करोड़ों खर्च कर लगाए प्लांट, उपयोग के अभाव में नकारा

करोड़ों खर्च कर लगाए प्लांट, उपयोग के अभाव में नकारा
Rejecting the Crores of Filter Plant in Sanchore Jalore

Dharmendra Ramawat | Updated: 21 Apr 2018, 11:02:59 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

सांचौर उपखण्ड क्षेत्र में खराब पड़े करोड़ों के फिल्टर प्लांट

सांचौर. जलदाय विभाग की ओर से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर स्थापित किए गए फिल्टर प्लांट लम्बे समय से नकारा पड़े हैं। ऐसे में विभाग बिना फिल्टर किए ही लोगों को पेयजल आपूर्ति कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। विभागीय लापरवाही का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि अधिकारियों को यह तक पता नहीं है कि क्षेत्र में ऐसे कितने प्लांट लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2009 से 2017 तक साढ़े चार करोड़ से ज्यादा की लागत से करीब 30 फिल्टर प्लांट लगाए गए है।
शहरी आबादी भी मजबूर
विभाग की उदासीनता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि विभाग की ओर से अधिकांश बार बिना फिल्टर के ही जलापूर्ति की जा रही है। जिसकी वजह से नलों में कई बार मटमैला पानी आता है। शिकायत अधिकारियों को करने के बावजूद कोई सुनने वाला तक नहीं है।
एक प्लांट के भरोसे 35 हजार की आबादी
करीब 35 हजार की आबादी वाले सांचौर शहर में जलापूर्ति के लिए विभाग ने एक फिल्टर प्लांट माखुपुरा में लगा रखा है, किन्तु वह भी अधिकतर खराब रहने से शहर में बिना फिल्टर किए ही पानी की सप्लाई कर दी जाती है। इसके अलावा शहर में बनी एसआर टंकियों की भी नियमित सफाई नहीं होने और अधिकतर जगहों पर ढक्कन नहीं होने से इसमें अक्सर पक्षी भी गिरते रहते हैं और यही पानी घरों में सप्लाई होता है। घरों में सप्लाई होने वाले पानी में अधिकांश बार मृत पक्षियों के पंख आए हैं, लेकिन विभाग इसे गम्भीरता से लेने के बजाय इस पर पर्दा डाल रहा है।
4.50 करोड़ की स्कीम, फिर भी फिल्टर नहीं
शहर में पेयजल स्कीम के नाम पर विभाग ने गत साल फरवरी 2017 में करीब 4.50 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए थे। जिसमें नई पाइपलाइन बिछाने, एसआर टंकी के निर्माण, ट्यूबवेल खुदवाने, नई मोटरें खरीदने, मरम्मत व निर्माण कार्य और सीसी सड़क सहित अन्य कार्य शामिल थे, लेकिन शहरवासियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने के लिए कोई खास स्कीम नहीं बनाई गई। ऐसे में महज खानापूर्ति कर औपचारिकता पूरी की गई। वहीं दूसरी ओर विभाग की ओर से की जा रही जलापूर्ति में टीडीएस व गुणवत्ता को भी अनदेखा कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इनका कहना है...
क्षेत्र में फिल्टर प्लांट कितने लगे हैं इसकी पूरी जानकारी नहीं है। नहरों से जलापूर्ति से पहले पानी को फिल्टर करना जरूरी है। फिल्टर प्लांट इसीलिए लगाए गए हैं। इसके लिए मोटरें भी लगी हैं। सांचौर शहर के लिए माखुपुरा में फिल्टर प्लांट लगा हुआ है। वहीं कुछ फिल्टर प्लांट उपयोग के अभाव में या बाढ़ के दौरान खराब हो गए हैं तो उन्हें ठीक करवाया जाएगा।
- प्रहलदराम पंवार, एक्सईएन, पीएचईडी, सांचौर

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