मार्च में तेज हुई दौड़, अभी लक्ष्य फिर भी दूर


- हर महकमे में स्टाफ अवकाश के लिए दिन भी काम की पेंडेंसी को निपटाने में लगा,

By: khushal bhati

Updated: 19 Mar 2020, 11:10 AM IST

जालोर. मार्च क्लोजिंग का असर अभी सरकारी कार्यालयों में देखने को मिल रहा है। मार्च माह के अंत तक सभी महकमे अपने बकाया केस, प्रकरण और कार्यों को पूरा करने में जुटे जुए हैं। इन बकाया कार्यों को पूरा करने के लिए अभी अवकाश के दिन भी कार्यालयों में चहल पहल देखी जा सकती है। वहीं आम दिनों में भी देर शाम तक कार्यालय खुले नजर आ रहे हैं। मुख्य रूप से बैंकिंग कार्यों में बकाया प्रकरण, आबकारी विभाग में नए ठेके शुरु करवाने, परिवहन विभाग में बकाया टैक्स की वसूली, डिस्कॉम, खनिज विभाग और जलदाय विभाग में बकाया राशि की भुगतान और जमा करवाने के लिए उठापटक चल रही है। रिकवरी के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। जहां डिस्कॉम अपने 20 करोड़ बकाया की रिकवरी की कोशिश कर रहा है। वहीं परिवहन विभाग भी बकाया टैक्स की रिकवरी के लिए मशक्कत कर रहा है। बैंक भी बकायदारों से वसूली के लिए भरसक कोशिश कर रहे हैं।
अवकाश के दिन भी मशक्कत
परिवहन विभाग टैक्स वसूली के लिए विशेष अभियान चला रहा है। सोमवार को कलक्टर द्वारा अवकाश घोषित था, उसके बाद भी कार्यालय खुला था। जालोर परिवहन विभाग अभी लक्ष्य से पिछड़ रहा है और मार्च अंत तक इसके आस पास पहुंचने की कोशिश कर रहा है। परिवहन अधिकारी प्रेमराज खन्ना के अनुसार जालोर परिवहन विभाग का सालाना लक्ष्य 39 करोड़ 18 लाख रुपए का है। उसकी एवज में फरवरी माह तक 27 करोड़ 28 लाख रुपए अर्जित किए जा चुके हैं। वहीं मार्च माह में 15 मार्च तक 1 करोड़ 90 लाख का राजस्व अर्जित किया गया है, लेकिन अभी भी लक्ष्य से विभाग दूर है।
इधर तेज गति से दौड़ रहे
जालोर परिवहन विभाग की तुलना में भीनमाल परिवहन विभाग अपने लक्ष्य की तरफ तेज गति से पहुंच रहा है। भीनमाल परिवहन विभाग का लक्ष्य सालाना 49 करोड़ का था। भीनमाल परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी का कहना है कि उसकी एवज में फरवरी माह तक 37 करोड़ अर्जित किए जा चुके है और उसके बाद मार्च माह में लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अवकाश के दिन भी कार्य जारी है। पिछले एक माह से स्टाफ निर्धारित समय पर ऑफिस पहुंच रहे है। वहीं देर शाम तक काम भी कर रहे हैं। सीधे तौर पर हर महकमा अपने लक्ष्य की पूर्ति की कोशिश कर रहा है।
मुख्यालय से लगातार मॉनिटरिंग
विभिन्न विभागों में मुख्यालय से भी लगातार दबाव बना रहा। अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जाते रहे कि काम कितना निपटाया और कितना अधूरा है। जल्द से जल्द निपटारा करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाते रहे। कार्यालयों में देर शाम तक अधिकारियों को काम निपटाते देखा गया। लिहाजा स्थानीय स्तर पर भी अधिकारी व कर्मचारी किसी काम में कोताही नहीं बरतना चाह रहे।
इनका कहना
मार्च माह को लेकर कार्य की अधिकता है। बकाया कार्यों को पूरा करने के साथ साथ बकाया भुगतान को जमा करवाने के लिए काउंटर अवकाश के दिन भी खुले रखे जा रहे हैं।
- ताराचंद कुलदीप, एसई, जलदाय विभाग, जालोर
लॉटरी प्रक्रिया होने से पहले और बाद स्टाफ लगातार कार्यालय में उपस्थिति दे रहा है। अब नए ठेकों के बंदोबस्त में लगे हुए हैं। सिक्योरिटी राशि भी जमा करवाई जा रही है।
- विनोद वैष्णव, आबकारी अधिकारी, जालोर
मार्च क्लोजिंग को लेकर कार्य की अधिकता है। पेंडेंसी निपटाने के लिए स्टाफ लगा हुआ है। वहीं राजस्व लक्ष्य अर्जित प्राप्ति के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले साल की तुलना में लक्ष्य अधिक था। यह लक्ष्य अर्जित कर लिया जाएगा।
- ओमप्रकाश चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी, भीनमाल
मार्च अंत तक लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है। पूरा स्टाफ मुस्तैद है। बकाया वसूली भी की जा रही है।
- प्रेमराज खन्ना, डीटीओ, जालोर

khushal bhati Reporting
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