अवधि पार हुआ ऋण तो बैंक वाले परेशान करने लगे, किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

Khushal Singh Bhati

Publish: Jun, 06 2019 09:36:43 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर/ नारणावास. भागली सिंधलान निवासी एक किसान ने बैंक के बकाया ऋण पर बैंक प्रशासन द्वारा बार बार परेशान किए जाने से आहत होकर मंगलवार शाम को जागनाथ स्टेशन के नजदीक टे्रन से कूद कर आत्महत्या कर ली।
मामले में मृतक गटूसिंह के ***** श्रवणसिंह ने बागरा थाने में रिपोर्ट पेश की है। मामला इसलिए खास है कि मंगलवार दोपहर को ही जालोर से बैंक स्टाफ गटूसिंह के घर पर पहुंचा था। बैंक प्रशासन का इस मामले में कहना है कि गटूसिंह ने कृषि ऋण वर्ष 2015 में लिया था, जो बकाया था। बैंक प्रशासन का कहना है कि मंगलवार को वे उसके घर जरुर गए थे, लेकिन गटूसिंह घर पर नहीं मिला। लेकिन मृतक के ***** की ओर से रिपोर्ट पेश की गई है कि जिसमें आरोप है कि गटूसिंह को बकाया ऋण को लेकर बार बार प्रताडि़त किया जा रहा था। इसी सिलसिले में मंगलवार को बैंक स्टाफ गटूसिंह के घर पहुंचा था और शाम को गटूसिंह ने मौत को गले लगा दिया।
ट्रेक्टर के लिए लिया था ऋण
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से गटूसिंह पुत्र पहाड़सिंह राजपूत ने 27 नवंबर 2015 को ट्रेक्टर खरीद के लिए 2 लाख 95 हजार का कृषि ऋण लिया था। जिसके बाद यह राशि बकाया चल रही थी। आरोप है कि बैंक स्टाफ बार बार उसे परेशान कर रहा था। इसी सिलसिले में बैंक स्टाफ अंतिम बार 10 अपे्रल 2019 को गटूसिंह से मिला था और उसे अंतिम नोटिस जारी किया गया था। जिसमें गटूसिंह की कुल बकाया राशि ब्याज सहित 3 लाख 96 हजार 93 रुपए बताई गई थी। नोटिस में जिक्र था कि 7 दिन की अवधि में ही बकाया राशि जमा करवाई जाए, वरना कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जो ट्रेक्टर खरीदा उसी को लेकर गया मौत को गले लगाने
गटूसिंह किसान था और खेती से ही गुजर बसर कर रहा था। उससे वर्ष 2015 में ट्रेक्टर खरीदा था। मंगलवार को टे्रन के आगे उसने कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के लिए गटूसिंह अपने ट्रेक्टर पर ही पहुंचा था और ट्रेक्टर को एक तरफ खड़ा करने के बाद ट्रेन के आगे कूद गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गटूसिंह की पारिवारिक स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं थी। उसके एक 10 साल का पुत्र और 8 साल की पुत्री है। पिता की मौत की सूचना पर इन दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पत्नी बेसुध हो गई। घटनाक्रम की जानकारी लगने पर बुधवार को परिजनों और समाजबंधुओं की भीड़ जुटी। जिसके बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
इनका कहना
मंगलवार को मुख्य प्रबंधक समेत हम भागली गए थे। इस दौरान गटूसिंह नहीं मिला, परिजनों से बातचीत हुई थी। उसने वर्ष 2015 में कृषि ऋण लिया था, जिसका बकाया था। उससे संबंधित दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाने गए थे। उसकी मौत की जानकारी नहीं है।
विरेंद्र कुमार, बैंक कार्मिक

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned