दासपां में भागवत सप्ताह, बह रही ज्ञान की गंगा

Dharmendra Ramawat

Updated: 26 Feb 2019, 01:03:48 PM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

भीनमाल. दासपां गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान गंगा सत्संग के तहत सोमवार को कथावाचक वेदान्ताचार्य डॉ. ध्यानाराम महाराज ने कहा कि कर्म सबसे बड़े है। जो जैसे कर्म करते है, उनको वैसा ही फल मिलता है। जो अच्छे कर्म करता है उसे जल्द मुक्ति मिलती है।
इसलिए कर्म हमेशा अच्छे करने चाहिए। उन्होंने कहा कि वाणी व व्यवहार से मनुष्य की पहचान होती है। जो मनुष्य अच्छी वाणी व व्यवहार करता है, उसे मान-सम्मान मिलता है। महाराज ने राजा दक्ष व सती माता की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि अहंकार मनुष्य का नाश करता है। अहंकार के कारण ही राजा से लेकर रंक तक का नाश हो गया। उन्होनें कहा कि जिस घर में रामनाम का जप होता है, उस घर में हमेशा शांति का माहौल बना रहता है। महाराज ने कहा कि हमेशा बड़ो का सम्मान करना चाहिए।
सम्मान व आदर से मनुष्य के संस्कार का पता चलता है। महाराज ने कहा कि एक अधर्म के कारण कई जन्मों के धर्म छिप जाते है। उन्होनें राजा पृथ्वी की कथा का सुंदर वर्णन किया। भागवत कथा के दौरान भक्तिगीतों से पूरा पाण्डाल गूंज उठा। इस मौके ब्रजेश राजपुरोहित, रूपाराम, सुमेरमल, हेमराज पुरोहित, जोईताराम, खेमराज, वचनाराम, सुरेश भाई, नाथुराम, पीराराम राईगर व रामाराम पुरोहित सहित कई लोग मौजूद थे।
घर-घर करते है दीप प्रज्वलन
भागवत कथा के बाद पूरे गांव में शाम को दीप प्रज्जवलन होता है। महाराज शाम को घर-घर जाकर दीप प्रज्जवलन करते है। महाराज का कहना है दीप प्रज्जवलन से घर व पडोस मे रोशनी व सकारात्मकता का माहौल्ल बनता है। भागवत कथा के तहत शाम को आरती के बाद संस्कार शिविर का आयोजन होता है। जिसमें महाराज द्वारा संस्कारवान परिवार का निर्माण करने के बारे में प्रवचन दिया जाता है।

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