Dussehra: गली-गली जलेगा रावण, जानिए मुहूर्त और मान्यताएं

Dussehra: गली-गली जलेगा रावण, जानिए मुहूर्त और मान्यताएं
Dussehra: गली-गली जलेगा रावण, जानिए मुहूर्त और मान्यताएं

Nitin Bhal | Updated: 07 Oct 2019, 05:51:52 PM (IST) Jammu, Jammu, Jammu and Kashmir, India

Dussehra: विजयदशमी या दशहरा ( Dussehra 2019 ) हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है। यह असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने...

श्रीनगर. विजयदशमी या दशहरा हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है। यह असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने दशमी के दिन 10 सिर वाले लंका नरेश रावण को मार गिराया था। यही नहीं इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर नाम के दानव का वध कर उसके आतंक से देवताओं को मुक्त किया था। नवरात्र के नौ दिनों के बाद 10वें दिन नौ शक्तियों के विजय के उत्सव के रूप में विजयदशमी मनाई जाती है। शरद नवरात्र के 10वें दिन और दीपावली से ठीक 20 दिन पहले दशहरा आता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को विजयदशमी या दशहरे का त्योहार मनाया जाता है। इस बार दशहरा 8 अक्टूबर 2019 को है।

दशहरा की तिथि और शुभ मुहूर्त

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दशमी तिथि प्रारंभ: 07 अक्टूूबर 2019 को दोपहर 12 बजकर 58 मिनट से दशमी तिथि समाप्त 07 अक्टूबर 2019 को दोपहर 02 बजकर 50 मिनट तक।
विजय मुहूर्त: 08 अक्टूबर 2019 को दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से दोपहर 02 बजकर 51 मिनट तक। कुल अवधि 46 मिनट की है।
अपराह्न पूजा का समय: 08 अक्टूबर 2019 को दोपहर 01 बजकर 18 मिनट से दोपहर 03 बजकर 37 मिनट तक। कुल अवधि: 02 घंटे 19 मिनट

दशहरा का महत्व

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दशहरा का धार्मिक महत्व तो है ही लेकिन यह त्योहार आज भी बेहद प्रासंगिक है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। आज भी कई बुराइयों के रूप में रावण जिंदा है। यह त्योहार हमें हर साल याद दिलाता है कि हम बुराई रूपी रावण का नाश करके ही जीवन को बेहतर बना सकते हैं। महंगाई, भ्रष्टाचार, व्यभिचार, बेईमानी, हिंसा, भेदभाव, ईष्र्या-द्वेष, पर्यावरण प्रदूषण, यौन हिंसा और यौन शोषण जैसी तमाम ऐसी बुराइयां हैं जो आज भी अपना अट्टाहस कर मानवता और सभ्य समाज को चुनौती दे रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम दशहरा के दिन इनको जड़ से खत्म करने का संकल्प लें। तभी हम सही मायनों में दशहरा की महत्ता को समझ पाएंगे।

दशहरा के दिन पूजा की परंपरा

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दशहरा का विजय मुहूर्त सर्वकार्य सिद्धिदायक होता है। मान्यता है कि शत्रु पर विजय प्राप्त करने के लिए इसी समय निकलना चाहिए। विजय मुहूर्त में गाड़ी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, आभूषण और वस्त्र खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस मुहूर्त में कोई भी नया काम किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। इस दिन शस्त्र पूजा के साथ ही शमी के पेड़ की पूजा की जाती है। साथ ही रावण दहन के बाद थोड़ी सी राख को घर में रखना शुभ माना जाता है।

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