सात घण्टे पूर्व जन्मी नवजात को सूने खेत में फेंका, ग्रामीणों ने बचाई जान

सात घण्टे पूर्व जन्मी नवजात को सूने खेत में फेंका, ग्रामीणों ने बचाई जान
The newborn was thrown into the field, villagers saved

Dharmendra Ramawat | Updated: 24 May 2018, 09:55:52 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

बच्ची को सूने खेत में फैंका, पुलिस नहीं कर पाई आरोपी की पहचान, पुलिस जांच में जुटी रही लेकिन नहीं लगा सुराग

सांचौर. क्षेत्र के अरणाय सरहद में बुधवार को 7 घंटे पूर्व जन्मी नवजात कन्या मिलने से सनसनी फैल गई। इस फूल सी बच्ची को कोई सूने खेत में फेंंक कर चला गया। इसके कुछ देर बाद ही आस पास रहने वाले ग्रामीणों ने जब उसके रोने की आवाज सुनी तो वे वहां पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों का कहना था कि इतनी भीषण गर्मी में अगर यह नवजात कुछ देर और वहां रहती तो शायद ही बच पाती। इधर, सूचना के बाद करड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच की औपचारिकताएं जरूर पूरी की, लेकिन इस दिल दहला देनी वाली वारदात को अंजाम देने वाले की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची १०८ एम्बुलेंस के जरिए नवजात कन्या का प्राथमिक उपचार किया गया। धूल से लिपटी इस नवजात को ग्रामीणों के सहयोग से नहलाकर सांचौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया गया। जहां उसे शिशु वार्ड में भर्ती किया गया। चिकित्सकों ने नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसके बाद वह वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
जागा ममत्व, कराया दुग्धपान
प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाई गई इस नवजात का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। अस्पताल में मदर मिल्क बैंक नहीं होने से चिकित्सकों को नवजात के लिए दूध की व्यवस्था करना भी परेशानी भरा हो गया। इस पर महिला वार्ड में भर्ती एक प्रसूता ने उसे गोद में उठाया और दुग्धपान करवाया।
नर्सिंग स्टाफ के छलक पड़े आसूं
सीएचसी पर लाई गई इस नवजात को देख हर किसी का दिल पसीज रहा था। वहीं मां का साया हटने के बाद अनाथ हुई इस नवजात को देख यहां कार्यरत महिला नर्सिंग स्टाफ का ममत्व भी जाग उठा। करीब तीन घंटे अस्पताल में रही नवजात कन्या को जब कागजी प्रकिया पूरी होने के बाद जोधपुर के लिए रवाना किया गया तो उससे बिछडऩे के गम में महिला नर्सिंग कर्मियों के आंसू छलक पड़े।
मानवता हुई शर्मसार
अरणाय सरहद स्थित एक सूने खेत की रोही में घटी इस घटना ने मानवता को शर्मशार कर दिया। नौ माह तक कोख में लिए घूमने वाली मां ने इस नवजात को मरने के लिए भरी गर्मी में खेत में फेंक दिया। जिसे देख हर किसी का दिल पसीज गया। चिकित्सकों के मुताबित यह नवजात जिस समय मिली, उसके करीब सात घंटे पहले ही उसका जन्म हुआ था। धूल में लिपटी तडफ़ती इस मासूम की चित्कार सुन ग्रामीण भी दहल उठे। सूचना के बाद जब एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तो उसके कान और मुंह भी धूल से भर गए थे। ऐसे में मौके पर जमा लोगों की भीड़ उसे फेंकने वाली मां को कोस रही थी। चिकित्सकों ने बताया कि इस नवजात का जन्म रात २ बजे के करीब हुआ था।
पुलिस जुटी जांच में, नहीं लगा सुराग
अरणाय गांव के सूने खेत में मिली नवजात कन्या के मामले में करड़ा पुलिस को अब तक कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है। वहीं दूसरी ओर चिकित्सा विभाग भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय नवजात को जोधपुर भेजने की कागजी औपचारिकताओं तक सीमित नजर आया। किसी भी अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा कर मामले को गम्भीरता से नहीं लिया।
इनका कहना है...
नवजात पूर्ण रूप से स्वस्थ है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसका वजन २.५ किलोग्राम था। जिसे पूर्ण बंदोवस्थ के साथ जोधपुर के लिए रवाना किया गया है। जालोर से आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जोधपुर भेजा जाएगा।
- डॉ. वीडी जोशी, बीसीएमओ, सांचौर

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