बेहतर पुलिसिंग के लिए तय की तीन-तीन प्राथमिकताएं

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By: Jitesh kumar Rawal

Published: 03 Jan 2020, 09:13 AM IST

संगठित व जघन्य अपराध की दर में कमी लाने के प्रयास, नए कलेवर में नजर आएंगे पुलिस के प्रशासनिक प्रबंध


जालोर. यदि सब कुछ ठीक रहा तो पुलिस इस साल नए कलेवर में नजर आएगी। पुलिस ने नए साल की शुरुआत में ही अपनी प्राथमिकता तय कर ली है। इसमें जघन्य व संगठित अपराध की त्वरित रूप से रोकथाम करने से लेकर पुलिसकर्मियों को अच्छा माहौल देना भी शामिल है। पुलिस ने अपनी प्राथमिकता तय करते हुए पुलिसकर्मियों की तकनीकी कार्य दक्षता में वृद्धि करना, पुलिस थानों में स्वागत कक्ष, अन्य जन केंद्रित सुविधाओं का विकास करना, पुलिस परिसर में पुलिसकर्मियों व उनके परिजनों के लिए कल्याणकारी गतिविधियों का विकास करना शामिल किया है। इसी तरह अपराध सम्बंधी मामलों की रोकथाम को लेकर भी प्राथमिकता तय की है। त्वरित अनुसंधान एवं सफल अभियोजन के लिए समन्वित प्रयास करने, महिला, बच्चे व कमजोर वर्ग के विरुद्ध अपराध का त्वरित अनुसंधान एवं प्रभावी रूप से नियंत्रण करने, सड़क दुर्घटनाओं में मृतक संख्या में कमी लाने के प्रयास किए जाने को प्राथमिकता में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इससे संगठित व जघन्य अपराध की दर में काफी हद तक कमी लाई जा सकेगी। साथ ही पुलिसकर्मियों एवं थाने तक आने वाले पीडि़त व लोगों को स्वच्छ माहौल मिल सकेगा। पुलिस अधीक्षक हिम्मत अभिलाष टांक ने गुरुवार को इस सम्बंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपराध की रोकथाम एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी दी। इस दौरान एएसपी सत्येंद्रपाल सिंह, डीएसपी जयदेव सिहाग भी मौजूद रहे।


जारी रखेंगे सफलता का सिलसिला
एसपी ने बताया कि बीते वर्ष में भी जिला पुलिस ने पहले की अपेक्षा बेहतर कार्य किया है। विभिन्न अधिनियम के तहत अच्छी सफलता हासिल की गई है। इसके तहत मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले सलाखों में डाले गए हैं तो वारदात के बाद छिप गए अपराधियों को भी बेनकाब किया गया है। इस सिलेसिले को इस साल भी लगातार जारी रखा जाएगा तथा और बेहतर कार्य करने का भरोसा दिलाया।


पहली बार पकड़ी अफीम की खेती व टेबलेट्स
एसपी ने बताया कि जालोर जिला पुलिस ने पहली बार अफीम की खेती पकड़ी। साथ ही नशीली दवाइयों की खेप पकडऩे का मामला भी पहली बार सामने आया। इस तरह की कार्रवाई से मादक पदार्थों का पूरा रैकेट बेनकाब हुआ है। एनडीपीएस एक्ट के तहत जिला पुलिस ने वर्ष-2018 में जहां 67 प्रकरण किए थे, वहीं वर्ष-2019 में 72 प्रकरण दर्ज किए। आम्र्स एक्ट के तहत वर्ष 2019 में 43 प्रकरण दर्ज किए गए, जो वर्ष 2018 की तुलना में 25 प्रकरण अधिक है। इसी तरह अवैध खनन की रोकथाम के लिए वर्ष 2019 में 304 वाहन जब्त किए गए, जो वर्ष 2018 की तुलना में 139 वाहन अधिक है। वर्ष 2019 में अवैध खनन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 170.98 लाख रुपए का जुर्माना वसूलकर राजकोष में जमा करवाया गया।

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