मां के निधन पर समाज अध्यक्ष ने खुद मृत्युभोज नहीं करने का लिया फैसला

Dharmendra Ramawat

Updated: 19 Jan 2019, 11:06:00 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

चितलवाना. समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने के लिए पादरड़ी निवासी माली समाज के अध्यक्ष ने मां के निधन पर मृत्युभोज का आयोजन ना कर पूरे समाज को जागरुकता का संदेश दिया है। जानकारी के अनुसार माली समाज के अध्यक्ष पादरड़ी निवासी अमराराम माली की माता का निधन होने के बाद मृत्युभोजन जैसी कुरीति को मिटाने के लिए उन्होंने इसकी पहले खुद से ही। अपने ही घर से मृत्युभोज जैसी कुप्रथा बंद कर समाज के लोगों को भी इस तरह के आयोजन बंद करने का संदेश दिया। हालांकि इसके कारण समाज के वयोवृद्ध लोगों का विरोध भी उन्हें झेलना पड़ रहा है, लेकिन वे अपने इस फैसले पर अडिग़ रहकर इस प्रथा का विरोध करने में जुटे हुए हैं।
करेंगे समाज को जागरुक
माली समाज अध्यक्ष माली ने बताया कि समाज में व्याप्त बाल-विवाह व मृत्युभोज सहित कई कुरीतियों को मिटाने के लिए उनकी ओर से युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। ताकि समाज का उत्थान हो सके। माली ने बताया कि उनकी माता के निधन को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्होंने मृत्युभोज का आयोजन नहीं किया। वहीं बाहर से पहुंचे सगे-संबंधियों को घर में बनने वाला सादा भोजन ही करवाया जा रहा है। जबकि समाज के लोगों को किसी तरह का भोज नहीं दिया गया है।
सादी रस्म से कार्यक्रम
माली समाज में मृत्युभोज जैसी कुप्रथा को बंद करने के लिए उनकी ओर से माता के निधन के बरहवें दिन भी सादी रस्म के साथ पूरा कार्यक्रम किया जाएगा। बाहर से पहुंचे रिश्तेदारों को सादा भोजन व बैठक का आयोजन किया किया गया है।
इनका कहना...
माली समाज में मृत्युभोज जैसी कुप्रथा को बंद करने की शुरुआत की है। समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा समाज में बाल-विवाह व अन्य कुप्रथाओं पर भी रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
- अमराराम माली, अध्यक्ष, माली समाज, सांचौर

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