सालभर से तालाब में दूषित पानी, आसपास के कुओंं में भी हो रहा बदबूदार

सालभर से तालाब में दूषित पानी, आसपास के कुओंं में भी हो रहा बदबूदार
सालभर से तालाब में दूषित पानी, आसपास के कुओंं में भी हो रहा बदबूदार

Dharmendra Ramawat | Updated: 22 Aug 2018, 10:34:34 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

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भीनमाल. शहर का ऐतिहासिक जाकोब तालाब प्रशासनिक की उदासीनता की भेंट चढ़ रहा है। तालाब में शहर का गंदा पानी पहुंचने से तालाब का शुद्ध पानी भी दूषित हो रहा है।
तालाब के पानी से अजीब सी दुर्गन्ध फैल रही है। इतना हीं नहीं दूषित पानी का आस-पास के कुएं, ट्यूबवैल व बावडिय़ां भी बदबूदार पानी उगल रहे है। ऐसे में इन पानी से लोगों को कई प्रकार की बीमारियंा की आशंका फैल रही है। इसके अलावा तालाब के पानी से उठ रही दुर्गन्ध के चलते दर्जनभर मौहल्लों में निवास करने वाले लोगों व दुकानदारों का दम घुट रहा है। 12.30 हैक्टेयर में फैला जाकोब तालाब का अमृत के समान पानी दूषित हो गया है। पानी में गदंगी की वजह से पानी का रंग भी बदल गया है। इतना कुछ होने के बाद भी इस तालाब की कोई सुंध लेने वाला नहीं है। भामाशाह की ओर से गत साल लाखों रुपए खर्च कर जाकोब तालाब की कायाकल्प की, लेकिन अब यह तालाब प्रशासनिक उदासीनता की भेट चढ़ रहा है। दुर्गन्ध के चलते तालाब के आस-पास निवास करने वाले लोगों के लिए यह गंदा पानी बड़ी समस्या बन गया है। यहां पर नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर, शहर की प्राचीन दादेली बावड़ी, मस्जिद व श्रीमाली समाज की बगेची भी है। ऐसे में यहां पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचते है। यहां पर हर माह कई धार्मिक व सांस्कृतिक कार्र्यक्रम भी होते है। इसके अलावा यहां पर राजकीय चिकित्सालय व दो उच्च प्राथमिक विद्यालय भी स्थित है। दुर्गन्ध के चलते लोग तालाब के पास गुजरने से भी कतराते है। तालाब में चार बावडिय़ां भी है। लोगों की शिकायत पर पालिका की ओर से तालाब की सफाई के नाम पानी में महज फिटकरी ही डाल रहे है। दुकानदार गणपत बंजारा ने बताया कि बांध का पानी एक समय में शहरवासियों के हलक तर करने का मुख्य जलस्रोत था, लेकिन अब उदासीनता की भेट चढ़ रहा है। पानी में गंदगी की वजह से दुर्गन्ध फैल रही है।
भामाशाह ने तालाब का करवाया था जीर्णाेद्धार
जाकोब तालाब की बदहाल हालत के चलते मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के तहत शहर के दो दानदाताओं ने तालाब का जीर्णोद्धार करवाया। भामाशाह ने नाहर ग्रुप व कोठारी परिवार स्वयं के स्तर से 50 लाख रुपए व्यय कर तालाब की पाल की पिचिंग, घाट निर्माण व गहरा करवाया। बारिश के समय बांध लबालब भी हो गया। शहरवासियों को उम्मीद थी कि तालाब की पाळ पर दो पल सकुन से गुजार सकेंगे, लेकिन गंदा पानी पहुंचने से लोगों के लिए तालाब का पानी बड़ी परेशानी बन गया है। इसके अलावा नगरपालिका ने भी तालाब के सौन्दर्र्यकरण के लिए करीब 20 लाख रुपए खर्च कर लाइटिंग व इण्टरलोकिंग ब्लॉक लगाएं। इसके अलावा नीमगोरिया ट्रस्ट की ओर से तालाब के चारो तरफ तारबंदी भी करवाई।
दुर्गन्ध से इन मौहल्लों के लोग हो रहे है बेहाल
जाकोब तालाब के पानी से फैल रही दुर्गन्ध से शहर के बंजारा मौहल्ला, भावड़वाव, जुंजाणी बस स्टैण्ड रावों का मौैहल्ला, बाबा रामदेव कॉलोनी गुन्दरिया, पूनासा रोड भाटों का वास, गौड़ीजी रोड व सादुला बैरा के लोग बेहाल हो रहे है।
दुकानों में बैठना मुश्किल
तालाब के पानी से दूर-दूर तक अजीब से दुर्गन्ध फैल रही है। तालाब में गंदा पानी पहुंचने से दुकानों में बैठना मुश्किल हो गया है। आस-पास के कुएं व ट्यूबवैल भी बदबूदार पानी उगल रहे है।
- प्रवीण सोलंकी व प्रकाश सुंदेशा, दुकानदार
फटकरी डाली है...
तालाब के गंदे पानी से दुर्गन्ध फैल रही है, इसके लिए पानी में फटकरी डाली है। जिससे पानी से दुर्गन्ध मिट जाएगी। तालाब के पानी की सफाई भी करवाई जाएंगी। तालाब में गंदा पानी नहीं पहुंचे, इसके लिए गंदे पानी के नाले को डाईवर्ट करने के प्रयास चल रहे है।
- अरुण कुमार शर्मा, ईओ नगरपालिका-भीनमाल

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