खस्ताहाल सडक़ों पर बोले: सडक़ें इतनी खराब की उन पर पैदल चलना भी मुश्किल


- महज पैबंद से काम नहीं चलेगा सरकार, शहर मेंं नई सडक़ों की दरकार

By: khushal bhati

Updated: 12 Nov 2017, 11:42 AM IST


रानीवाड़ा. उपखंड मुख्यालय की सडक़ों की दुर्दशा किसी से छुपी नहीं हैं। अतिवृष्टि के बाद खस्ताहाल सडक़ों से हो रही समस्या से अब तक वाहनचालक व आम राहगीरों को निजात नहीं मिल पाई है। उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद यहां की हर सडक़ बुरी तरह से टूट चुकी है। हर वर्ष मरम्मत के नाम पर डामर के पैबंद लगाकर विभाग लीपापोती कर देता है। शहर के बीचों बीच से गुजरने वाली सांचौर फाटक से सरकारी अस्पताल तक की सडक़ अब बुरी हालत मेंं हैं। जगह जगह पड़े बडे गड्ढे शहर की दुर्दशा व सरकारी कामकाज की लापरवाही बयां कर रहे हैं। कस्बे के महाराणा प्रताप चौक, डूंगरी मार्ग गरबाचौक से आखरीया, बाईपास रोड़, गुरूकृपा होटल के पास,नट कॉलोनी, मेला मेदान से बडगांव रोड बाईपास व कस्बे का मुख्य सडक़ मार्ग सरकारी अस्पताल से सांचौर फाटक तक जिस पर कुछ वर्ष पूर्र्व सौंदर्यकरण के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे वो आज बदहाली के आंसू बहा रहा हैं।
बदहाल हुआ बाईपास मार्ग
मुख्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू करने व भीड़ भाड़ से बचाने के लिए शहर के बाहर बने बाईपास का निर्माण करवाया गया था। लेकिन अब इस सडक़ मार्ग पर वाहन चालक चलने से भी कतराने लगे हैं। महज दो वर्ष पूर्व नवनिर्मित बाईपास अब इतना खस्ताहाल है कि यहां से अब वाहन चालक गुजरना नहीं चाहते।
बदहाल सडक़ों को सुधार की कोशिश नहीं की जा रही। पत्रिका ने इस समस्या को लेकर शहर के लोगों से बातचीत कर उनके विचार जानने की कोशिश की तो उन्होंने इस स्थिति के जिम्मेदारों के प्रति इस तरह से विचार व्यक्त किए।
इनका कहना
कस्बे की सडक़ों की दशा बेहद खराब हैं। बाईपास रोड पर गड्ढों के कारण वाहनों हिचकोले खा रहे हैं। दुकानदारों का धूल के गुबार उडऩे से बैठना मुश्किल हो रहा हैं ।
- अंबालाल चितारा, दुकानदार
हर रोज शहर से बसों व हजारों छोटे वाहनों की आवाजाहीं रहती हैं। ऐसे मेंं शहर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले महाराणा प्रताप चौक के पास गड्ढों मेंं सडक़ नजर नहीं आ रही हैं विभाग को इस बारे मेंं विचार करना चाहिए।
- हरीसिंह देवड़ा, ट्रावेल्स एजेंसी
खराब सडक़ें वाहनों के लिए मेेंटेनेेंस बढ़ा रही हैं। सडक़ों पर गड्ढे इतने हैं कि इन पर वाहन बचाना मुश्किल हैं। खस्ताहाल मार्ग से समय व पैसा दोनों बर्बाद हो रहा हैं।
- चेनाराम चौधरी, ऑटो मोबाईल मिस्त्री
कस्बे मेेंं रोजाना आसपास के कई गांवों से दुकानदार व ग्राहक व्यापार व खरीदी करने आते हैं। बारिश के बाद से सडक़ों की हालत इतनी खराब हैं कि रोजाना दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। लेकिन विभाग, जनप्रतिनिधि इस तरफ ध्यान तक नहीं दे रहे।
- शेरसिंह राजपूत, दुकानदार
उपखंड में अतिवृष्टि के बाद सडक़ेें टूट कर बिखर गई हैं। अभी तक कहीं मरम्मत व पुनर्निर्माण का कार्य आशानुरूप शुरू नहीं हो पाया हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
- परेश कुमार कोली, सामाजिक कार्यकर्ता

khushal bhati Reporting
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