जन संवाद से दूर पुलिस!

जन संवाद से दूर पुलिस!
Jalore photo

Shankar Sharma | Publish: Jun, 04 2015 11:46:00 PM (IST) Jalore, Rajasthan, India

जनता के बीच पुलिस का संवाद मजबूत करने को लेकर पुलिस मुख्यालय व उच्चाधिकारियों की ओर से भले ही प्रयास किए जा रहे हो, लेकिन धरातल पर नतीजा सिफर नजर आ रहा है

जालोर। जनता के बीच पुलिस का संवाद मजबूत करने को लेकर पुलिस मुख्यालय व उच्चाधिकारियों की ओर से भले ही प्रयास किए जा रहे हो, लेकिन धरातल पर नतीजा सिफर नजर आ रहा है।

दरअसल, पुलिस की रीढ़ माने जाने वाले कांस्टेबलों को सशक्त व मजबूत बनाने व पुलिस का जनता के बीच बेहतर संवाद कायम करने के लिए बीट क्षेत्र बनाए गए थे। लेकिन अधिकांश पुलिस कांस्टेबलों ने जन संवाद स्थापित करने में रूचि नहीं दिखाईहै। हाल यह है कि जिले में 320 बीट क्षेत्रों में 234 बीट कांस्टेबलों ने सीएलजी सदस्य तक नहीं बनाए हैं।

पुलिस मुख्यालय की ओर से भले ही हर बीट क्षेत्र से सीएलजी सदस्य बनाने को लेकर निर्देश हो, लेकिन धरातल पर अब तक हालात नहीं बदले हैं। पुलिस विभाग में बीट कांस्टेबल सबसे छोटा अधिकारी होता है और उसे अपने बीट क्षेत्र का पूरा बायोडाटा रखना होता है। ऎसे में क्षेत्र की जनता से अधिक जुड़ाव बीट कांस्टेबल का होता है, लेकिन बीट कांस्टेबल सीएलजी सदस्य बनाने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। जबकि, बीट सीएलजी सदस्य अपने बीट कांस्टेबल को क्षेत्र में होने वाली हर संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देता है। बाहरी लोगों पर निगरानी रखता है। आपसी विवादों को बीट कांस्टेबल का सहयोग कर निस्तारण करने में अहम भूमिका निभाता है।

भीनमाल में सर्वाधिक सीएलजी

जिले के भीनमाल पुलिस थाने के बीट प्रभारियों ने सर्वाधिक सीएलजी सदस्य बनाए हैं। थाने की 36 बीट में से 33 बीट कांस्टेबलों ने 95 सीएलजी सदस्य बनाए हैं। थाने के बीट क्षेत्र नया वाड़ा, वागावास तथा वीयो का गोलिया के बीट कांस्टेबलों ने एक भी सदस्य नहीं बनाया है। इसके अलावा रानीवाड़ा पुलिस थाने के 17 बीट क्षेत्र में से 13 बीट कांस्टेबलों ने 27 सीएलजी सदस्य बनाए हैं। वहीं बागोड़ा थाने के 13 बीट क्षेत्र में से 2, रामसीन थाने के 19 बीट क्षेत्र में से 1, बागरा थाने के 18 बीट क्षेत्र में से 1, नोसरा थाने के 22 बीट क्षेत्र में से 1, चितलवाना थाना क्षेत्र के 20 बीट क्षेत्र में से 1 बीट क्षेत्र में सीएलजी सदस्य बनाए हैं। इसी तरह झाब थाना क्षेत्र के 18 बीट क्षेत्र में से 12 बीट कांस्टेबलों ने 27 सीएलजी सदस्य बनाए हैं। सांचौर पुलिस थाने के 29 बीट क्षेत्र में 7 बीट कांस्टेबलों ने एक-एक सीएलजी सदस्य बनाए हैं। वहीं सरवाना थाना क्षेत्र के 17 बीट क्षेत्र में प्रत्येक ने एक-एक सीएलजी सदस्य बनाए हैं।

यहां एक भी नहीं

जिले में कईपुलिस थाना क्षेत्र ऎसे भी है, जहां एक भी बीट कांस्टेबल ने सीएलजी सदस्य नहीं बनाए हैं। जिले के आहोर में 30 बीट क्षेत्र है, लेकिन सीएलजी सदस्य नहीं बनाए गए हैं। इसी तरह कोतवाली जालोर, महिला थाना, सायला, जसवंतपुरा, करड़ा में क्रमश: 31, 5, 18, 15, 12 बीट क्षेत्र है, लेकिन थाने के किसी भी कांस्टेबल ने अपने बीट क्षेत्र से एक भी सीएलजी सदस्य नहीं बनाया है।

किसी ने 6 तो किसी ने एक भी नहीं

ऎसी बात नहीं है कि सभी बीट कांस्टेबल एक समान है। कईबीट कांस्टेबलों ने अपने-अपने बीट क्षेत्र में एक या इससे अधिक लोगों को सीएलजी सदस्य बनाया हुआ है। कईबीट कांस्टेबलों ने अपने बीट में 6 सीएलजी सदस्य बनाए हैं। जबकि, कई कांस्टेबलों ने एक भी सीएलजी सदस्य नहीं बनाया है।

निर्देश दिए गए हैं

पुलिस का जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए बीट कांस्टेबल को सीएलजी सदस्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बीट कांस्टेबल को अपने-अपने क्षेत्र के लोगों से सम्पर्क में रहने के भी निर्देश दिए गए हैं।
-सत्येन्द्र कुमार, एसपी, जालोर

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