर्मिता हावी है। यह स्थिति एक तरफ जिलेवासियों के लिए खतरा बढ़ा रही है। शुक्रवार को जवाई बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश के बाद अचानक बांध में फिर से आवक हुई और इससे 8 बजे से लगातार अधिक पानी छोड़ा गया। इससे पूर्व 61 फीट से अधिक पानी होने पर इससे संभावित खतरे को लेकर अधिकारी को अवगत करवाया गया था। अधिकारी ने भी इस बात की हामी भरी थी कि इससे खतरे की आशंका है, लेकिन बांध में 61.10 फीट पानी रखने पर सहमति बनी है। यह बात समझ से परे है कि जब इस पानी के खतरे से सीधे तौर पर जिले की 5 लाख की आबादी जुड़ी हुई है तो ऐसे गैर जिम्मेदाराना निर्णय किस तरह से कुछ अधिकारी ले सकते हैं। जबकि अभी तक बारिश का दौर शुरू है और इससे खतरा संभावित है।
ऐसे छोड़ते गए पानी
शुक्रवार रात आठ बजे तक गेट नंबर दो से ५०० क्यूसेक के लगभग पानी छोड़ा जा रहा था। इस दौरान बांध में पानी की अचानक आवक शुरू हो गई। जिसके बाद रात आठ बजे गेट नंबर 2 को 3 फीट तक खोल दिया गया और पानी निकासी की मात्रा २८४१ क्यूसेक तक कर दी गई। इसके बाद भी आवक लगातार जारी रहने से रात १० बजे से गेट नंबर 2 को ४ फीट तक खोल दिया गया इसके साथ 4 नंबर गेट भी 2 फीट खोला गया। जिससे ५६८२ क्यूसेक पानी की निकासी गई। इसके बाद पानी की आवक कुछ कम होने लगी और रात 12 बजे गेट नंबर 4 को बंद कर दिया गया। जबकि 2 नंबर गेट से 4 फीट से निकासी जारी रही। जिसके बाद सवेरे 6 बजे इस गेट का गेज भी घटकर 1 फीट कर दिया गया और इससे 900 क्यूसेक पानी की निकासी जारी रही। सवेरे 8 बजे इसे घटाकर 9 इंच कर दिया गया और वर्तमान में 7३८ क्यूसेक के लगभग पानी की निकासी है।
किसानों की मांगों पर नहीं दे रहे ध्यान
पिछले एक माह से जिले के किसान एक निर्धारित मात्रा में जवाई नदी में पानी छोडऩे की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी इस बात को अनसुना करते गए। नतीजा यह निकला कि 27 जुलाई की रात को अचानक 61 फीट से अधिक बांध में पानी का भराव होने के बाद 11 गेट एक साथ खोलकर पानी छोड़ा गया, जिससे नुकसान हुआ। इसके बाद आवक कम हुई तो एक के बाद एक गेट बंद कर दिए गए। इस मामले में किसानों का कहना है कि इस तरह से एक साथ छोड़े जाने वाले पानी से फायदा कम और नुकसान ही अधिक है। ऐसे में यदि 55 फीट के बाद ही निर्धारित मात्रा में पानी छोड़ा जाए तो उससे वॉटर लेवल रिचार्ज होगा और कृषि कुओं को फायदा मिलेगा।
पानी की आवक हुई थी
कैचमेंट एरिया में बारिश के बाद रात में पानी की आवक हुई थी। जिसके बाद पानी छोड़ा गया था। फिलहाल दो नंबर गेट 9 इंच खुला हुआ है, जिससे 700 क्यूसेक से अधिक निकासी जारी है।
- चंद्रवीरसिंह, एईएन, जवाई बांध, सुमेरपुर खंड

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