उपचार के लिए कतार में खड़ा मरीज गश खाकर गिरा

उपचार के लिए कतार में खड़ा मरीज गश खाकर गिरा
उपचार के लिए कतार में खड़ा मरीज गश खाकर गिरा

Jitesh kumar Rawal | Updated: 13 Sep 2019, 12:59:23 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

www.patrika.com/rajasthan.news

मरीजों को भारी पड़ रहा इलाज के लिए इंतजार करना, चिकित्सकों के कई पद रिक्त, कतार में रहने की मजबूरी

सियाणा. कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है, लेकिन इन दिनों चिकित्सक नहीं है। प्रतिदिन ढाई सौ मरीजों का ओपीडी रहने वाले इस अस्पताल में महज एक ही डॉक्टर कार्यरत है। ऐसे में गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग परेशानी में पड़ जाते हैं। उपचार के लिए इंतजार में खड़े रहना पड़ता है और कई बार कतार में हालत और ज्यादा बिगड़ जाती है। गुरुवार को भी ऐसा ही हुआ। यहां सियाणा के कोलरी निवासी पारसमल मीणा एकाएक ही गश्त खाकर गिर गया। डॉक्टर अपने कक्ष में मरीजों को देखकर रहे थे, जो जांच छोडकर बाहर आए। मरीज को बेहोश देख कर सबे हाथ-पांव फूल गए। अस्पताल में एक बार तो अफरा तफरी सी मच गई। डॉ प्रदीप गुप्ता व कम्पाउंडरों ने इमरजेंसी में इलाज शुरू किया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर मरीज ने बताया कि बीमार होने से खड़ा नहीं रह सकता था। इलाज के लिए कतार में लगने के कारण गिर पड़ा।


बड़ी दिक्कत रहती है
उधर, कस्बे के प्रदीप भट्ट व सवाराम घांची ने बताया कि गुरुवार को अस्पताल पहुंचे तो ओपीडी पर भारी भीड देखी। ओपीडी में भी प्रिंटर शुरू नहीं होने से पर्ची कटवाने भी दिक्कत हुई। डॉक्टर के पास जांच करवाने के लिए कतार में परेशान मरीज व बच्चे देखकर अधिकारियों को सूचना दी।


एक ही चिकित्सक है
अस्पताल इन दिनों राम भरोसे चल रहा है। अस्पताल में इन दिनों मरीजो की भारी भीड उमड़ रही हैं। अस्पताल प्रभारी डॉ. पल्लवी कही टूर पर हैं। अभी एक ही डॉक्टर पूरा अस्पताल संभाल रहे हैं। आड़वाड़ा से आए एक मरीज ने बताया कि करीब घंटे तो पर्ची कटवाने में लगा व डॉक्टर को दिखाने में काफी समय कतार में रहना पड़ा।


यहां तो रैफर ही इलाज
अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते ग्रामीणों ने चिकित्सकों की मांग की है। वैसे सोनोग्राफी मशीन के साथ कई उपकरण नही होने से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। किसी प्रकार की घटना को लेकर मरीज को उपकरणों के अभाव में जालोर-सिरोही या अन्य जगह रैफर किया जाता है। जिसमें मरीज को गाड़ी किराए कर अपने परिजनों को साथ लेकर जाने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।


कई गांवों से आते हंै मरीज
क्षेत्र का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र होने से मौसमी बीमारी के साथ अन्य बीमारी के इलाज को लेकर आस-पास के चांदना, भेटाला, मेडा ऊपरला, मेडा निचला, बारलावास, नबी, मायलावास, सिवणा, काणदर, देवाड़ा सहित दर्जनों गांवों के मरीज यहा इलाज के लिए आते है। लेकिन डॉक्टर की कमी व प्रयाप्त सुविधा नही होने से उन्हें अन्यत्र जाना पड़ता है।


प्रयास कर रहे हैं...
सियाणा में डॉक्टरों की कमी है इसकी जानकारी हमें हैं। वर्तमान में दो डॉक्टर यहां सेवाएं दे रहे हैं। वैसे डॉक्टर लगाने की कोशिश जारी हैं।
-डॉ. भजनलाल विश्रोई, बीसीएमओ, जालोर

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