देरी से पहुंचे 18 आईटीआई स्टूडेंट्स को प्रिंसिपल ने नहीं देने दी परीक्षा, एडीएम से की शिकायत

आईटीआई में थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंचे स्टूडेंट्स

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 10 Feb 2018, 12:11 PM IST

जालोर. जिला मुख्यालय स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र पर शुक्रवार को थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंचे करीब डेढ़ दर्जन स्टूडेंट्स आधा घंटा देरी से पहुंचे तो उन्हें प्रिंसिपल ने परीक्षा हॉल में एंट्री करने से रोक दिया। ऐसे में गुस्साए छात्रों ने काफी देर तक आईटीआई के बाहर मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। इसके बावजूद जब उन्हें परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं दी गई तो वे एडीएम के पास शिकायत लेकर पहुंचे। इसके बाद मौके पर तहसीलदार ममता लहुआ पहुंची और केंद्राधीक्षक से इसकी जानकारी ली। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह 9 बजे आईटीआई में इंजिनियरिंग ड्रॉईंग की थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इस दौरान करीब डेढ़ दर्जन छात्र निर्धारित समय से आधा घंटा देरी से केंद्र पर पहुंचे तो केंद्राधीक्षक और प्रिंसिपल ने उन्हें परीक्षा देने से रोक दिया। छात्रों का कहना था कि पूर्व में परीक्षा का समय दस बजे निर्धारित था, लेकिन शुक्रवार को नौ बजे परीक्षा का समय निर्धारित किया गया था। इस बारे में छात्रों को पूर्व में किसी तरह की सूचना तक नहीं दी गई। जिसके कारण अधिकतर छात्र साढ़े नौ बजे केंद्र पर पहुंचे। ऐसे में प्रिंसिपल डीके मिश्रा ने छात्रों को केंद्र में एंट्री तक नहीं दी। उनका कहना था कि परीक्षा शुरू होने के करीब आधा घंटा बाद तक छात्रों को केंद्र में एंट्री दी जा सकती है, लेकिन ये छात्र आधा घंटा बाद यहां पहुंचे थे। वहीं परीक्षा के टाइमटेबल के बारे में नोटिस बोर्ड पर सूचना भी चस्पा कर रखी थी। इसके बावजूद छात्र देरी से पहुंचे थे। इसके बाद गुस्साए छात्रों ने चैनल गेट के बाहर काफी देर तक प्रदर्शन भी किया। इसके बाद जब किसी ने उनकी सुनवाई नहीं की तो वे एडीएम के पास शिकायत लेकर पहुंचे और एडीएम ने मौके पर तहसीलदार को मामले की रिपोर्ट लेने के लिए भेजा। फिर भी देरी से पहुंचे एक भी छात्र को परीक्षा नहीं देने दी गई।
18 छात्रों को नहीं दी हॉल में एंट्री
आईटीआई में चल रही थर्ड सेमेस्टर की इंजिनियर ड्रॉईंग परीक्षा के तहत शुक्रवार को कुल 126 स्टूडेंट्स में से 108 ही समय पर परीक्षा देने पहुंचे थे। बाकी के 18 स्टूडेंट्स को देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं दी गई। जिससे उन्हें बिना परीक्षा दिए ही वापस लौटना पड़ा।
छात्रों का आरोप-नहीं दी सूचना
छात्रों की शिकायत के बाद मौके पर पहुंची तहसीलदार के समक्ष छात्रों ने आरोप लगाए कि आईटीआई में चल रही परीक्षा के टाइमटेबल में किए गए बदलाव के बारे में किसी को भी सूचना तक नहीं दी गई और ना ही नोटिस बोर्ड पर इसकी जानकारी दर्शाई गई थी। शिकायत के बाद शुक्रवार को ही नोटिस बोर्ड पर टाइमटेबल चस्पा था।
छात्रों पर लगाए पेपर लीक करने के आरोप
आईटीआई में परीक्षा देने देरी से पहुंचे छात्रों पर केंद्राधीक्षक और प्रिंसिपल ने आरोप लगाए कि ये छात्र जानबूझकर देरी से इसलिए आए थे ताकि पेपर आउट कर सकें, लेकिन छात्रों का कहना था कि अगर इस तरह की कोई बात होती तो हर साल आईटीआई का रिजल्ट कम नहीं रहता। फीटर और वायरमैन समेत अन्य ट्रेड में हर साल इक्का दुक्का ही छात्र उत्तीर्ण हो पाते हैं। ऐसे में उनका कहनाथा कि पेपर आउट होता तो हर साल आईटीआई का रिजल्ट भी अच्छा रहता।
केंद्राधीक्षक ने कहा-देरी से आए थे छात्र, स्टूडेंट्स बोले-टाइमटेबल की सूचना ही नहीं दी...
परीक्षा का समय नौ बजे का था। जो भी छात्र निर्धारित समय पर पहुंचा था उसने परीक्षा दी थी। जबकि कुछ छात्र परीक्षा शुरू होने के आधा घंटे बाद पहुंचे थे। ऐसे में नियमानुसार उन्हें परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं दी गई। वैसे हमारी कोशिश रहती है कि थोड़ी देरी होने पर छात्रों को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाए। वैसे टाइमटेबल नोटिस बोर्ड पर महीने भर से चस्पा हो रखा है। ये छात्र झूठ बोल रहे थे।
- उम्मेदसिंह, केंद्राधीक्षक, आईटीआई, जालोर
परीक्षा के समय में किए गए बदलाव की हमें जानकारी तक नहीं दी गई थी। विरोध करने पर शुक्रवार को ही नोटिस बोर्ड पर टाइमटेबल चस्पा किया गया था। इसके बावजूद हमें परीक्षा देने नहीं दिया गया।
- दिनेशकुमार, छात्र, आईटीआई
हम पर पेपर आउट करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि ऐसा होता तो हर साल आईटीआई का रिजल्ट खराब नहीं रहता और छात्र अच्छे नम्बरों से पास होते। टाइमटेबल में बदलाव की हमें पूर्व में सूचना तक नहीं दी गई थी। इसके बावजूद हमें परीक्षा देने नहीं दिया गया।
- चंदनमल, छात्र, आईटीआई
वेब पोर्टल पर टाइमटेबल उपलब्ध होने की बात कही जा रही है, लेकिन वेबवाइट भी खुल नहीं रही है। जिसके कारण टाइमटेबल में बदलाव की हमें जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बावजूद हमें परीक्षा नहीं देने दिया गया। ऐसे में हमने इसकी शिकायत एडीएम से की थी।
- चंद्रप्रकाश, छात्र, आईटीआई

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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