पंचायत ने प्रोपराइट की मौत के बाद ऐसे की कागजों में हेराफेरी, दूसरी फर्म को कर दिया भुगतान

Dharmendra Ramawat

Publish: Jan, 25 2019 12:17:11 PM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

सांचौर. क्षेत्र की केसूरी ग्राम पंचायत में सरकारी दस्तोवजों में हेराफेरी कर बिना कार्य किए फर्जी तरीके से एमबी भरकर एक फर्म को नियम विरुद्ध भुगतान करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार केसुरी ग्राम पंचायत की ओर से वित्तीय वर्ष 2014-15 में ग्रेवल कार्य को लेकर सामग्री खरीद के लिए 7 लाख 34 हजार 995 रुपए के कार्य मैसर्स भगाराम/कानाराम सारण कंस्ट्रक्शन कम्पनी जाणवी के नाम से निविदा स्वीकृत की गई थी। जिसके तहत ग्राम पंचायत के भादरूण से खासरवी तक मोकराली वाले रास्ता का कार्य स्वीकृत किया गया। कार्य पूर्ण होने के तुरन्त बाद मैसर्स भगाराम/कानाराम की ओर से ग्राम पंचायत में भुगतान के लिए एमबी के साथ बिल प्रस्तुत किए गए। इसके कुछ समय बाद ही फर्म के प्रोपराइटर का सड़क हादसे में निधन हो गया। जिस पर भुगतान का मामला पंचायत ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। वहीं ग्राम पंचायत में कार्य के बदले में भुगतान के लिए प्रस्तुत किए गए बिलों की पैरवी नहीं होने से ग्राम पंचायत ने फर्जी एमबी तैयार कर 7 लाख 34 हजार 995 रुपए का भुगतान अन्य फर्म को कर दिया। जबकि इस फर्म ने ग्राम पंचायत में ना तो निविदा भरी थी और ना ही ग्राम पंचायत को ग्रेवल सड़क निर्माण के लिए किसी प्रकार की सामग्री की आपूर्ति की गई थी। इस तरह ग्राम पंचायत की ओर से बिलों में हेरफेर कर धांधली की गई।
ऑनलाइन करने पर हुआ खुलासा
ग्राम पंचायत की ओर से मैसर्स भगाराम/कानाराम कंस्ट्रक्शन कम्नी जाणवी के लंबित बिल का भुगतान करने को लेकर जब उनकी पत्नी चैनी देवी ने उत्तराधिकारी के रूप में ग्राम पंचायत को लिखित रिपोर्ट देकर भुगतान की मांग की, तो ग्राम पंचायत भुगतान की बजाय टालमटोल करती रही। इस मामले की चैनी देवी ने उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में सामने आया कि ग्राम पंचायत ने इस राशि के लिए बिलों में हेराफेरी कर भुगतान मैसर्स एसके कंस्ट्रक्शन कंपनी को कर दिया। यह मामला पंचायतीराज की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करने के बाद उजागर हो गया। जिसकी लिखित शिकायत चैनी देवी ने जिला परिषद सहित उच्चाधिकारियों को भी लिखित में की, लेकिन वे यहां भी महज औपचारिक खानापूर्ति कर विभाग ने शिकायती पत्र को रद्दी की टोकरी में डाल दिया।
अब डाल रहे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी
क्षेत्र के केसूरी ग्राम पंचायत की ओर से नियम विरुद्ध जारी किए गए भुगतान का मामला प्रकाश में आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए इस मामले को एक-दूसरे के जिम्मे डाल रहे हैं।
नई फर्म को वर्क आर्डर
ग्राम पंचायत में हुए कार्य को लेकर मैसर्स भगाराम कानाराम कंस्ट्रक्शन कम्पनी को वर्क ऑर्डर दिया गया था। उनकी फर्म की ओर से भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किए गए थे। वहीं एमबी भी भरी गई थी, लेकिन हादसे में फर्म संचालक का निधन हो जाने पर नई फर्म को वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे। इस दौरान अगर मैसर्स भगाराम कानाराम की बजाय अगर अन्य को भुगतान किया है तो संबधित तकनीकी अधिकारी स्तर का मामला है।
- राजेंद्रकुमार, वीडीओ, केसूरी
इनका कहना
किसी भी फर्म को भुगतान करने का कार्य ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर होता है। मैसर्स भगााराम/कानाराम कंस्ट्रक्शन कम्पनी जाणवी का मामला मेरी जानकारी में है, लेकिन उसके भुगतान को लेकर जो मामला है मुझे पूर्ण रूप से याद नहीं है।
-पंकजकुमार, एईएन,चितलवाना
पति के निधन के बाद पंचायत ने हेराफेरी कर दूसरीफर्म को गलत तरीके से भुगतान कर दिया। जबकि मैं लम्बे समय से बकाया भुगतान के लिएचक्कर काट रही हूं।
- चैनी देवी, पीडि़ता

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