ये तीन परिवार सह रहे गोवंश के हमले का दंश, फिर भी नगरपरिषद दे रही फोरी चेतावनी

ये तीन परिवार सह रहे गोवंश के हमले का दंश, फिर भी नगरपरिषद दे रही फोरी चेतावनी
People injured by the cattle attack

Dharmendra Ramawat | Updated: 25 Aug 2019, 10:34:47 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

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जालोर. शहर के मुख्य चौराहों और सड़कों पर जगह-जगह झुंड में विचरण करने वाले गोवंश की चपेट में आने से बार-बार शहरवासी गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। पिछले दो महीने की बात करें तो ऐसे दर्जनों हादसे शहर में विभिन्न जगहों पर हुए और इनमें से अधिकतर महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं। जिनका आज भी उपचार चल रहा है। इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए नगरपरिषद की ओर से पिछले दो महीने से लाउड स्पीकर लगाकर एनाउंसमेंट किया जा रहा है। वहीं इससे पहले समाचार पत्रों के माध्यम से पशु मालिकों को पशुओं को घर पार बांधने का अल्टीमेटम भी जारी किया गया। इसके बावजूद शहर की सड़कों और चौराहों पर स्थिति वैसी की वैसी ही नजर आ रही है। इसका ताजा उदाहरण शहर में निवासरत वो तीन परिवार हैं जो अभी भी गोवंश की चपेट में आने से परेशानी झेल रहे हैं। इन तीनों परिवारों में हादसे की शिकार गृहणियां हुईं। जिनके चोटिल होने के बाद वे खुद तो परेशान हो ही रही हैं, साथ ही साथ पूरा परिवार भी नगरपरिषद को बददुआ दे रहा है। कारण कि घर का सारा कामकाज करने वाली ये ही गृहणियां हैं जो अब बिस्तर में पड़ी हैं। इनमें से एक आशापूर्णा कॉलोनी निवासी शोभना देवी (44) पत्नी ईश्वरचंद नागर, दूसरी गुर्जरों का वास राजेंद्रनगर निवासी भाग्यवंती देवी (36) पत्नी जालमसिंह सिंदल और तीसरी बड़ी पोल निवासी रिंकू लोहार (25) पत्नी धनंजय लोहार हैं।
5 अगस्त से होनी थी धरपकड़
पखवाड़े भर पहले कलक्टर व उपनिदेशक पशुपालन विभाग के बीच हुई बैठक के बाद गत ५ अगस्त से सड़कों पर विचरण करने वाले करीब एक हजार से ज्यादा गोवंश को पकड़कर जिले की विभिन्न गोशालाओं या शहर से दूर छोड़ा जाना था। साथ ही संबंधित पशु मालिक से जुर्माना भी वसूल किया जाना था, लेकिन यह योजना भी मूर्त रूप नहीं ले पाई। जिसके कारण शहर की इस गंभीर समस्या से लोगों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
यहां हर समय पशुओं का झुंड
लंबे समय से शहर की मुख्य सड़कों व चौराहों पर गोवंश का झुंड लगा रहता है। शहर के पुराना बस स्टैंड, अस्पताल चौराहा, सूरजपोल, भीनमाल रोड, नया बस स्टैंड, तिलक द्वार, सब्जी मंडी, वीरमदेव चौक, वन वे रोड, मानपुरा कॉलोनी, लेटा रोड स्थित कृषि मंडी के सामने, कॉलेज रोड व औद्योगिक क्षेत्र तृतीय चरण में मुख्य मार्ग पर पशु झुंड में विचरण करते नजर आते हैं, लेकिन नगरपरिषद की ओर से सख्त कार्रवाई के बजाय महज फोरी चेतावनी दी जा रही है।
जानिए इन गृहणियों का दर्द, अगर हम आयुक्त होते तो...
पुराना बस स्टैंड के निकट घर के बाहर ही घूम रहा एक सांड अचानक मेरी तरफ दौड़ता हुआ आया सींग से वार कर गिरा दिया। जिससे सिर, दाहिने हाथ, कंधे, दोनों पैर और कमर में गंभीर चोट लगी। जिसके बाद करीब पंद्रह दिन से बिस्तर में हूं और डॉक्टर ने 20 दिन और बेड रेस्ट के लिए कहा है। ऐसे में घरेलू काम भी नहीं हो पाने से पूरा परिवार परेशान है। अगर मैं आयुक्त होती तो सबसे पहले शहर की इस गंभीर समस्या पर काम करती। ताकि लोग हादसे का शिकार ना हों।
- शोभना नागर, गृहणी, आशापूर्णा कॉलोनी
सड़कों पर घूम रहे गोवंश की समस्या को लेकर यहां आने वाला हर आयुक्त सिर्फ औपचारिकता ही निभाता है। कुछ महीने पूर्व ही बाजार में खरीदारी के लिए जाते समय एक सांड ने हमला कर दिया। जिससे पैर में 32 टांके आए। डेढ़ महीने बिस्तर में पड़े रहना पड़ा। इसके बाद नगरपरिषद के खिलाफ पुलिस में मामला भी दर्ज करवाया गया है। अभी भी घर का काम करना तो दूर ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रही हूं। जिससे पूरा परिवार परेशानी में है। मैं आयुक्त होती तो लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस गंभीर समस्या पर सबसे पहले काम करती।
- भाग्यवंती सिंदल, गुर्जरों का वास राजेंद्र नगर, जालोर
7 दिन पहले घर से दूध लेने के लिए बाहर मौहल्ले में ही गई थी। लौटते समय सांड ने पीछे से कमर में सींग से हमला कर दिया। जिसके बाद 8८ टांके आए हैं। वहीं हाथ पैर में भी गंभीर चोट आई है। इसके बाद से पूरा परिवार परेशान हो रहा है। मैं आयुक्त होती बिना किसी औपचारिकता के गोवंश की समस्या का समाधान करने का प्रयास करती।
- रिंकू लोहार (25) पत्नी धनंजय लोहार, बड़ी पोल, जालोर

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