जालोर से भेजी ट्रैंकुलाइजर गन, लेकिन चलाने वाला नहीं, पैंथर को पकडऩे जोधपुर से बुलाने पड़े एक्सपर्ट

जालोर से भेजी ट्रैंकुलाइजर गन, लेकिन चलाने वाला नहीं, पैंथर को पकडऩे जोधपुर से बुलाने पड़े एक्सपर्ट

Binjaram Ram Dudi | Publish: Feb, 15 2018 10:49:23 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

बिना संसाधान के ही मौके पर पहुंच गए अधिकारी व वन विभाग की टीम

जालोर/हाड़ेचा (सांचौर). सांचौर के नेहड़ क्षेत्र में एक बार फिर से पैंथर पहुंचा और युवक को घायल कर दिया। जानकारी के अनुसार बावरला सरहद में गणेशियां नाडी में बुधवार सवेरे तेंदुए ने एक युवक पर हमला कर दिया। जिससे वह घायल हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम बिना संसाधान के होने से पैंथर को कब्जे में नहीं ले पाई। ऐसा नहीं है कि पैंथर को बेहोश करने के लिए वन विभाग के पास संसाधन नहीं है। विभाग के पास इसके लिए ट्रैंकुलाइजर गन है, लेकिन करीब दो साल से गन विभाग में केवल रेकर्ड में ही पड़ी है। आज तक इसका प्रशिक्षण केवल कागजी ही रहा। इस हालात में वन विभाग जालोर से टीम यह ट्रैंकुलाइजर गन लेकर पैंथर को पकडऩे के लिए पहुंची जरुर, लेकिन कार्मिकों को इसका प्रशिक्षण नहीं मिलने से यह उपयोगी साबित नहीं हुई।ऐसे में जोधपुर से टीम बुलवानी पड़ी। यह पहला मौका नहीं है। नेहड़ क्षेत्र में दो सालों में कई बार पैंथर आ चुके हैं। जिसके बाद उसे पकडऩे के लिए जोधपुर से ही टीम को बुलवाना पड़ा। इससे पूर्व सूचना पर सांचौर तहसीलदार पितांबरदास राठी ने मौका स्थल पर पहुंचकर कर स्थिति का जायजा लिया। यह तेन्दुआ गुजरात के रास्ते से बुधवार सवेरे करीब 7 बजे घुसा था। उसके बावजूद भी उक्त तेन्दुए को पकडऩे के लिये वन विभाग उपाय करने की बजाय संसाधनो का अभाव बताते हुए हाथ पर हाथ पर धरे बैठे रहे। इधर, वहीं गणेसिया नाडी बावरला सरहद में पैंथर के हमले का शिकार हुए युवक अशोक कुमार पुत्र डूंगराराम को सांचौर अस्पताल में भर्ती करवाया।
तड़के ढाई बजे सीलू क्षेत्र से किया था प्रवेश
पड़ौसी राज्य गुजरात के गांवो में खौफ फैलाता हुआ तेन्दुआ सीलू गांव के रास्ते से बुधवार रात्रि तड़के करीब ढाई बजे प्रवेश हुआ था। जिसकी सूचना गुजरात वन विभाग ने स्थानीय रैंजर व वन विभाग को दे दी थी। जिसको लेकर वन विभाग की टीम रैंजर लालचंद राणावत के नेतृत्व में गजरात सीमा से पगमार्क के आधार पर तेन्दुए का पीछा कर रहे थे। इस दौरान ग्रामीणो का भी सहयोग लिया। इस दौरान बावरला सरहद में गणेशिया नाडी के पास युवक पर हमला करने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
इससे पूर्व भी क्षेत्र में आ चुके हैं तेन्दुए
वर्ष 2015 में क्षेत्र के सुरावा, लाछीवाड़ क्षेत्र में तेंदुआ घुस जाने से खेत में कार्य करने वाले लोगों पर हमला किया था। जिसको भी कड़ी मशक्कत के बाद करीब दो दिन बाद जोधपुर की टीम ने टैं्रकुलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ा था।
घेरा, लेकिन पकडऩे की नहीं हुई हिम्मत
अल सवेरे से ही क्षेत्र में तेन्दूए के आने की सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम महज फूटमार्क के आधार पर खोजबीन करती रही, पर तेन्दुए को पकडऩे के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की। युवक पर हमला करने की वारदात के बाद विभाग सक्रिय हुआ और ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुए को घेरे रखा, किन्तु संसाधन के अभाव में उसे पकडऩे की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
इनका कहना है...
ग्रामीणो ने पैंथर द्वारा युवक पर हमला कर घायल करने की सूचना पर मौका स्थल देखा। विभाग ने बाहर से पैंथर को पकडऩे के लिए टीम बुलाई है। ग्रामीणो ने भी पहरा बना रखा है ताकि पैंथर बाहर नहीं भागे।
पिताम्बरदास राठी, तहसीलदार
नहीं है एक्सपर्ट...
सांचौर क्षेत्र में पैंथर आने की सूचना पर विभाग के कार्मिकों की टीम पहुंच चुकी है। टैं्रकुलाइजर गन भी भेजी गई हैं, लेकिन स्टाफ पूरी तरह से एक्सपर्ट नहीं है। चूंकि बेहोशी के लिए निश्चित मात्रा में डोज देना पड़ता है। इसके लिए जोधपुर से टीम पहुंच रही है।
- अनिता, उप वन संरक्षक, जालोर

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