scriptThe public was happy about the reduced price of petrol and diesel, but | पेट्रोल और डीजल के घटे दाम को जनता तो खुश नजर आई, लेकिन सियासत भी शुरु हो गई | Patrika News

पेट्रोल और डीजल के घटे दाम को जनता तो खुश नजर आई, लेकिन सियासत भी शुरु हो गई

- जनता का कहना सपना सा लग रहा कि ईंधन के दाम घटे, लेकिन अब यह राहत कितने दिन मिलेगी इस पर संशय

जालोर

Published: May 22, 2022 08:22:43 pm

जालोर. पेट्रो कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच ट्रांसपोर्टेशन की दरों में वृद्धि का असर महंगाई में बेतहाशा वृद्धि के रूप में देखने को मिल रहा था और इससे आमजन बेहाल और परेशान था। इस बीच केंद्र सरकार ने महंगाई पर लगाम लगाने की कड़ी में बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा दी। जिसका असर ईंधन की दरों में कमी के रूप में देखने को मिल रहा है। करीब दो साल से लगातार बढ़ रही दरों के बीच संभवत: यह पहला मौका है, जब एक साथ पेट्रोल में करीब 10 रुपए तो डीजल में 7 रुपए तक की कमी आई है। इस राहत के बाद वाहन चालक खुश नजर आ रहे हैं, लेकिन इस बात को लेकर आशंकित भी है कि यह राहत कितने समय तक जारी रहेगी। इधर, इस पूरे मामले में एक बार फिर से सियासत भी हावी हो गई है। कांगे्रस पदाधिकारियों ने महंगाई के बढ़ते ग्राफ के बीच इस राहत को नाकाफी बताया है। जबकि भाजपा ने इस फैसले को जनहितैषी बताया।
- जनता का कहना सपना सा लग रहा कि ईंधन के दाम घटे, लेकिन अब यह राहत कितने दिन मिलेगी इस पर संशय
- जनता का कहना सपना सा लग रहा कि ईंधन के दाम घटे, लेकिन अब यह राहत कितने दिन मिलेगी इस पर संशय
हमें इसलिए ज्यादा असर डालती है कीमतें
पेट्रोल डीजल की दरों में लगातार वृद्धि का सर्वाधिक असर जालोर के ग्रेनाइट उद्योग पर भी देखने को मिल रहा था। जालोर से लगभग 100 गाडिय़ां देश के विभिन्न कोनों के लिए जाती थी। मुख्य मंडी के रूप में किशनगढ़ और दिल्ली तक फिनिश ग्रेनाइट पहुंचता था। पहले दिल्ली तक एक ट्रक जहां 16 से 17 हजार रुपए में पहुंच रहा था। वही ट्रक वर्तमान में 20 से 22 हजार रुपए के बीच मंडियों तक पहुंच रहा था। अब दाम में कमी से निश्चित तौर पर जालोर के ग्रेनाइट उद्योग को भी फायदा मिलेगा।
जानिये पिछले तीन साल की तीन महत्वपूर्ण तारीखें
तारीख पेट्रोल डीजल
21 मई 2020 78.56 71.04
21 मई 2021 100.35 93.27
21 मई 2022 118.96 101.78
22 मई 2022 109.41 94.57
(आंकड़े प्रति लीटर रुपए में)

समझें: मुझे क्या फायदा
सर्वाधिक उपयोग दुपहिया वाहनों और पेट्रोल संचालित कारों का होता है। पिछले एक साल में प्रत्येक वाहन चालक का औसतन पेट्रोल-डीजल पर व्यय 700 से 1000 रुपए मासिक तक बढ़ गया है। लंबी दूरी तक परिवहन करने वाले वाहन चालकों को बजट इससे भी अधिक बढ़ा, लेकिन यदि यह राहत स्थायी रहती है तो निश्चित तौर पर प्रत्येक क्षेत्र को फायदा होगा।
उद्योग को फायदा
ईंधन के बढ़ते दाम से ट्रांसपोर्टेशन बढ़ गया था। जिससे मंडियेां तक माल भेजने पर अधिक दर लग रही थी। निश्चित तौर पर पेट्रो कीमतों में कमी से राहत मिलेगी। हालांकि यह राहत कितने समय तक रहेगी। यह विषय अहम होगा।
- हेमेंद्र भंडारी, सचिव, ग्रेनाइट एसोसिएशन
ईंधन के बढ़ते दाम से ट्रांसपोर्टेशन में भी इजाफा हुआ था। इस राहत से ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी फायदा होगा। वहीं निश्चित तौर पर इससे आगामी दिनों में किराए में भी कमी संभावित है।
- शैतानसिंह देवड़ा, संरक्षक, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
मिडल क्लास को फायदा नहीं
सरकार ने इस छूट के दायरे में पेट्रोल-डीजल को लेते हुए एक्साइज में कमी की है। वहीं गैस सिलेंडर की बात करें तो केवल उज्ज्वला योजना पर 200 रुपए सब्सिडी दी गई है, जबकि नॉर्मल सिलेंडर पर छूट नहीं है। यदि घरेलू सिलेंडर भी छूट दी जाती तो और बेहतर होता।
- गीता देवी, गृहिणी
पेट्रोल की कीमतों से इजाफे के साथ दिक्कतें बढ़ी है। काफी समय बाद कीमतों में कमी से थोड़ी राहत मिली है। लेकिन यह राहत कुछ माह तक स्थायी रहे तो इससे फायदा है। अक्सर एक दो दिन बाद ही दाम बढ़ जाते हैं। जिससे ज्यादा फायदा नहीं मिल पाता।
- प्रवीण कुमार, वाहन चालक
राहत भरा निर्णय, जनता को फायद
केंद्र सरकार ने तो दो बार पेट्रो की कीमतों में कमी करते हुए राहत दी। लेकिन राज्य सरकारों को भी अपने स्तर पर राहत देनी चाहिए ताकि कीमतों में और भी कमी आए। पेट्रो कीमतों की सर्वाधिक दरें राजस्थान में है। इस पर राज्य सरकार को भी मंथन करना चाहिए और ड्यूटी करनी चाएहि।
- नारायणसिंह देवल, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा
ये राहत नाकाफी
दो माह पूर्व केंद्र सरकार ने पेट्रो कीमतों में उत्पाद शुल्क अत्यधिक बढ़ोतरी की थी। उसके बाद यह आंशिक कटौती की है। यह कीमतों में कमी का ढौंग ही है। केंद्र सरकार आंकड़ों में उलझाकर जनता को महंगाई तले दबाए जा रही है। सरकार यदि वास्तविक रूप में जनता को राहत देना चाहती है तो 2014 के के कार्यकाल की स्थिति में पेट्रोल डीजल और गैस की कीमत रखनी चाहिए।
- पुखराज पाराशर, अध्यक्ष, जन अभाव अभियोग निराकरण समिति

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