सांचौर के इस मकान को जैक-ट्रेक से ऐसे शिफ्ट किया 80 फीट दूर

सांचौर के इस मकान को जैक-ट्रेक से ऐसे शिफ्ट किया 80 फीट दूर
सांचौर के इस मकान को जैक-ट्रेक से ऐसे शिफ्ट किया 80 फीट दूर

Dharmendra Ramawat | Updated: 30 Nov 2018, 11:14:21 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

एनएच 68 पर कमालपुरा सरहद में बना था 1500 स्क्वायर फीट का व्यवसायिक भवन

रिपोर्ट : वींजाराम डूडी
सांचौर. शहर के हाइवे से सटे एक व्यवसायिक भवन को आधुनिक पद्धति से हटाकर करीब 80 फीट नई नींव पर आगे खिसकाया गया है। इस भवन को जैक की सहायता से उठाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने का जिले में पहला मामला कहा जा सकता है। जानकारी के अनुसार सांचौर के एनएच 68 पर कमालपुरा सरहद में करीब 1500 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में बने एक व्यवसायिक भवन को जैक व ट्रेक के जरिए 80 फीट आगे खिसकाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। वहीं इस भवन को दो फीट ऊंचा भी किया गया है। भवन को शिफ्ट करने में करीब 20 दिन का समय लगा है। वहीं इसमें भवन मालिक को करीब 3 लाख रुपए का खर्च आया है। हाइवे से सटे इस क्षेत्र में व्यवसाई भारताराम माली ने कुछ समय पूर्व इस भवन का निर्माण करवाया था, जब शहर का व हाइवे का विसतार हुआ तो भवन के व्यवसायिक उपयोग की जरूरत पडऩे और समय व रुपयों की बचत के लिए इस तकनीक को अपनाया गया। शहर में इस भवन को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने का ऐसा पहला मामला होने से प्रतिदिन यहां कार्य को देखने लोगों का तांता लगा रहता है। वहीं यह कार्य क्षेत्र में चर्चा का विषय भी बना हुआ है। मकान को ऊपर उठाने व दूसरी जगह शिफ्ट करने की यह तकनीक लोगों को रास आने लगी है।
शिफ्टिंग ट्रेक से खिसकाया भवन
हाइवे से सटे इस क्षेत्र में बना यह भवन आधुनिक तकनीक से टे्रक के जरिए खिसकाकर शिफ्ट किया गया है। इस भवन को शिफ्ट करने के लिए महज एक इंजीनीयर व ८ मजदूरों ने कार्य किया है। जिन्होंने भवन के चारों तरफ दो-दो फीट तक की खुदाई की और फिर भवन के नीचे हाइड्रोलिक जैक लगाए। इसके बाद जहां इसे शिफ्ट करना था, वहां नई नीवें (फाउंडेशन) तैयार की गई। इसके बाद भवन को जैक के सहारे ऊंचा किया गया। वहीं लोहे के गाडर से ट्रेक बनाकर उस पर भवन को खिसकाते हुए नए फाउंडेशन पर शिफ्ट कर दिया। भवन को लिफ्टिंग व शिफ्टिंग करने वाली कंपनी के एमडी वरुण कुमार ने बताया कि शिफ्टिंग का कार्य उनकी कंपनी पूर्ण गांरटी के साथ करती है। इस दौरान मकान को किसी प्रकार का नुकसान होता है तो उसका सारा हर्जाना कंपनी वहन करती है।
समय और धन की बचत
शहर में आधुनिक पद्धति से जिस भवन को शिफ्ट व लिफ्ट किया गया है वह एक मंजिला है। जिसमें व्यवसायिक गतिविधियंा व ऑफिस का कार्य होता है। ट्रेक पर ट्रेन की तरह मकान चलते देख लोग भी दंग हैं। इस तकनीक से भवन मालिक को समय व धन दोनों की बचत हुई है। भवन मालिक व्यवसाई भारताराम ने बताया कि अगर वह भवन तोड़कर नया बनाता तो इसमें उसे करीब साल भर का समय लगता। वहीं इसमें धन का भी अपव्यय होता। ऐसे में समय की बचत के साथ पूर्व में बनाए गए भवन के लिए खर्च हुई पूंजी भी सुरक्षित रह गई।
इनका कहना...
भवन पहले बिना प्लानिंग के बनाया गया था, लेकिन अब शहर का विस्तार होने व व्यवसायिक आवश्यकता के कारण इसे अन्यत्र शिफ्ट करना जरूरी था। ऐसे में इस तकनीक का उपयोग किया गया। इससे धन के साथ समय की भी बचत हुई है।
- भारताराम माली, व्यापारी, सांचौर
हमारी ओर से आधुनिक तकनीक से आसानी से भवनों को शिफ्ट किया जा रहा है। कार्य के दौरान भवन की सुरक्षा की भी पूरी गारंटी दी जाती है। इंजीनियर्स की टीम पहले मकान की स्थिति का भौतिक सत्यापन करती है, उसके बाद इस कार्य को अंजाम दिया जाता है।
- वरुण कुमार, इंजीनियर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned