अच्छे व स्वच्छ छवि वाले लोग आगे आए

अच्छे व स्वच्छ छवि वाले लोग आगे आए

Nain Singh Rajpurohit | Publish: May, 17 2018 08:02:20 PM (IST) Jalore, Rajasthan, India

स्वच्छ राजनीति के लिए चलाए जा रहे चेंजमेकर अभियान के तहत जिला मुख्यालय पर बार एसोसिएशन भवन में अधिवक्ताओं की संगोष्ठी

अच्छे व स्वच्छ छवि वाले लोग आगे आए
जालोर. राजस्थान पत्रिका की ओर से स्वच्छ राजनीति के लिए चलाए जा रहे चेंजमेकर अभियान के तहत गुरुवार को जिला मुख्यालय पर बार एसोसिएशन भवन में अधिवक्ताओं की एक संगोष्ठी हुई। संगोष्ठी में अधिवक्ताओं ने स्वच्छ करे राजनीति महा अभियान को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। अधिवक्ताओं ने वर्तमान दौर में स्वच्छ राजनीति की आवश्यकता पर अच्छे और साफ छवि वाले लोगों के राजनीति में आने की बात कही। अधिवक्ताओं का कहना है कि ईमानदार लोग आएंगे तो देश में भ्रष्टाचार खत्म होगा। वहीं देश और प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भंवरलाल खवास ने राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे चेंजमेकर अभियान की सराहना की। राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित संगोष्ठी में अधिवक्ताओं ने कुछ इस तरह स्वच्छ राजनीति को लेकर अपने विचार प्रकट किए।
परिवारवाद खत्म हो
राजनीति में भाई भतीजावाद व परिवारवाद खत्म होना चाहिए। राजनीति में नेता अपने ही परिवार व रिश्तेदारों को आगे बढ़ाते है। ऐसे में दूसरे साफ छवि वाले लोगों को आगे आने का मौका ही नहीं मिलता है। ऐसे में हमें परिवारवाद पर राजनीति करने वालों को आइना दिखाना चाहिए।
-भंवरलाल खवास, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन जालोर
हर काम संभव
कुछ लोग मानते है कि यह गंदी राजनीति कब खत्म होगी। लेकिन अगर हम जागरूक हो जाए तो सब कार्य संभव है। राजनीति में कुछ गंदे व अस्वस्थ मानसिकता वाले लोगों के आने व उनके साथ रहने वाले उन जैसे लोगों की वजह से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। राजनेता ऐसा होना चाहिए, जो साफ छवि का हो व ईमानदार हो। जिसे अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी हो और जो विषय वह क्षेत्र के विकास के लिए उठा रहा है। उस पर उसकी पूरी पकड़ होनी चाहिए। लग्जरी वाहनों में घूमने वाले राजनेताओं के बजाय धरातल पर जनता की समस्या समझने वाले राजनेताओं की जरूरत है।
-श्रीगोपाल जोशी, अधिवक्ता
स्वस्थ मानसिकता वाले आगे आए
राजनीति गंदी नहीं है। कुछ गंदे व अस्वस्थ मानसिकता वाले लोगों के राजनीति में प्रवेश करने से राजनीति दूषित होने लगी है। जब पूंजीवाद का बोलबाला हुआ, तब कुछ लोगों ने धन के बल पर राजनीति में प्रवेश किया। उस समय मलिन व दूषित मानसिकता वाले लोगों को राजनीति में प्रवेश मिला। ऐसे लोगों के राजनीति में प्रवेश करने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। अब स्वस्थ मानसिकता वाले लोगों को स्वच्छ राजनीति के लिए आगे आना होगा।
-मानवेंद्र राजपुरोहित, अधिवक्ता
ईमानदार लोग आगे आए
स्वच्छ राजनीति के लिए ईमानदार लोगों को आगे आना होगा। राजनीति में जब ईमानदार लोग आएंगे, तो भ्रष्टाचार का अपने आप खात्मा हो जाएगा। स्वच्छ राजनीति के लिए जनता को जागरूक होना होगा। कई बार जनता खुद भ्रष्टाचार का हिस्सा बन जाती है। ऐसे में हमें खुद ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए ईमानदार लोगों को साथ देना होगा। राजनेता के लिए योग्यता भी तय होनी चाहिए।
-केशव व्यास, अधिवक्ता
युवाओं को मिले मौका
राजस्थान पत्रिका का चेंजमेकर अभियान सराहनीय है। स्वच्छ राजनीति के लिए युवा और पढ़े लिखे लोगों को मौका मिलना चाहिए। युवाओं में काम करने का जज्बा होता है। स्वस्थ मानसिकता वाले युवाओं के आगे आने से राजनीति भ्ीा स्वच्छ होगी।
-हितेश लखारा, अधिवक्ता
आपराधिक छवि वालों पर लगे प्रतिबंध
आपराधिक छवि वाले व ऐसे लोग जिन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो। उनके राजनीति में प्रवेश पर प्रतिबंध लगना चाहिए। राजनीति के लिए उम्र व योग्यता को भी निर्धारण होना चाहिए। ताकि पढ़े लिखे व अच्छी मानसिकता वाले लोग आगे आ सके।
-प्रवीणकुमार घांची, अधिवक्ता
धनबल से नहीं हो प्रवेश
स्वच्छ राजनीति के लिए धनबल के आधार पर राजनीति में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए। कुछ लोग धनबल के आधार पर राजनीति में तो प्रवेश कर भ्रष्टाचार के आधार पर फिर से धन जोडऩे में लग जाते है। ऐसे में आम व्यक्ति व साफ छवि वाले लोगों को राजनीति के लिए आगे आना चाहिए।
-प्रवीणकुमार भादरू, अधिवक्ता
योग्यता तय हो
स्वच्छ राजनीति के लिए नेताओं की योग्यता तय होना चाहिए। योग्यता तय नहीं होने से कई बार अयोग्य व्यक्ति भी राजनीति में प्रवेश कर जाते है। वहीं जो व्यक्ति एक बार विधायक या सांसद बन जाता है। उसका पुन: दोहराव नहीं होना चाहिए। जिससे राजनीति में पारदर्शिता व स्वच्छता बनी रहे।
-नवीनकुमार गहलोत, अधिवक्ता
जनता हो जागरूक
स्वच्छ राजनीति के लिए सबसे पहले जनता को जागरूक होना होगा। अगर जनता जागरूक होगी तो भ्रष्टाचार अपने आप ही खत्म हो जाएगा। जनता को भी नियम विरूद्ध कार्य या समय पर कार्य करवाने के लिए किसी को भी पैसा नहीं देना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो भ्रष्टाचार अपने आप ही खत्म हो जाएगा।
-प्रवीणकुमार सोलंकी, अधिवक्ता
जवाबदेह हो राजनेता
स्वच्छ राजनीति के लिए राजनेता व प्रशासन को जवाबदेह होना जरूरी है। आपराधिक छवि वाले लोग राजनीति में आकर ही राजनीति को गंदा करते है। ऐसे में ऐसे लोगों के राजनीति में प्रवेश पर पाबंदी लगे। वहीं सांसद या विधायक का हर माह या तीन माह में रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक होना चाहिए। ताकि जनता को पता चले कि उनकी ओर से चुने गए जनप्रतिनिधि विकास को लेकर कितने सक्रिय है।
-ओमप्रकाश चौधरी, अधिवक्ता
स्वच्छ राजनीति के लिए सभी निभाएं जिम्मेदारी
भीनमाल. बार एसोसिएशन भवन में गुरुवार को राजस्थान पत्रिका की ओर से स्वच्छ राजनीति के लिए चलाए जा रहे चेंजमेकर महाअभियान : बदलाव के नायक के तहत वकील समुदाय के साथ स्वच्छ करे राजनीति विषय पर संगोष्ठी हुई। अधिवक्ताओं ने पत्रिका के अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि पत्रिका का यह महाअभियान राजनीति में स्वच्छता को लेकर अनूठी पहल है। वर्तमान समय में देश की राजनीति में भाषावाद, क्षेत्रवाद, धर्मवाद, जातिवाद के घुल रहे जहर को दूर करने की आवश्यकता है। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बालूराम चौधरी ने कहा कि जातिवाद देश के विकास में मुख्य बाधा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ राजनीति के लिए पैसों के बोलबाले को दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा ही राजनीति के प्रति जागरूक होने पर ही यह संभव हो सकेगा। अधिवक्ता शिवनारायण विश्नोई ने कहा कि चेंजमेकर अभियान भी लोकतंत्र का पोषक बनेगा, यह विश्वास है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में इस संकल्प में वकील खुद को समर्पित करें। उन्होंने कहा कि राजनीति में धर्मवाद, क्षेत्रवाद व भाषावाद का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। अधिवक्ता अशोकसिंह ओपावत ने कहा कि वर्तमान राजनीति दलदल हो गई है। इसे खत्म करने की आवश्यकता है। राजनीति में स्वच्छ छवि वाले लोगों को नेतृत्व मिलना चाहिए। सत्यवानसिंह राजपुरोहित ने कहा कि युवाओं को देश की राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए महत्ती भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में अपराधिक छवि के नेताओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए। हेमलता जैन ंने कहा कि राजनीति में महिलाओं को भी पूरा प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राजनीति दलगत होने की वजह से विकास में अवरूद्ध हो रहा है। संगोष्ठी में अधिवक्ता जोधाराम देवासी, रमेश सुथार, पृथ्वीसिंह बागोड़ा ने भी विचार रखे। बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेन्द्रसिंह राठौड़ ने आभार जताते हुए कहा कि स्वच्छ राजनीति के लिए मीडिया, प्रशासन व न्याय क्षेत्र तीनों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि गलत को गलत कहने की हिम्मत भी करनी पड़ेगी। इस मौके अधिवक्ता गोदाराम काबावत, निरज शर्मा, कमलेश कुमार मेघवाल, कमलेश राजपुरोहित, राहुल गोस्वामी, वगताराम चौधरी, मुकेश सोलंकी, चिराग बोहरा सहित कई लोग मौजूद थे।

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