भविष्य की दिक्कतों से बचने को समय पर जमा करवाएं टैक्स: मित्तल

भविष्य की दिक्कतों से बचने को समय पर जमा करवाएं टैक्स: मित्तल

Khushal Singh Bhati | Publish: Mar, 14 2018 10:08:45 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

- अंतिम किश्त के भुगतान को लेकर सेमिनार, टैक्स चोरी या लेनदेन का हिसाब व्यवस्थित नहीं रखने के मामले में भविष्य में होने वाली दिक्कतों से अवगत करवाया।

जालोर. एडवांस टैक्स की अंतिम किश्त को जमा करवाने के लिए ग्रेनाइट एसोसिएशन भवन में संयुक्त आयकर आयुक्त बाड़मेर रेंज रविंद्र मित्तल और जालोर आयकर अधिकारी जवानसिंह चारण की मौजूदगी में मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए संयुक्त आयकर आयुक्त मित्तल ने विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला। साथ ही उद्यमियों और व्यापारियों से कहा कि अग्रिम आयकर की अंतिम किश्त जमा करवाने की समय सीमा 15 मार्च है। इस अवधि में टैक्स जमा करवाएं। यदि इसमें देरी भी हो जाए तो 31 मार्च तक टैक्स जमा करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य की दिक्कतों से बचने के लिए समय पर टैक्स भरें। मित्तल ने कहा कि वर्तमान में सभी खाते पेन और आधार से लिंक है। ऐसे में हर व्यक्ति की आय का खाका विभाग के पास मौजूद है। ऐसे में व्यक्ति विभाग की नजर से नहीं बच सकता। इसलिए अपने आय व्यय का ब्यौरा साफ सुथरा रखकर और समय पर टैक्स का भुगतान कर अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि सरकार या विभाग की यह मंशा कतई नहीं है कि आयकर की कार्रवाई के जरिए किसी का जमा जमाया बिजनेस चौपट हो। इस स्थिति में कई परिवार प्रभावित हो सकते हैं और बिजनेस चेन भी प्रभावित होती है। इन सभी पक्षों को भी उद्यमियों को ध्यान में रखना चाहिए। इससे पूर्व जालोर आयकर अधिकारी जवानसिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। चारण ने कहा कि आयकर अदा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। बकायदा इसके लिए एक्ट बना है और इसकी चोरी पर कार्रवाई का प्रावधान भी है। कार्यक्रम के दौरान ग्रेनाइट उद्यमी नरेंद्र बालू अग्रिम टैक्स अदायगी के फायदों पर प्रकाश डालते हुए सभी उद्यमियों से इस मामले में सकारात्मक सहयोग का आह्वान किया। कार्यशाला को सीएम राजेंद्र जैन ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व ग्रेनाइट एसोसिएशन भवन में आयकर अधिकारियों के पहुंचने पर साफा व फूल मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया गया।
दिक्कत से बचने के लिए रिटर्न भरें
संयुक्त आयकर आयुक्त ने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहाकि इससे काफी दिक्कतें हुई और अपने घरों में रखी बड़ी राशियां लोगों ने अपने खातों में जमा भी करवाई है। जिसका जवाब अब विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई के मार्फत हासिल कर रहा है। इन परेशानियों से बचने के लिए संबंधित व्यक्ति रिटर्न फाइल करें तथा राशि की आवक का पुख्ता कारण भी प्रस्तुत करें।
बेनामी संपत्ति के मामले में अब गिरेगी गाज
मित्तल ने कहा कि वैसे तो बेनामी संपत्ति के मामले में कानून 1979 में बना हुआ है, लेकिन उसके बनने के बाद से अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन पिछले तीन साल में यह कानून काफी प्रभावी हो चुका है और अब इन मामलों में बड़ी कार्रवाइयां होंगी। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के तहत कोई भी संपत्ति अपने परिजन, बेटा-बेटी व अन्य कुछ मामलों को छोडक़र खरीदी गई है तो वे बेनामी संपत्ति की श्रेणी में आएगी। ऐसे मामलों में जिसके नाम पर संपत्ति है या जिसने उसे खरीदा है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।

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