रमजान के महीने में सैन्य कार्रवाई पर रोक हो, आतंकी ना करें हमला: महबूबा

रमजान के महीने में सैन्य कार्रवाई पर रोक हो, आतंकी ना करें हमला: महबूबा
mufti in pc

Prateek Saini | Publish: May, 04 2019 09:12:43 PM (IST) | Updated: May, 04 2019 09:12:44 PM (IST) Jammu, Jammu, Jammu and Kashmir, India

बीते साल जब केंद्र सरकार ने घाटी में सीजफायर का ऐलान किया था, उस वक्त राज्य में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार सत्ता में थी...

(श्रीनगर): जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीपल्स डेमॉक्रैटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सुरक्षाबलों और केंद्र सरकार से एक बार फिर घाटी में युद्ध विराम की घोषणा करने का ऐलान करने की मांग की है। रमजान के महीने की शुरुआत से पहले महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान सुरक्षाबलों से युद्ध विराम की अपील की है। महबूबा ने अपील में कहा है कि कश्मीर के लोगों को शांति देने और रमजान के पाक महीने को देखते हुए घाटी में रमजान के पूरे महीने आतंकी मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन जैसी कोई भी कार्रवाई ना की जाए। इसके अलावा महबूबा ने आतंकियों से भी रमजान के दौरान कोई हमला ना करने की अपील की।

 

महबूबा ने कहा, 'रमजान का महीना करीब है। इस पूरे महीने लोग दिन-रात इबादत करते हैं और मस्जिदों में जाते हैं। ऐसे में मैं सरकार से मांग करती हूं कि पिछले साल की ही तरह इस साल भी रमजान के महीने में घाटी में सीजफायर घोषित किया जाए। इस अवधि में घाटी में क्रैकडाउन और सर्च ऑपरेशन जैसी कोई कार्रवाई ना की जाए, जिससे कि जम्मू-कश्मीर के लोग आराम से यह पूरा महीना बिता सकें।'

 

आतंकियों से हमला ना करने की अपील

इसके अलावा महबूबा ने आतंकी संगठनों से भी अपील करते हुए कहा कि मैं आतंकवादियों से भी यह कहना चाहती हूं कि रमजान का महीना इबादत और दुआओं का महीना होता है, ऐसे में उनको भी इसका ख्याल करते हुए इस दौरान किसी भी तरह का आतंकी हमला नहीं होना चाहिए। बता दें कि महबूबा मुफ्ती के सीएम रहते हुए केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में बीते साल रमजान के महीने में सीजफायर का ऐलान किया था। जम्मू-कश्मीर में सीजफायर की घोषणा होने के बाद भी सुरक्षाबलों पर कई आतंकी हमले हुए थे। इसके अलावा कई बार आतंकियों ने स्थानीय नागरिकों को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी।


केंद्र सरकार ने पिछले साल किया था सीजफायर

बीते साल जब केंद्र सरकार ने घाटी में सीजफायर का ऐलान किया था, उस वक्त राज्य में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार सत्ता में थी। रमजान में सीजफायर के ऐलान को केंद्र सरकार द्वारा कश्मीर में शांति बहाली की कोशिश के रूप में देखा गया था। वहीं इस बार चुनाव के बीच महबूबा मुफ्ती द्वारा की गई सीजफायर की अपील को प्रदेश में उनके द्वारा सियासी फायदे का एक स्टंट माना जा रहा है।

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