पाइपलाइन तो बिछा दी, कनेक्शन शिफ्ट ही नहीं किए

पाइपलाइन तो बिछा दी, कनेक्शन शिफ्ट ही नहीं किए
PHED do not shift water connection in new pipe line

Dharmendra Ramawat | Updated: 10 May 2018, 11:06:45 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

डेढ़ माह से शहरवाासी झेल रहे पेयजल संकट

सांचौर. शहर में पेयजल किल्लत के समाधान को लेकर जलदाय विभाग की ओर से स्वीकृत ४.६० करोड़ की स्कीम धूल किसी काम नहीं आ रही है। स्कीम के तहत फरवरी २०१७ में वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद काम तो शुरू हो गया, लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इसको लेकर ना तो विभाग गम्भीर है और ना ही इस योजना का लोगों को कोई फायदा मिल रहा है। जिसकी बदौलत शहर में गर्मी की सीजन में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शहर के झेरडिय़ावास मौहल्ले में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पुरानी पाइप लाइन को विभाग ने हटाकर बंद कर दिया। वहीं मौहल्ले में स्थित गायत्री विद्या मंदिर में चार नल कनेक्शन भी करीब डेढ़ माह से ज्यादा समय से बंद पड़े हैं। जबकि मौहल्ले के सैकड़ों कनेक्शनों के भी ऐसे ही हाल हैं। हालांकि विभाग ने जलापूर्ति के लिए नई पाइपलाइन तो बिछा दी, लेकिन कनेक्शन शिफ्ट नहीं करने से पेयजल किल्लत पैदा हो गई है। जिससे लोगों को अधिक दाम देकर निजी टैंकरों से पानी डलवाना पड़ रहा है। ऐसे हालात में लोग नई पाइप लाइन में मनमर्जी से कनेक्शन कर रहे हैं। ऐसे ही हालात शहर की अन्य कॉलोनियों के भी हैं। जहां नई पाइप लाइन बिछाने के नाम पर जलापूर्ति लम्बे समय से बाधित है। जिसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों को करने के बावजूद कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है।
फिर भी शहर प्यासा
डीआर प्रोजेक्ट से शहर में जलापूर्ति शुरू हो जाने के बावजूद जलदाय विभाग की लचर व्यवस्था का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नियमति जलापूर्ति नहीं होने व प्रभावी मॉनीटरिंग नहीं होने से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। माखुपुरा में लगी माटरें भी अक्सर खराब रहने से जलापूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई है। वहीं दूसरी ओर गर्मी की सीजन को देखते हुए भी प्रशासन इसे गम्भीरता से नहीं ले रहा है। जिससे समस्या और गम्भीर होती जा रही है।
लाइनमैन के भरोसे शहर की जलापूर्ति
शहर में पखवाड़े में दो दिन भी सप्लाई बड़ी मुश्किल से हो रही है। ऐसे में शहर में पेयजल किल्लत से परेशान लोग जहां विभाग के चक्कर काटने को मजबूर है। वहीं दूसरी ओर पेयजल प्रभावित क्षेत्रों के हालात जानने के लिए कोई अधिकारी पहुंच ही नहीं रहे हैं। ऐसे में केवल लाईनमैनों के भरोसे शहर की पेयजल सप्लाई का जिम्मा होने से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। एईएन व जेईएन ड्यूटी के बावजूद ना तो स्थिति का जायजा ले रहे हैं और ना ही प्रभावी मॉनीटरिंग की जा रही है। जिससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
तीन पाइपलाइनों से जोडऩी थी...
शहर में 4.60 करोड़ की पेयजल स्कीम के तहत बजट स्वीकृत होने के बाद टेण्डर जारी किए गए। वहीं ६ फरवरी 2017 को इसके लिए वर्क ऑर्डर भी जारी किए गए। इसके तहत शहर में 13 किलोमीटर तक तीन मुख्य पाइप लाइन डालकर शहर के सभी मौहल्लों व वार्डों को जोड़ा जाना था। नेशनल हाईवे के नीचे दबी पुरानी पाइप लाइन को छोड़कर किनारे पर नई पाइप लाइन डाली गई। इसके बाद मुख्य हेड से शहर के लिए तीन मुख्य पाइप लाइन डाली जाएगी। पहली पाइप लाइन माखुपुरा मुख्य एसआर से नर्मदा कॉलोनी होते हुए मेहता हॉस्पिटल तक, दूसरी माखपुरा से हरिजन कॉलोनी व पॉवर हाऊस, जबकि तीसरी माखुपुरा से नेशनल हाईवे के किनारे- किनारे जलदाय विभाग कार्यालय तक डाली जानी है। इन तीन पाइप लाइनों से शहर की सभी छोटी-बड़ी पाइप लाइनों को जोड़कर सभी मौहल्लों तक मीठा पानी पहुंचाने की योजना थी। इय योजना के तहत नई पाइप लाइनें तो बिछा दी गई, लेकिन कनेक्शन अब तक शिफ्ट नहीं हो पाए हैं।
इन मौहल्लों में नहीं होती नियमित सप्लाई
शहर के अधिकांश मौहल्लों में जलदाय विभाग की उदासीनता व कार्मिकों की लापरवाही से पखवाड़े में एक बार भी नियमित जलापूर्ति नहीं होती है। शहर के दोसियावास पुरानी हवेली, खेतेश्वर कॉलोनी, जीवराज नगर, जटियों का वास, शिवनाथपुरा व जीनगर कॉलोनी में पेयजल समस्या से लोग परेशान हैं। मौहल्लेवासियों का कहना हैकि लाइनमैन मनमर्जी से पानी छोड़ते हैं। इस वजह से अक्सर कार्मिकों से तकरार भी होती है। इसके बावजूद विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या के समाधान को लेकर कई बार विभाग को लिखित में अवगत करवाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
इनका कहना है...
शहर में पुरानी की जगह नई पाइप लाइन से सप्लाई दी जा रही है। कुछ जगह कनेक्शन शिफ्टिंग नहीं हुए हैं। वहां एक दो दिन में कर दिए जाएंगे। नियमिति जलापूर्ति का प्रयास किया जा रहा है।
-गंगाराम पारेगी, एईएन, पीएचइडी, सांचौर
विभागीय अधिकारियों को पेयजल समस्या के बारे में लिखित में अवगत करवाने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुरानी पाइप लाइन से सप्लाई तो बंद कर दी, लेकिन नई में कनेक्शन शिफ्ट नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में डेढ़ माह से ज्यादा समय से यह समस्या बनी हुई है। इससे स्कूली बच्चों सहित मौहल्लेवासियों को भी दिक्कत हो रही है।
- नारायणलाल सुथार, प्रधानाचार्य, गायत्री विद्या मंदिर, सांचौर

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