27 लाख के गबन मामले में अब तक आरोपितों को पकड़ नहीं पाई पुलिस

27 लाख के गबन मामले में अब तक आरोपितों को पकड़ नहीं पाई पुलिस
Mater of 27 lac misappropriation in Devda gram panchayat

Dharmendra Ramawat | Publish: Apr, 29 2018 10:44:52 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

देवड़ा ग्राम पंचायत का मामला, साढ़े तीन साल पहले हुआ था खुलसा

चितलवाना. एक ही समय, एक ही दिन और एक ही श्रमिक का नाम तीन जगह मस्टरोल में दर्शाकर भुगतान की राशि उठाने का मामला पिछले तीन साल से पुलिस के पास अधरझूल में पड़ा है। वहीं इसके लिए पांच बार बदले गए जांच अधिकारियों ने सभी आरापियों को दोषी माना, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत देवड़ा के तत्कालीन उपसरपंच गिरधारीराम ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी और इसके बाद पंचायत में हुआ यह घोटाला उजागर हुआ। इसके बाद न्यायालय में सरपंच पुखराज के खिलाफ इस्तगासा पेश कर बताया गया कि पंचायत में मनरेगा के तहत जारी मस्टरोल में श्रमिकों के फर्जी नाम लिखकर करीब 27 लाखका गबन किया गया। करीब साढ़े तीन साल बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है।
यह है मामला
ग्राम पंचायत देवड़ा के सरपंच की ओर से 20 से 30 अक्टूबर 2011, 1 नवम्बर से 15 नवम्बर 2011, 17 नवम्बर से 30 नवम्बर 2011, 1 से 15 दिसम्बर 2011, 16 से 31 दिसम्बर व 1 से 15 जनवरी 2012 तक पाइपलाइन बिछाने व टांके खुदाई का कार्य करवाया गया था। जिसमें एक ही श्रमिक के दो से तीन जगह पर नाम लिख कर फर्जी भुगतान उठाया था।
बाड़मेर के थे सभी श्रमिक
ग्राम पंचायत देवड़ा में पाइप लाइन बिछाने सहित अन्य कार्य करवाने के लिए पंचायत की ओर से जारी मस्टररोल में सभी श्रमिकों के नाम बाड़मेर जिले के लिखे गए थे। इससे साफ जाहिर है कि सारे नाम फर्जी लिखकर भुगतान उठाया है।
भुगतान भी नगद किया
ग्राम पंचायत की ओर मनरेगा के तहत मस्टररोल में जिन श्रमिकों के नाम लिखे गए थे, उनके बैंक खातों में भुगतान करने के बजाय नगद भुगतान करना बताया गया हैं। इससे भी साफ जाहिर हो रहा है कि भुगतान में फर्जीवाड़ा किया गया है।
खारिज हो चुकी है अग्रिम जमानत
देवड़ा ग्राम पंचायत में श्रमिकों के फर्जी नाम लिखकर भुगतान उठाने के मामले को लेकर तत्कालीन सरपंच पुखराज की ओर से उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दी गई थी, लेकिन वह भी कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
पांच बार बदल चुकी जांच
झाब पुलिस थाने में दर्ज देवड़ा पंचायत के मामले में झाब थाना प्रभारी, डीएसपी जालोर, सीआईडी सीबी पुलिस महानिदेशक जयपुर , सीआईडीसीबी एएसपी जोधपुर व सीआईडीसीबी निरीक्षक जोधपुर को जांच दी गई थी। इन सभी ने आरोपियों को दोषी माना था। वहीं सीआईडीसीबी ने देवड़ा पंचायत के ठेकेदार डीगांव निवासी पूनमचन्द पुत्र भारमलराम को भी दोषी माना था।
इनका कहना है...
देवड़ा पंचायत में एक ही श्रमिक के तीन जगह एक ही तारीख में नाम लिखकर फर्जीवाड़ा किया गया है। यह मामला झाब थाने में दर्ज है, लेकिन पुलिस अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है।
- गिरधारीराम जाट, तात्कालीन उपसरपंच, देवड़ा
मंै अभी बाहर हूं। इस बारे में मुझे फिलहाल जानकारी नहीं है। पता करके जानकारी ली जाएगी।
- फाऊलाल मीणा, वृत्ताधिकारी, सांचौर

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