
रात में गश्त नहीं, पुलिस रहती है सुस्त
जालोर/ आहोर. आहोर थाना क्षेत्र में बढ़ता आपराधिक चिंता का कारण हो सकता है, लेकिन शायद यहां के स्टाफ को इससे कोई लेना देना नहीं है। थाना प्रभारी की लचर मॉनिटरिंग के चलते हालात विकट है। आहोर क्षेत्र में रात में गश्ती दल नहीं के बराबर ही गश्त करता है। जब कभी गश्त होती भी है तो केवल फौरी तौर पर मुख्य मार्ग पर औपचारिकता बरती जाती है। इधर, आहोर थाना क्षेत्र के आपराधिक ग्राफ की बात करें तो वे चौंकाते हैं। चोरी के अधिकतर मामले कागजों में सिमट कर रह गए हैं और पुलिस ने उन्हें फाइलों में ही दफन कर दिया है। दूसरी तरफ हत्या और संदिग्ध मौत के प्रकरणों में भी यही हालात है। मामले में आहोर पुलिस हाथ धरे बैठी है। नतीजा यह है कि अक्सर वारदातों का खुलासा ही नहीं हो पाता।
रात में हालात विकट
जालोर से जोधपुर मार्ग या पाली की तरफ जाने के लिए आहोर होकर ही गुजरना होता है और यदि इन क्षेत्रों से जालोर की तरफ आना है तो भी आहोर से होकर ही गुजरना पड़ता है। आहोर पुलिस की ओर से रात्रि गश्त व्यवस्था के नाम पर केवल कुछ स्थानों पर गाड़ी को घुमा कर इतिश्री की जाती है। लिहाजा गश्त व्यवस्था पर भी सवालिया निशान है।
Published on:
13 Nov 2018 10:07 am
