नियम कायदे रखे ताक पर, जारी किए नियमन के पट्टे

नगरपरिषद में इस बार के बोर्ड की कहानी दिनों दिन नए मोड़ आ रहे हैं। आपसी सहयोग से शहर के विकास के लिए एक होना तो दूर भाजपा के पार्षद ही खुद के बोर्ड

By: शंकर शर्मा

Published: 23 Dec 2015, 11:45 PM IST

जालोर. नगरपरिषद में इस बार के बोर्ड की कहानी दिनों दिन नए मोड़ आ रहे हैं। आपसी सहयोग से शहर के विकास के लिए एक होना तो दूर भाजपा के पार्षद ही खुद के बोर्ड में हुए कार्यों से नाखुश नजर आ रहे हैं। दो दिन पहले ही भाजपा के दर्जन भर पार्षदों ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर पालिका अधिनियम 2009 के तहत बिना बोर्ड की मीटिंग व प्रशासनिक मीटिंग के स्टेट ग्रांट एक्ट व कृषि भूमि पर नियमन के पट्टे अवैध रूप से जारी करने को लेकर शिकायत की थी, लेकिन इस बारे में कुछ नहीं होता देख बुधवार को इन सभी पार्षदों ने एसीबी के पुलिस उपअधीक्षक अन्नराजसिंह राजपुरोहित को ज्ञापन सौंपकर परिषद में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।

इस दौरान पार्षद सूरजमल सुथार, वेलाराम, जितेंद्रकुमार प्रजापत, हंसमुख नागर, फूलाराम, अम्बालाल व्यास, चन्दनसिंह व भैरूसिंह गुर्जर मौजूद थे। सभी पार्षदों का कहना था कि बोर्ड की एक भी बैठक में नियमन की पत्रावलियां पेश ही नहीं हुई, जबकि ढेरों पट्टे जारी कर दिए गए। ऐसे में परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार से आम आदमी के काम नहीं हो पा रहे हैं। जबकि धनाढ्य वर्ग पैसों के दम पर बिना किसी नियम कायदों के काम करवा रहे हैं।

भूमि शाखा को सील करने करने की मांग
एसीबी में शिकायत के बाद नगरपरिषद पहुंचे भाजपा पार्षदों ने कार्यालय सहायक को आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया गया कि नगरपरिषद क्षेत्र में बिना बोर्ड के प्रस्ताव के भूमि शाखा से नियमन के अवैध पट्टे जारी किए जा रहे हैं। पार्षदों ने इस बारे में जानकारी ली तो भूमि शाखा में पट्टा रजिस्टर ही नहीं मिले।

पट्टा रजिस्टरों में भी गोलमाल
नगरपरिषद की ओर से जारी किए जाने वाले पट्टों को पंजीयन विभाग में रजिस्टर्ड कराया जाता है। जबकि यहां भी अलग-अलग रजिस्टर संख्या 34 व 36 से जारी नियमन के पट्टे रजिस्टे्रशन के लिए पहुंचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को भूमि शाखा में पट्टा रजिस्टर संख्या 34 में अंतिम पट्टा संख्या 281 की जानकारी दर्ज थी। इसके बाद के सभी पन्ने खाली पड़े थे, लेकिन पंजीयन विभाग में पट्टा रजिस्टर संख्या 36 से भी जारी नियमन के पट्टे रजिस्टर्ड हुए हैं।

रजिस्टर के लिए अड़े पार्षद
नगरपरिषद पहुंचने के बाद भाजपा पार्षदों ने भूमि शाखा के लिपिक से पट्टा रजिस्टर दिखाने की मांग की। जबकि पट्टा रजिस्टर उपसभापति मंजू सोलंकी ने चेम्बर में जांच के लिए मंगवा रखा था। सोलंकी का कहना था कि रजिस्टर में किसी तरह की छेड़छाड़ ना हो इसलिए रजिस्टर उनकी देखरेख में रहेगा, जबकि भाजपा पार्षद रजिस्टर देखने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक बहस के बाद भूमि शाखा के लिपिक माणकलाल ने पट्टा रजिस्टर लाकर भाजपा पार्षदों को दिखाया।

खुद के ही रिश्तेदारों के पट्टे भी शामिल
भाजपा पार्षदों ने एसीबी में 11 अलग-अलग मामलों में पट्टे जारी करने की शिकायत कर जांच कराने की मांग की है। जबकि खास बात तो यह है कि भाजपा के कुछ पार्षदों के रिश्तेदारों व परिचितों के नियमन के पट्टे भी इसी बोर्ड में जारी हुए हैं। इस तरह एक तरह से भाजपा पार्षद नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने की शिकायत कर रहे हैं तो दूसरी ओर उनके ही रिश्तेदारों के पट्टे बनवाए गए हैं।

नियमन के सभी पट्टों की हो जांच
भाजपा पार्षदों की ओर से ज्ञापन में 11 मामलों में जांच कराने की मांग की जा रही है। जबकि बिना बैठक व प्रस्ताव के इस बोर्ड में जारी नियमन के सभी पट्टों की जांच होनी चाहिए। बुधवार को ही नियमन पट्टा रजिस्टर में एक पार्षद के रिश्तेदार का पट्टा बनवाया जा रहा था। जिसके बाद मैंने रजिस्टर चेम्बर में मंगवाया था। जिस पर सम्बंधित व अन्य पार्षद रजिस्टर के लिए अड़ गए। मंजू सोलंकी, उपसभापति, नगरपरिषद जालोर
शंकर शर्मा
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