फिर चर्चा में आया रेलवे ओवरब्रिज का मामला, विभाग के पास आधिकारिक जानकारी नहीं!

करीब एक दशक से अटके पड़े जालोर-लेटा मार्ग रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का मामला अंतिम स्तर पर अटका पड़ा है और केंद्र सरकार की ओर से इस स्वीकृति के साथ ही कार्य शुरू हो जाएगा। चर्चाएं हंै कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। इसको लेकर जिले के ग्रुप में मैसेज वायरल भी हुए। इस संबंध में हालांकि आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 30 Jan 2021, 09:56 AM IST

जालोर. करीब एक दशक से अटके पड़े जालोर-लेटा मार्ग रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का मामला अंतिम स्तर पर अटका पड़ा है और केंद्र सरकार की ओर से इस स्वीकृति के साथ ही कार्य शुरू हो जाएगा। चर्चाएं हंै कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। इसको लेकर जिले के ग्रुप में मैसेज वायरल भी हुए। इस संबंध में हालांकि आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। सीधे तौर पर यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसकी क्रियान्विति के साथ जल्द ही प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू हो जाएगा। मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए लंबे समय से मांग उठ रही थी। पूर्व में मु यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस रेलवे ओवरब्रिज के लिए घोषणा की थी, लेकिन बाद में यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को हैंड ओवर हो गया था। (एसं)
पिछले साल जीएडी हुई थी स्वीकृत
इस कार्य को एनएचएआई को सुपुर्द करने के साथ विभिन्न स्तरीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन जीएडी के बाद बजट आवंटन की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार पर नजर थी। चर्चाएं है कि अब इस कार्य के लिए बजट आवंटन हो चुका है और आधिकारित घोषणा भी जल्द ही सामने आ जाएगी। अलबत्ता ग्रुप में वायरल इस मैसेज पर शहरवासियों ने कई जनप्रतिनिधियों को घेरा और धरातल पर काम शुरू नहीं होने तक इसे केवल एक कागजी घोषणा ही माना।
इस तरह चली चर्चाएं
पूर्व प्रदेश महासचिव कांगे्रस पुखराज पाराशर की एक पोस्ट ग्रुप में वायरल हुई, जिसमें उन्होंने लिखा कि पिछले बजट में जालोर वासियों की पुरानी मांग को देखते हुए आहोर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज की घोषणा की गई थी। राज्य सरकार के प्रयासों के बाद आखिरकार देर से ही सही केंद्र सरकार ने भी प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान कर दी है। पत्रिका को पाराशर ने बताया कि स्वीकृति जारी हुई है और अब प्रयास है कि जल्द से जल्द इस कार्य के लिए धरातल पर प्रोसेस शुरू हो।
क्या बोले सांसद देवजी
रेलवे ओवरब्रिज के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी हुई है ऐसी चर्चाएं है, लेकिन अभी तक आधिकारिक दस्तावेज मेरे पास नहीं है। दस्तावेज प्राप्त करने के साथ ही पूरी जानकारी दे पाऊंगा।
यह है पूरा मामला
सूत्रों की मानें तो जालोर के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के दस्तावेज मंत्रालय में ही विचाराधीन थे। चर्चाएं है कि अब मंत्रालय से स्वीकृति जारी कर दी गई है। जिसकी धरातल पर स्वीकृति भी अगले कुछ दिनों में देखने को मिल जाएगी। उसके बाद इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रोसेस भी शुरू हो जाएंगे।
यह है प्रोजेक्ट
जालोर जिले का यह महत्वपूर्ण और बड़ा प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 900 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनना है। यह जालोर का सबसे बड़ा रेलवे ओवरब्रिज होगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 80 करोड़ रुपए व्यय होने है। इस कार्य पर स्वीकृति जारी होने के साथ इसे पूरा होने में लगभग 3 साल का समय लग सकता है। यह कार्य जल्द से जल्द शुरू हो इसका इंतजार जिलेवासी कर रहे हैं और इसी सिलसिले में यह सियासी चर्चाएं भी आरओबी को लेकर चलती रही। अलबत्ता अभी बजट घोषित होने वाला है तो सीधे तौर पर इस प्रोजेक्ट पर स्वीकृति जारी होनी है। ऐसा माना जा रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारी और जालोर की जनता जब तक स्वीकृति का दस्तावेज जारी नहीं होता तब तक इसे मानन को तैयार नहीं है, हालांकि माना जा रहा है कि अब इस प्रोजेक्ट पर स्वीकृति जारी हुई है।
इनका कहना...
जीएडी एप्रूव के बाद दस्तावेज मु यालय को भेजे गए थे। इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चाएं चल रही है, लेकिन अभी किसी तरह का दस्तावेज और जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
- जेपी सुथार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी (एनएच)

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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