यासीन मलिक समेत 7 पर आरोप तय, 30 साल पहले आतंकी हमले में मारे गए थे IAF अधिकारियों समेत 6 लोग

बता दें कि यह वो दौर था जब यासीन मलिक (Yasin Malik) की अगुवाई में (JKLF) जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (Jammu-Kashmir Liberation Front) आतंकी गतिविधियों में (Charges Filed Against JKLF Chief Yasin Malik In 1990 Terror Attack) सबसे आगे था...

By: Prateek

Published: 16 Mar 2020, 07:18 PM IST

जम्मू; जम्मू की टाडा कोर्ट ने 30 साल पुराने आतंकी हमले के मामले में अलगाववादी नेता यासीन मलिक सहित सात लोगों पर आरोप तय किए है। सोमवार को इस मामले में सुनवाई हुई। अन्य आरोपियों में अली मुहम्मद मीर, मंजूर अहमद सोफी उर्फ मुश्तफा, जावेद अहमद मीर उर्फ नालका, नाना जी उर्फ सलीम, जावेद अहमद जरगर व शौकत अहमद बख्शी शामिल है।

 

इन धाराओं के तहत आरोप हुए तय...

सूत्रों के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307 आरपीसी, धारा 3 (3) और टाडा अधिनियम, 1987 की धारा 4 (1) और शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 7/27 और धारा 120-बी आरपीसी के तहत आरोप तय किए गए है।

 

गौरतलब है कि 25 जनवरी 1990 को रावलपोरा में सनत नगर क्रॉसिंग पर एयरफोर्स अधिकारी रवि खन्ना अन्य अधिकारियों व जवानों के साथ गाड़ी के इंतजार में खड़े थे। तभी वहां पहुंचे आतंकियों ने इन पर गोलीबारी शुरू कर दी। मरने वालों में एयरफोर्स अधिकारी रवि खन्ना समेत चार अन्य जवान व दो स्थानीय नागरिक शामिल थे। तत्कालीन सरकार ने मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी थी। जांच में यासीन मलिक समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए। बता दें कि यह वो दौर था जब यासीन मलिक की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट आतंकी गतिविधियों में सबसे आगे था। यासीन मलिक पर रुबिया सईद का अपहरण करने का भी आरोप है।

Show More
Prateek Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned