भीनमाल में इसलिए मारा गया था युवक और फिर...

Jitesh kumar Rawal

Updated: 10 May 2019, 12:08:14 PM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. प्रेम सम्बंधों में खटास आने के बाद प्रेमी ने अपनी प्रेमिका के वीडियो व फोटोग्राफ्स वायरल किए तो जान गंवानी पड़ी। पुलिस कांस्टेबल प्रेमिका ने अपने पुलिसकर्मी भाई के साथ मिलकर प्रेमी को रास्ते से हटाने के लिए फुलप्रुफ प्लान तैयार किया, लेकिन एक चूक में धर लिए गए। हत्या के इस पूरे मामले को एक्सीडेंट का रूप देने के लिए ड्रामा रचाया, लेकिन संदेह के आधार पर जांच हुई तो एक ही क्लू ने इस जाल को तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी महिला कांस्टेबल समेत दो जनों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी पुलिस कांस्टेबल फरार है।
पुलिस अधीक्षक केसरसिंह शेखावत ने बताया कि गत 18 अप्रेल की रात भीनमाल- बागोड़ा रोड़ पर एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। पास ही एक क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल व कुछ ही दूरी पर उसका मोबाइलपड़ा मिला। मृतक की पहचान कावाखेड़ा (दांतीवास-भीनमाल) निवासी भजनलाल पुत्र वगताराम विश्नोई के रूप में की गई तथा प्रथमदृष्टया सड़क दुर्घटना का मामला प्रतीत हो रहा था। मृतक के परिजनों की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसमें तथ्य उजागर हुआ कि यह सामान्य दुर्घटना न होकर मृतक भजनलाल के साथ एक युवती से रहे प्रेम प्रसंग व संबंधों में खटास आने से उपजी नाराजगी के कारण हत्या का मामला है। ऐसे में जांच शुरू की गई तो क्लू सामने आए। इसके बाद हत्या में शामिल प्रेमिका महिला कांस्टेबल श्रवणी व सहयोगी वाहन मालिक डीगांव (करडा) निवासी अशोक पुत्र मोहनलाल विश्नोई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।मुख्य आरोपी व प्रेमिका का भाई कांस्टेबल दांतीवास (भीनमाल) निवासी सुरेशकुमार पुत्र सालूराम विश्नोई फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी गिरफ्त में आने पर अन्य तथ्य सामने आ सकेंगे तथा और भी सहयोगी गिरफ्त में आ सकते हैं।
चुनाव कार्य की आड़ में लाए वाहन
बताया गया कि मुख्य आरोपी सुरेश कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम की व्यूह रखना तैयार की।सुमन नाम से चलाई जा रही आइडी से भजनलाल को फांसा गया। इसके बाद उसे मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान आरोपी ने एक व्यक्ति से कई दिन पहले ही एक वाहन किराए पर लिया। उसे बताया कि वाहन का चुनाव कार्य के लिए अधिग्रहण किया जा रहा है। मामला खुलने पर बचाव के लिए वाहन मालिक ने फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवाए, ताकि वाहन किसी अन्य को देना बताया जा सके। लेकिन, चाल में कामयाब नहीं हो पाए। कड़ी पूछताछ में टूट गए तथा पूरा मामला खुल गया।
महिला कांस्टेबल पुलिस रिमांड पर
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में अभी तक गिरफ्त में आए महिला कांस्टेबल श्रवणी पुत्री सालूराम विश्नोई व वाहन मालिक अशोक पुत्र मोहनलाल विश्नोई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड पर सौंपा गया। मुख्य आरोपी सुरेशकुमार की गिरफ्तारी शेष है। उसके गिरफ्त में आने पर अन्य तथ्य और मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की पहचान हो सकेगी।
चुनाव ड्यूटी में गया हनुमानगढ़, वापस नहीं आया
मुख्य आरोपी सुरेश कुमार की चुनाव कार्य के लिए हनुमानगढ़ जिले में ड्यूटी थी। निर्धारित दिवस पर वह टीम के साथ रवाना हो गया, लेकिन इसी दौरान जालोर पुलिस ने जांच करते हुए सिरोही जिले में दबिश दी। इसी भनक मिलते ही सुरेशकुमार हनुमानगढ़ से ही फरार हो गया। बताया गया कि उसे पहले से ही इसका आभास हो गया था इसलिए वह अपना सामान भी यहां से ले गया था। पुलिस ने सिरोही के पिण्डवाड़ा थाने में कार्यरत कांस्टेबल श्रवणी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। सुरेशकुमार सिरोही के ही रेवदर थाने में कार्यरत था, जो गिरफ्त से दूर है। वाहन मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया। अब फरार चल रहे आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
सुमन के लिए भटिंडा से आया था भजनलाल
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने मृतक को फांसने के लिए फेसबुक पर सुमन नाम से फेंक आइडी बनाई तथा उससे लगातार चैटिंग की। जाल में फांसने के बाद भजनलाल को वियो का गोलिया (भीनमाल) बुलाया। भजनलाल भटिंडा (पंजाब) में काम करता था और उसे योजना के तहत उसे 18 अप्रेल को सुबह से ही निरन्तर चैटिंग करते हुए हुलिया, पहने हुए कपड़े, आने के साधन, जगह आदि की जानकारी लेते हुए 18 व 19 अप्रेल की रात को मिलने के लिए समय तय किया। भीनमाल से जुंजाणी रोड स्थित वियो का गोलिया बुलाया गया। यहां वारदात को अंजाम दिया गया।
क्लू को आधार बनाया तो खुली परत दर परत
सड़क हादसे के मामले में हत्या का आरोप लगने पर पुलिस ने अन्य पहलुओं पर जांच की। इस पर सामने आया कि आरोपी सुरेशकुमार को उसी दिन जसवंतपुरा थाना इलाके में देखा गया था। घटनास्थल के आसपास के एरिया में सीसी टीवी फुटेज के आधार पर यह वाहन देखा गया था। मृतक के आने से लेकर उसकी मौत तक की अवधि तक इस वाहन से रैकी चलती रही। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि जसवंतपुरा थाना क्षेत्र में एक जगह नाकाबंदी चल रही थी। इस वाहन को वहां पुलिस ने रुकवाया तो अंदर सुरेशकुमार बैठा मिला। नाकाबंदी कर रहे कांस्टेबल ने अपने सीनियर को स्टाफ का हवाला देते हुए इस वाहन को रवाना कर दिया। पुलिस ने इस क्लू को आधार मानते हुए अपनी जांच आगे बढ़ाई तो हत्या के इस मामले में एक के बाद एक परत खुलती गई।

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