विधायकों को रास नहीं आ रहा रोडवेज का सफर

विधायकों को रास नहीं आ रहा रोडवेज का सफर
Travelling in Roadways buses by MLA

Dharmendra Ramawat | Updated: 27 Apr 2018, 10:42:57 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

निजी लग्जरी वाहनों से करते हंै राजधानी की यात्रा

गोविंदसिंह जैतावत
भीनमाल. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क यात्रा करना विधायकों को रास नहीं आ रहा है। लोकतंत्र में जनता की ओर से आम से खास बने विधायक व सांसद सरकार की इस सुविधा का उपयोग करने में रुचि नहीं दिखा रहे हंै। रोडवेज में विधायक के लिए प्रथम दो सीटे होती है। विधायक आमतौर पर लग्जरी गाडिय़ों में सवारी करते है। ऐसे में रोडवेज की सवारी उन्हें नहीं भा रही है। पूर्व व वर्तमान सांसद व विधायकों को रोडवेज बसों में प्रदेश व राष्ट्रीय राजधानी में नि:शुल्क यात्रा की कूपन आधारित सुविधा दी हुई है। विधायकों की बस यात्रा के खर्च, किराए का पुनर्भरण विधानसभा सचिवालय से रोडवेज को किया जाता है। इस सुविधा में विधायक व सांसद के साथ एक सहयोगी को भी नि:शुल्क यात्रा की सुविधा मिली हुई है। यात्रा के दौरान विधायक व सांसद के विधानसभा व संसद से जारी कूपन परिचालक को देना होता है। इसके एवज में मुख्य यात्रा टिकट के साथ सहयोगी का टिकट भी जारी होता है। रोडवेज के जालोर डिपो के अनुसार बीते एक वर्ष में जिले के पांच मे से केवल एक विधायक ने रोडवेज बस से यात्रा की है। जबकि, चार विधायकों ने एक भी निर्वाचन क्षेत्र या जालोर डिपो से राजधानी तक यात्रा नहीं की है।
सबसे ज्यादा पूर्व विधायक गर्ग की यात्रा
जालोर आगार के अधिकारियों के मुताबिक बस में एक व दो नम्बर की सीट विधायक व सांसद के लिए आरक्षित रहती है, लेकिन वर्तमान में जिले के पांच विधायकों में से सांचौर विधायक ने जालोर आगार से दो बार यात्रा की है। जबकि चार विधायकों ने एक बार भी जालोर आगार से रोडवेज की यात्रा नहीं की। पूर्व विधायक ही बस से यात्रा करते हैं। पूर्व विधायकों में जोगेश्वर गर्ग ने सबसे अधिक बार रोडवेज में यात्रा की है। पूर्व विधायक गर्ग ने एक साल में 21 बार रोडवेज से यात्रा की।
सत्ता पक्ष की रोडवेज में रुचि नहीं
जिले में सांचौर के अलावा अन्य सभी विधायक सत्ता पक्ष से हैं।रोडवेज के आंकड़े देखे जाए तो जालोर विधायक की एक यात्रा के अलावा सत्ता पक्ष से जुड़े किसी भी विधायक ने जालोर से रोडवेज के सफर में रुचि नहीं ली। सांचौर विधायक ने भी जरूर कुछ यात्राएं की हैं। विधायकों का मानना है कि जयपुर आवाजाही करते समय अन्य लोग भी साथ रहते हैं, इसलिए निजी वाहन से ही जाना होता है। लिहाजा रोडवेज में नहीं बैठ पाते।
निजी गाड़ी से करते यात्रा...
एक साल में रोडवेज से राजधानी के लिए यात्रा नहीं की। जयपुर यात्रा के दौरान चार-पांच कार्यकर्ता या अन्य साथ होते है तो निजी गाड़ी से यात्रा करते हंै।
- पूराराम चौधरी, विधायक, भीनमाल
तब फालना से की यात्रा...
कई बार फालना से ट्रेन नहीं मिलने पर फालना डिपो से जयपुर के लिए यात्रा की है। जालोर डिपो की रोडवेज बस से यात्रा नहीं हो पाई।
-शंकरसिंह राजपुरोहित, विधायक, आहोर
बस से यात्रा नहीं की...
सरकार की ओर से रोडवेज में नि:शुल्क यात्रा के कूपन मिलते है, लेकिन यात्रा की नहीं। राजधानी की ज्यादातर यात्रा निजी वाहन से ही होती है।
-नारायणसिंह देवल, विधायक-रानीवाड़ा
दस बार जा चुका हूं...
सरकार की ओर से रोडवेज में नि:शुल्क यात्रा का लाभ लेता हूं। रोडवेज के कूपन से दस-पंद्रह बार राजधानी की यात्रा की है।
- सुखराम बिश्नोई, विधायक, सांचौर
एक बार की थी...
करीब पांच माह पहले जालोर से जयपुर के लिए बस पकड़ी थी।वहां से दिल्ली के लिए भी बस से सफर किया था।
-अमृता मेघवाल, विधायक जालोर
ज्यादातर पूर्व ही आते हैं...
रोडवेज में वर्तमान विधायक कम ही यात्रा करते है। पूर्व विधायक या सांसद ही रोडवेज में यात्रा करते है। एक साल में सांचौर विधायक ने दो बार रोडवेज से यात्रा की।
-यशवंत सिंघारिया, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज डिपो, जालोर

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