इस तरह जनता का पैसा व्यर्थ बहा रही नगरपरिषद

Dharmendra Ramawat

Updated: 10 Jan 2019, 11:26:58 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. शहर के विकास और समस्याओं के प्रति नगरपरिषद अधिकारी व जनप्रतिनिधि कितने जिम्मेदार हैं इस बात का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि डेढ़ महीने पहले शहर के एक वार्ड में परिषद की ओर से कराया गया पेचवर्क दूसरी बार उखड़ गया है। विकास के नाम पर परिषद की ओर से लाखों रुपए का बजट जरूर खर्च किया जा रहा है, लेकिन जनता की जेब से जाने वाला यह पैसा किसी काम नहीं आ रहा है। दरअसल, शहर के विभिन्न वार्डों में करीब डेढ़ महीने पहले क्षतिग्रस्त सीसी व डामर सड़कों की मरम्मत के लिए पेचवर्क के टेंडर किए गए थे। मगर यह पेचवर्क एक महीने में ही जगह-जगह से उखड़ गया। शहर के वार्ड 30 में भी कुछ ऐसा ही हुआ। यहां ठेकेदार की ओर से करीब डेढ़ माह पूर्व सीसी सड़क पर डामर से पेचवर्क किया गया था। हालत यह हुई कि सड़कों पर निर्धारित मात्रा से काफी कम डामर व कंकरीट डालने के कारण वाहनों की आवाजाही से कुछ समय बाद ही जगह-जगह से डामर उखड़ गया। ठेकेदार ने इस कार्य में गुणवत्ता का ध्यान ही नहीं रखा। वहीं नियमों की भी अनदेखी की। जिसके बाद वार्डवासियों ने अनियमितता का आरोप लगाया और यहां ठेकेदार को पेचवर्क पर दोबारा डम्मर और कंकरीट डालकर पेचवर्क करना पड़ा। इतना ही नहीं इस पेचवर्क पर दोबारा पेचवर्क करने के बाद भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। मौजूदा समय में यहां की हालत देखें तो डामर और कंकरीट पूरी तरह से उखड़ चुकी है और ऐसा प्रतीत होता है कि यहां कभी मरम्मत का काम हुआ ही नहीं। इस तरह पेचवर्क के नाम पर खर्च की जाने वाली राशि ठेकेदार चट कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी इसे नजरंदाज कर रहे हैं।
मौके पर मौजूद थे अधिकारी व पार्षद
शहर के वार्ड ३० में पेचवर्क के महीने भर बाद ही उखड़े डामर और कंकरीट को लेकर ठेकेदार की ओर से 9 दिसम्बर को दोबारा पेचवर्क किया गया था। इस दौरान मौके पर खुद पार्षद और जेईएन भी मौजूद थे। उन्होंने ठेकेदार के कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश देते हुए खुद भी गुणवत्ता की जांच की थी। इसके बावजूद यहां फिर से डामर और कंकरीट उखड़ चुकी है। हालत यह है कि पूरी सड़क कंकरीट से भरी पड़ी है और जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
खुद पार्षद ने यह कहा था
वार्ड ३० में सड़कों की मरम्मत को लेकर पार्षद हंसमुख नागर का कहना था कि परिषद ने इसके लिए पेचवर्क के टेंडर किए थे। महीना भर पहले ही वार्ड में पेचवर्क का काम हुआ था जो गुणवत्तापूर्ण नहीं था। इसके बाद संबंधित ठेकेदार का भुगतान रुकवाया गया। जिसके बाद 9 दिसम्बर से पुन: ठेकेदार ने मरम्मत कार्य किया था।
पत्रिका ने उठाया था मामला
गौरतलब है कि वार्ड 30 हनुमान नगर में हुए निम्न गुणवत्ता के डामर पेचवर्क को लेकर पत्रिका ने गत 2 दिसम्बर को 'पेचवर्क तो बहाना था, जनता का पैसा व्यर्थ बहाना थाÓ व इसके बाद 10 दिसम्बर को 'अनियमितता पर नगरपरिषद ने रोका भुगतान, उखड़े डामर पर दोबारा करना पड़ा पेचवर्कÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया गया था कि पेचवर्क के कुछ दिन बाद ही सड़क से डामर और कंकरीट उखड़ गई।

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