नाम संशोधन को डिस्कॉम का तकनीकी सहायक 3 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

नाम संशोधन को डिस्कॉम का तकनीकी सहायक 3 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

Dharmendra Ramawat | Publish: May, 23 2018 04:27:05 PM (IST) Jalore, Rajasthan, India

एसीबी दल ने मंगलवार दोपहर को डिस्कॉम के तकनीकी सहायक को 3000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।



जालोर/भीनमाल. एसीबी दल ने मंगलवार दोपहर को डिस्कॉम के तकनीकी सहायक को 3000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। परिवादी आरोपी को 500 रुपए पूर्व में भी दे चुका है। यह रिश्वत आरोपी ने बिजली कनेक्शन के खाते में नाम संशोधन की एवज में ली थी। एकाएक हुई रिश्वत की कार्यवाही से डिस्कॉम महकमें में हडकंप मच गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस उप अधीक्षक अन्नराजसिंह राजपुरोहित ने बताया कि शहर के सुगर नाडी रोड निवासी परिवादी शंभुसिंह भाटी पुत्र अमरसिंह ने रिपोर्ट दी कि उसके रहवासीय ढाणी में उसके पिता अमरसिंह के नाम कृषि कनेक्शन व पुत्र भीमसिंह के नाम घरेलू विद्युत कनेक्शन है। उसके पिता अमरसिंह व पुत्र भीमसिंह की मृत्यु हो चुकी है। उक्त कनेक्शन के नाम परिवर्तन करने के लिए डिस्कॉम कार्यालय में प्रार्थना-पत्र पेश किया है, जिस पर डिस्कॉम के सहायक अभियंता कार्यालय का तकनिकी सहायक बूंदी जिले के मैनवा तहसील के सबलपुरा गांव व हाल शहर निवासी रामसागर मीणा ने 3500 रुपए मांगे, परिवादी पूर्व में ही 500 रुपए दे चुका है। एसीबी की ओर से सत्यापन होने के बाद परिवादी ने तकनीकी सहायक मीणा को 500 के पांच 200 के एक व 100 के तीन नोट सहित 3000 रुपए थमाए, ईशारा मिलते ही टीम ने उसे गिरफ्तार कर उसके शर्ट की जेब से रिश्वत की राशि बरामद की।
विकलांग होने से कार्यालय में ही काम करता था
आरोपी विकलांग कोटे से डिस्कॉम में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत था, विकलांग होने के वजह व डिस्कॉम में लिपिक की कमी के चलते डिस्कॉम कार्यालय में ही कार्य करता था।
एनकाउंटर में मारा गया था भीमसिंह भाटी
रिश्वत के मामले में ट्रेप की कार्रवाई होने के बाद मामला सोशल मीडिया पर छाया रहा। गौरतलब है भीमसिंह भाटी वहीं व्यक्ति है, जिसका पिछले साल लाछड़ी सरहद में आंध्रा की पुलिस द्वारा एनकाउंटर किया गया था और उसके बाद यह मामला काफी चर्चित रहा था। आंध्रा में मनी ट्रांसफर वेन से लूट के मामले में भीमसिंह भाटी की मुख्य भूमिका थी और पिछले साल इसी मामले में पुलिस ने उसका 28 अक्टूबर को एनकाउंटर किया था। तकनीकी सहायक ने नाम परिवर्तन की एवज में रिश्वत की राशि ली और रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ। भीमसिंह गिरोह पिछले साल काफी चर्चा का विषय रहा था और इस मामले में अब तक 59 लाख रुपए ही पौने पांच करोड़ रुपए की लूट में से बरामद हुए। जबकि शेष राशि अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है। यह राशि भीमसिंह ने कहीं छिपा दी या किसी अन्य के पास है। यह मामला आज तक एक राज ही है।
इनका कहना
रिश्वत की शिकायत पर मामले का सत्यापन किया गया। जिसके बाद रिश्वत के मामले में तकनीकी सहायक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
- अन्नराजसिंह राजपुरोहित, एसीबी उप अधीक्षक जालोर

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